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वाटर एप पर शिकायतें, सब इंजीनियरों को पता नहीं , पानी की समस्या से जूझ रहे लोग

24 घंटे सातों दिन पानी की शिकायत लेकर तुरंत निराकरण करने का दावा करने वाला नगर निगम का पीएचई सिस्टम स्लो हो गया है।...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:05 AM IST
24 घंटे सातों दिन पानी की शिकायत लेकर तुरंत निराकरण करने का दावा करने वाला नगर निगम का पीएचई सिस्टम स्लो हो गया है। वाटर एप पर शिकायत आने के बाद भी निराकरण करने वाले अधिकारी अपडेट नहीं हो रहे हैं। शिकायतों का निराकरण किए बिना ही उसे क्लोज कर दिया जा रहा है। ै। कुछ इस तरह के मामलों की पड़ताल करने पर सच्चाई रविवार को सामने निकलकर आई।

रविवार को शहर के जागरूक लोगों ने चार जगह पानी लीकेज की शिकायत वाटर एप पर डाउनलोड की। ये शिकायतें विवेक विहार, तारागंज शनिमंदिर के पास, जीवाजी चौक टाउन हॉल के पास की थीं। जगन भैया की गली माधौगंज से शिकायतकर्ता ने पानी कम मिलने की शिकायत डाउनलोड की। वार्ड-14 में रहने वाले साजिद ने पानी सप्लाई न होने की शिकायत की। सुबह पहुंची शिकायतों को शाम तो कोई निराकरण नहीं हुआ। जहां पर पानी फैल रहा था, वहां फैलता ही रहा।

गुजरात से आई शिकायत, पड़ताल बिना सब इंजीनियर को सौंपी

गुजरात के भावनगर में रहने वाले नासिर बी मकराना ने ग्वालियर नगर निगम का वाटर एप डाउनलोड किया। उन्होंने उस पर वार्ड-9 नवीमिल नई चाल में दूषित पानी की शिकायत डाउन लोड कर डाली। वाटर एप पर आई शिकायत की बिना पड़ताल किए निराकरण के लिए जिम्मेदारी सब इंजीनियर पुनीत राजपूत के नाम चढ़ा दी गई। भावनगर में रहने वाले श्री मकराना ने फोन पर बताया कि उन्होंने गलती से एप डाउनलोड कर लिया था और उस पर शिकायत पोस्ट हो गई। कुछ समय बाद मुझे समझ में आया कि वाटर एप तो ग्वालियर नगर निगम का है।

शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई