Hindi News »Madhya Pradesh »Gwalior» शहर को 1 दिन छोड़कर सप्लाई, कंस्ट्रक्शन के लिए 300 रु. में बिक रहे पानी के टैंकर

शहर को 1 दिन छोड़कर सप्लाई, कंस्ट्रक्शन के लिए 300 रु. में बिक रहे पानी के टैंकर

मोतीझील, कोटेश्वर मंदिर हाईड्रेंट के कर्मचारी और टैंकर चालक बेखौफ कर रहे पानी का सौदा अभिषेक शर्मा | ग्वालियर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:10 AM IST

शहर को 1 दिन छोड़कर सप्लाई, कंस्ट्रक्शन के लिए 300 रु. में बिक रहे पानी के टैंकर
मोतीझील, कोटेश्वर मंदिर हाईड्रेंट के कर्मचारी और टैंकर चालक बेखौफ कर रहे पानी का सौदा

अभिषेक शर्मा | ग्वालियर

शहर में जल संकट के कारण सभी तरह के निर्माण कार्योँ पर रोक लगी है। वाहन धुलाई, स्वीमिंग पूल जैसे कार्यंों में भी पानी का इस्तेमाल प्रतिबंधित कर दिया गया है। तिघरा बांध में पानी कम होने के कारण मोतीझील प्लांट से शहर में एक दिन छोड़कर पीने के पानी की सप्लाई हो रही है। लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू ये भी है कि मोतीझील के हाईड्रेंट से ही सरकारी व गैर सरकारी निर्माण कार्यों के लिए खुलेआम पानी बेचा जा रहा है। 300 रुपए में 1500 लीटर क्षमता वाले टैंकर के जरिए पानी नगर निगम के हाईड्रेंट से भरकर कंस्ट्रक्शन साइट तक पहुंचाया जा रहा है। 3 दिन पड़ताल कर भास्कर टीम ने मोतीझील हाईड्रेंट, कोटेश्वर मंदिर मैदान पर बने हाईड्रेंट पर कर्मचारियों व टैंकर चालकों से बात की, जो पहले ही प्रयास में 300 रुपए में निर्माण कार्य के लिए पानी उपलब्ध कराने तैयार हो गए। इसके बाद टीम ने गाडर वाली पुलिया के पास बन रहे रेलवे की निर्माण साइट व इसी के आगे बन रही निगम की सड़क निर्माण की साइट, कांति नगर और तानसेन नगर में चल रहे निर्माण कार्यों का भी जायजा लिया, जहां शहर में आम उपभोक्ताओं के लिए सप्लाई करने की जिम्मेदारी निभा रहे टैंकरों से ही पानी पहुंचाया जा रहा था। जबकि निगम के अफसरों ने इन सभी गतिविधियों से खुद को बेखबर बताया।

कलेक्टर ने यह दिए आदेश

जल संकट को देखते हुए हर तरह के निर्माण कार्यों पर कलेक्टर राहुल जैन ने रोक लगा रखी है, जो जल संकट समाप्त नहीं होने तक रहेगी। जाहिर है कि बरसात में तिघरा व दूसरे डैम में पर्याप्त पानी नहीं आया तो भी रोक जारी रहेगी।

देखिए... सड़क और मकान बनाने में इस्तेमाल हो रहा पीने का पानी

सीन: 1

तानसेन नगर

एक भवन निर्माण की साइट पर सेंटिंग व ढलाई का काम चल रहा था। भवन स्वामी ने फोन कर निगम का टैंकर एमपी 07- 1284 बुला लिया। टैंकर चालक आया और उसने वहां रखी टंकियों में पानी भर दिया, जिसमें से मजदूर ढलाई का मसाला बनाने पानी भरते जा रहे थे।

भास्कर रिपोर्टर नेे खरीदार बनकर की बात, 300 रुपए में टैंकर देने को तैयार हो गए चालक

मोतीझील प्लांट का हाईड्रेंट

कर्मचारी बंटी यादव बोला- 300 रुपए में मिल जाएगा टैंकर, फिर आफत भी झेल लेंगेे हम

रिपोर्टर- न्यू साकेत नगर में घर पर छत डलवाने के लिए पानी का टैंकर चाहिए।

कर्मचारी- मिल जाएगा। दोपहर 1 बजे आ जाना। कुछ टैंकर आएंगे। आपकी बात करा दूंगा।

रिपोर्टर- किस रेट में मिलेगा।

कर्मचारी- आप खुद ही सौदा कर लेना। वैसे न्यू साकेत नगर के लिए 300 रुपए में दिलवा दूंगा।

रिपोर्टर- कुछ कम करो। यह तो ज्यादा है।

कर्मचारी- 8 किमी तक टैंकर वाला तेल जलाकर निर्माण साइट पर पहुंचेगा। फिर कोई मोहल्ले वाला फोटो-वोटो खींच ले तो आफत भी झेलेगा।

कर्मचारी लिप्त मिले तो कार्रवाई

निर्माण कार्यों पर राेक है। अगर कोई टैंकर निर्माण साइटों पर पानी पहुंंचा रहा है तो पता करते हैं। हम मोतीझील सहित सभी 16 हाईड्रेंट पर निगरानी कराएंगे। अगर कर्मचारी लिप्त होंगे तो उन पर भी कार्रवाई करेंगे। -आरके श्रीवास्तव, अपर आयुक्त

सीन: 2

कांति नगर कॉलोनी

कांति नगर कॉलोनी में सड़क निर्माण चल रहा था। यह काम वार्ड 31 के पार्षद राजू भदौरिया करा रहे थे। सड़क पर सीमेंट कांक्रीट बिछाने के बाद उसकी तराई की जा रही थी। इसके लिए पानी से भरा एक प्राइवेट टैंकर ही रखवा दिया था। 2 दिन में यहां 5 हजार लीटर पानी बहा दिया गया।

कोटेश्वर मंदिर मैदान हाईड्रेंट

टैंकर चालक कप्तान सिंह ने कहा- 300 रुपए दो, अभी टैंकर आपके यहां ले चलता हूं

रिपोर्टर- विनय नगर में निर्माणाधीन भवन की तराई करने के लिए टैंकर चाहिए।

टैंकर चालक- 300 रुपए दो। अभी चलता हूं।

रिपोर्टर- आज नहीं, कल चाहिए।

टैंकर चालक- फिर आपको इंतजार करना होगा। क्योंकि कल तो मैं मोतीझील हाईड्रेंट से ही टैंकर भरकर लाऊंगा और वहां समय लगता है।

रिपोर्टर- हम इंतजार कर लेंगे। लेकिन तुम्हें तो लाने में कोई दिक्कत नहीं होगी।

टैंकर चालक- नहीं, कोई दिक्कत नहीं होगी। सभी ला रहे हैं, मैं भी ले आऊंगा।

हां, सड़क बनवाने में लिया पानी

मेरे कहने पर ही सड़क बनाने पानी सप्लाई में लगा एक प्राइवेट टैंकर मंगवाया गया। जनता की मांग पर सड़क बनवा रहा था। आगे से ध्यान रखूंगा कि रोक के दौरान हम लोग कोई निर्माण कार्य नहीं कराएं। -राजू भदौरिया, पार्षद, वार्ड 31

सीन: 3

बिरला नगर, पुलिया के पास

गाडर वाली पुलिया से थोड़ा आगे आरसीसी रोड बनाने का काम चल रहा था। यहां अंकित नाम का युवक पानी से भरा टैंकर लाता हुआ मिला। उसने बताया, वह रोज पास ही स्थित एक प्राइवेट बोर से टैंकर भरकर लाता है और यहां सड़क की तराई करता है।

गाडर वाली पुलिया

रेलवे के केबिन निर्माण में सप्लाई देने वाला टैंकर चालक माेनू बोला-मोतीझील से लाता हूं

रिपोर्टर- तानसेन नगर स्थित निर्माणाधीन भवन के लिए पानी से भरा टैंकर चाहिए।

टैंकर चालक- मेरे पास तीन टैंकर हैं। सभी साइटों पर लगे हुए हैं। इसलिए आप कुछ दिन बाद संपर्क करना।

रिपोर्टर- आप कहां से भरकर लाते हो, हमें बता दो। हम वहीं चले जाएंगे।

टैंकर चालक- हम तो मोतीझील से भरकर लाते हैं। अगर आपके पास टैंकर की व्यवस्था हो तो वहीं चले जाओ। वहां आपको 200 से 300 रुपए में एक टैंकर पानी मिल जाएगा।

टैंकर चालक झूठ बोल रहा है

रेलवे का खुद का हाईड्रेंट है। टैंकर चालक झूठ बोल रहा है। वह मोतीझील से नहीं, हमारे हाईड्रेंट से ही पानी भरता है। पानी इस्तेमाल करने के लिए हमें किसी की परमिशन की जरूरत नहीं है। -वीके शर्मा, सीनियर सेक्शन इंजीनियर वर्कर्स

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Gwalior

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×