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पुलिस ने धमकाया, तार खींचकर बिजली बंद की पर धरने से नहीं हटे अतिथि विद्वान

Gwalior News - संविदा पर नियुक्ति की मांग को लेकर सरकारी कॉलेजों के अतिथि विद्वान 23 फरवरी से हड़ताल पर हैं। फूलबाग में 4 अतिथि...

Dainik Bhaskar

Mar 04, 2018, 03:10 AM IST
पुलिस ने धमकाया, तार खींचकर बिजली बंद की पर धरने से नहीं हटे अतिथि विद्वान
संविदा पर नियुक्ति की मांग को लेकर सरकारी कॉलेजों के अतिथि विद्वान 23 फरवरी से हड़ताल पर हैं। फूलबाग में 4 अतिथि विद्वान 28 फरवरी से भूख हड़ताल पर हैं। इनमें से एक डॉ. रानी मुगल की तबीयत शनिवार को अचानक बिगड़ गई। डॉ. मुगल दोपहर 3 बजे बेहोश होकर वहीं गिर गईं। मौके पर मौजूद अतिथि विद्वानों ने पानी के छींटे डाले तब वे होश में आईं। इस घटनाक्रम के बाद शनिवार रात पुलिस थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे कर्मचारियों को धमकाया कि वे आंदोलन खत्म कर दें, अन्यथा उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया जाएगा। कुछ देर बाद ही पुलिस ने उस ठेले वाले को भी धमकाया जिसने आंदोलन कर रहे कर्मचारियों के टैंट में बिजली का कनेक्शन दिया था। रात में ठेले वाले ने तार खींच लिया तो कर्मचारियों ने रोशनी की वैकल्पिक व्यवस्था की। अतिथि विद्वान एकता संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. विजय राजौरिया ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वह 6 मार्च को सामूहिक मुंडन कराएंगे। उन्होंने आत्मदाह की भी चेतावनी दी है।

अफसरों ने दबाव बनाया तो इस्तीफा दे देंगे: ग्वालियर| संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के मीडिया प्रभारी धर्मवीर शुक्ला ने बताया कि संविदा कर्मचारी 19 फरवरी से हड़ताल पर हैं। इससे मुरार प्रसूतिगृह में एसएनसीयू की व्यवस्थाएं गड़बड़ा गई हैं। मरीजों को टीबी की दवाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। अन्य काम भी प्रभावित होने के कारण ही एनएचएम के मुख्य प्रशासकीय अधिकारी बृजेश सक्सेना ने शनिवार को सभी कर्मचारियों को काम पर लौटने के आदेश दिए। श्री शुक्ला ने बताया कि जब तक कर्मचारियों की मांगें नहीं मानी जातीं तब तक कोई भी कर्मचारी काम पर नहीं लौटेगा। यदि प्रशासन दबाव बनाता है तो प्रदेश के 19 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देंगे।

लक्ष्मीबाई समाधि के सामने मैदान में हड़ताल पर बैठे अतिथि विद्वान, दिन में महिला विद्वान की बिगड़ी हालत। रात को प्रशासन ने बिजली काटी फिर भी नहीं छोड़ा मैदान।

कोर्ट में केवियट, कलेक्टर नहीं हटा सकते 22 ऑपरेटरों को

ग्वालियर| मप्र सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ का आंदोलन दसवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन में शामिल कर्मचारियों ने शुक्रवार को होली नहीं मनाई। दूसरी तरफ आंदोलन के चलते भावांतर में किसानों के पंजीयन न होने पर कलेक्टर द्वारा 22 ऑपरेटरों के खिलाफ कार्रवाई का महासंघ ने विरोध किया है। महासचिव मनीष पाठक ने कहा, संगठन की ओर से कोर्ट में केवियट दायर की गई है। ऐसे में कोई भी अधिकारी किसी सदस्य के खिलाफ उसका पक्ष सुने बिना कोई कार्रवाई नहीं कर सकता है। महासंघ के जिला अध्यक्ष आलोक राणा व महासचिव मनीष पाठक ने कहा मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन में शामिल सभी सदस्यों ने फूलबाग धरना स्थल पर ही काली होली मनाई। महासंघ की मांग है कि उनके सदस्यों को राज्य कर्मचारी के समान दर्जा, कैडर वेतनमान, स्थानांतरण आदेश जारी किए जाएं। ये मांगें पूरी न होने तक फूलबाग पर धरना चलता रहेगा।

जेयू: हड़ताल को लेकर दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी दो फाड़

ग्वालियर| जेयू के दैनिक वेतनभोगी एवं 89 दिवसीय कर्मचारी संघ हड़ताल को लेकर दो फाड़ हो चुका है। नियमितीकरण की मांग को लेकर हड़ताल करने की चेतावनी देने पर एक पक्ष ने संघ का चुनाव कराने की मांग की है। संघ के संरक्षक राजेश मिश्रा ने कहा, हमारी यूनियन सीटू से संबद्ध है, इसलिए एक माह के अंदर चुनाव कराए जाएं, जिससे संघ की नई कार्यकारिणी का गठन किया जा सके। संरक्षक ने चुनाव कराने को लेकर 125 कर्मचारियों के हस्ताक्षर कराकर दिए हैं। दरअसल नियमितीकरण की मांग को लेकर दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने 21 मार्च से हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। संरक्षक राजेश मिश्रा ने चुनाव की मांग को लेकर अध्यक्ष तहसीलदार सिंह कंषाना को पत्र लिखा है। वहीं अध्यक्ष का कहना है कि हड़ताल के बाद चुनाव कराने पर विचार किया जाएगा। अभी नियमितीकरण की मांग काे लेकर कर्मचारी 21 मार्च से हड़ताल पर जा रहे हैं।

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