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इस बार फूल व चंदन से होली खेलेंगे अचलनाथ

भगवान अचलनाथ इस बार अपने श्रद्धालुओं के साथ गुलाल से नहीं बल्कि चंदन और फूलों से होली खेलेंगे। ऐसा पानी बचाने का...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 03:15 AM IST
भगवान अचलनाथ इस बार अपने श्रद्धालुओं के साथ गुलाल से नहीं बल्कि चंदन और फूलों से होली खेलेंगे। ऐसा पानी बचाने का संदेश देने के लिए किया जाएगा। रंग पंचमी पर 6 मार्च को जब अचलनाथ शहर भ्रमण पर निकलेंगे तब भक्तों को गुलाल की जगह चंदन का टीका लगाकर पुष्प वर्षा की जाएगी। इसके लिए अचलेश्वर न्यास ने 21 क्विंटल फूल मंगाए हैं। यह जानकारी श्री अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास के सूचना सचिव वैभव सिंघल ने दी। वहीं शनिवार को भाई दौज पर त्रिपुस्कर योग होने से यह भाई-बहनों के लिए तीन गुना फलदायी रही।

न्यास के अध्यक्ष हरीदास अग्रवाल ने बताया कि रंगपंचमी के दिन भगवान अचलनाथ पालकी में सवार होकर चल समारोह के रूप में सुबह 11 बजे शहर में होली खेलने निकलेंगे। इसमें सनातन धर्म मंदिर में भगवान चक्रधर के साथ, राम मंदिर में भगवान राम के साथ और गिर्राज जी मंदिर में भगवान कृष्ण के साथ ही गुलाल की होली खेलेंगे। रास्ते में श्रद्धालुओं के ऊपर कहीं भी गुलाल नहीं उड़ाया जाएगा। सिर्फ पुष्प वर्षा होगी। सचिव भुवनेश्वर वाजपेयी ने बताया कि डीजे की जगह इस बार भक्त भजनों पर नृत्य करेंगे। इसके लिए वृंदावन से भजन मंडली बुलाई गई है। पानी की कमी और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए इस बार रंग और गुलाल का उपयोग नहीं किया जा रहा।

बंदी भाइयों से मिलने जेल पहुंची बहनें

शनिवार को भाई दौज के पर्व पर बहनों ने भाई को तिलक कर उनकी विजय के लिए कामना की। वहीं भाइयों ने बहनों की सुरक्षा का संकल्प लिया। जेल अधीक्षक के मुताबिक 2900 बंदियों से मिलने व दौज पर तिलक करने लगभग 12 हजार परिजन परिसर में पहुंचे। मिलाई सुबह से शाम 5 बजे तक चली। ज्योतिषाचार्य सतीष सोनी ने बताया कि त्रिपुस्कर योग में भाईदौज होने के कारण यह तीन गुना ज्यादा फलदायी मानी गई।

कायस्थ समाज ने किया कलम दवात पूजन

कायस्थ वैवाहिक परिचय मंच की ओर से दौलतगंज स्थित कायस्थ छात्रावास में कलम दवात की पूजा की गई। इसमें भगवान चित्रगुप्त का शृंगार कर हवन किया गया। इसमें जीडीए अध्यक्ष अभय चौधरी,अशोक निगम,पंडित राजेश्वर राज,नूतन श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे। अखिल भारतीय कायस्थ परिषद की ओर से दीनदयाल नगर ए ब्लॉक में चित्रगुप्त की आरती डॉ.सीपी श्रीवास्तव,डॉ.धर्मेंद्र सक्सेना,डॉ.रीतेश सक्सेना ने की। वहीं कायस्थ महापंचायत ग्रेटर ग्वालियर की ओर से कटी घाटी स्थित भगवान चित्रगुप्त के मंदिर में महाआरती कर कलम दवात का पूजन किया। इसमें अधिवक्ता धर्मेंद्र सक्सेना,सरपंच एसएन श्रीवास्तव,अरुण सक्सेना आदि उपस्थित रहे।

सिटी रिपोर्टर|ग्वालियर

भगवान अचलनाथ इस बार अपने श्रद्धालुओं के साथ गुलाल से नहीं बल्कि चंदन और फूलों से होली खेलेंगे। ऐसा पानी बचाने का संदेश देने के लिए किया जाएगा। रंग पंचमी पर 6 मार्च को जब अचलनाथ शहर भ्रमण पर निकलेंगे तब भक्तों को गुलाल की जगह चंदन का टीका लगाकर पुष्प वर्षा की जाएगी। इसके लिए अचलेश्वर न्यास ने 21 क्विंटल फूल मंगाए हैं। यह जानकारी श्री अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास के सूचना सचिव वैभव सिंघल ने दी। वहीं शनिवार को भाई दौज पर त्रिपुस्कर योग होने से यह भाई-बहनों के लिए तीन गुना फलदायी रही।

न्यास के अध्यक्ष हरीदास अग्रवाल ने बताया कि रंगपंचमी के दिन भगवान अचलनाथ पालकी में सवार होकर चल समारोह के रूप में सुबह 11 बजे शहर में होली खेलने निकलेंगे। इसमें सनातन धर्म मंदिर में भगवान चक्रधर के साथ, राम मंदिर में भगवान राम के साथ और गिर्राज जी मंदिर में भगवान कृष्ण के साथ ही गुलाल की होली खेलेंगे। रास्ते में श्रद्धालुओं के ऊपर कहीं भी गुलाल नहीं उड़ाया जाएगा। सिर्फ पुष्प वर्षा होगी। सचिव भुवनेश्वर वाजपेयी ने बताया कि डीजे की जगह इस बार भक्त भजनों पर नृत्य करेंगे। इसके लिए वृंदावन से भजन मंडली बुलाई गई है। पानी की कमी और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए इस बार रंग और गुलाल का उपयोग नहीं किया जा रहा।

बंदी भाइयों से मिलने जेल पहुंची बहनें

शनिवार को भाई दौज के पर्व पर बहनों ने भाई को तिलक कर उनकी विजय के लिए कामना की। वहीं भाइयों ने बहनों की सुरक्षा का संकल्प लिया। जेल अधीक्षक के मुताबिक 2900 बंदियों से मिलने व दौज पर तिलक करने लगभग 12 हजार परिजन परिसर में पहुंचे। मिलाई सुबह से शाम 5 बजे तक चली। ज्योतिषाचार्य सतीष सोनी ने बताया कि त्रिपुस्कर योग में भाईदौज होने के कारण यह तीन गुना ज्यादा फलदायी मानी गई।