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भाई ने वैकल्पिक विषय में चुना पेंटिंग, इसमें मेरी रुचि नहीं थी, घर से मोटिवेशन मिला तो इसे बना लिया कॅरियर

सिटी रिपोर्टर | ग्वालियर बात करीब 20 साल पहले की है, कक्षा 12वीं में वैकल्पिक सब्जेक्ट भरते समय बड़े भाई ने पेंटिंग...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:15 AM IST
सिटी रिपोर्टर | ग्वालियर

बात करीब 20 साल पहले की है, कक्षा 12वीं में वैकल्पिक सब्जेक्ट भरते समय बड़े भाई ने पेंटिंग पर टिक किया और फॉर्म जमा कर दिया। मेरी इसमें बिल्कुल भी रुचि नहीं थी। लेकिन जब इसकी जानकारी मिली तो मुझे रोना आ गया। परिजनों के काफी समझाने के बाद मैंने इसमें थोड़ी-थोड़ी रुचि दिखानी शुरू की। एक्जाम में अच्छे नंबर आए तो लगा इसमें और भी बेहतर कर सकती हूं। सबसे पहले मैंने अपने दादाजी का पोर्ट्रेट बनाया, जो सभी को पसंद आया। बस इसके बाद से आर्ट में कॅरियर बनाने का मन बना लिया। यह कहना है कलाकार डॉ. अनुराधा बारोलिया का। तानसेन कला वीथिका में उनकी पेंटिंग प्रदर्शित की गई हैं। रविवार को एक्जीबिशन के समापर पर उन्होंने कहा कि पेंटिंग के प्रति रुचि इतनी ज्यादा बढ़ गई कि मैंने पीएचडी भी इसी विषय में की। मैं ज्यादातर पेंटिंग नेचर थीम पर बनाती हूं क्योंकि मुझे नेचर के करीब रहना अच्छा लगता है।

एक्जीबिशन में आईं डॉ. अनुराधा बारोलिया ने बताया कि वह ज्यादातर नेचर थीम पर पेंटिंग बनाती हैं। फोटो: भास्कर

डिस्प्ले हुईं 21 पेंटिंग

तानसेन कला वीथिका में दो दिवसीय पेंटिंग एक्जीबिशन का समापन रविवार को हुआ। इसमें डॉ. मोहन शर्मा की 13 और डॉ. अनुराधा बरोलिया की 8 पेंटिंग डिस्प्ले की गईं। इसके अलावा डॉ. मोहन शर्मा द्वारा खींचे गए 20 फोटो डिस्प्ले किए गए। यह अधिकतर नेचर थीम पर आधारित हैं। समापन अवसर पर राजमाता विजयाराजे सिंधिया एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. एसके राव, राजा मानसिंह तोमर म्यूजिक यूनिवर्सिटी के डॉ. एसके मेथ्यू, डाॅ. केशव पांडे सहित कलाकार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।