• Home
  • Mp
  • Gwalior
  • पुरातत्व विभाग सुनाएगा विरासत सहेजने वालों के संघर्ष के किस्से
--Advertisement--

पुरातत्व विभाग सुनाएगा विरासत सहेजने वालों के संघर्ष के किस्से

ऐतिहासिक विरासत के प्रति शहरवासियों को अवेयर करने के लिए पुरातत्व विभाग ने की पहल Good ‌News सिटी रिपोर्टर |...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 03:20 AM IST
ऐतिहासिक विरासत के प्रति शहरवासियों को अवेयर करने के लिए पुरातत्व विभाग ने की पहल

Good ‌News

सिटी रिपोर्टर | ग्वालियर

आपके आसपास ऐतिहासिक विरासत से जुड़े कोई अवशेष हैं या फिर मूर्तिशिल्प हैं, तो आपके लिए यह अच्छी खबर है। अब देश के ऐतिहासिक वैभव से जुड़े साक्ष्य और अभिलेख को एकत्रित करने के लिए पुरातत्व विभाग ने पहल की है। विभाग ऐसे लोगों को रजिस्टर्ड करेगा, जिनकी दिलचस्पी ऐतिहासिक विरासत को सहेजने में हैं। इसके लिए विभाग की ओर से धरोहर के बारे में बताओ, अपना रजिस्ट्रेशन कराओ मुहिम शुरू की गई है। इस मुहिम के अंतर्गत सबसे पहले विभाग उन लोगों का चयन करेगा, जो इस फील्ड से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा इसमें वह लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने पुरातत्व महत्व की कोई धरोहर को विभाग तक पहुंचाने में मदद की है। इसके माध्यम से विभाग की मंशा लोगों में धरोहर के प्रति अवेयरनेस करना है। गूजरी महल के उपसंचालक डॉ. एसआर वर्मा का कहना है कि इसके लिए विभाग एक रजिस्ट्रेशन करने की शुरुआत कर दी है। विभाग को जो लोग भी ऐतिहासिक महत्व के विरासत उपलब्ध कराता है तो उसके संघर्ष के किस्से संग्रहालय घूमने आनेवाले सैलानियों को भी बताए जाएंगे, इससे अन्य लोग भी प्रभावित होंगे।

जेयू के स्टूडेंट्स अंचल में कर रहे हैं हेरिटेज पर रिसर्च वर्क

पवाया में रिसर्च करती जेयू के स्टूडेंट पूनम।

फैकल्टी ने स्टूडेंट्स को रिसर्च वर्क की जुड़ी जानकारी दी।

पवाया में मिली गरुण देव की मूर्ति।

स्टूडेंट्स को मिलीं गरुण, जैन प्रतिमाएं

जीवाजी यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स का दल हाल ही में शहर के नजदीक पवाया में प्रोजेक्ट वर्क के लिए गया। यहां इनको जैन मूर्तियां प्राप्त हुई हैं। यह इसलिए भी खास हैं, क्योंकि यह हिंदू राजाओं की नगरी थी। इसका उल्लेख खजुराहो के एक मंदिर में लगे अभिलेख में मिलता है। पवाया में इससे पहले पहली और चौथी सदी के एक मंदिर के अवशेष प्राप्त हो चुके हैं। छात्र अनुराग बंसल एवं पूनम द्विवेदी ने बताया कि इसमें जैन मर्ति के साथ गरुण देव की भी मूर्ति मिली है। प्रो. एके सिंह के मार्गदर्शन में यह दोनों छात्र रिसर्च कर रहे हैं।