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स्मार्ट मटेरियल से बनाए जा रहे हैं बायो सेंसर

सिटी रिपोर्टर | ग्वालियर कोई भी स्मार्ट स्ट्रक्चर मल्टी फंक्शनल पार्ट से बनता है। इसमें सेंसिंग, कंट्रोल और...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:30 AM IST
सिटी रिपोर्टर | ग्वालियर

कोई भी स्मार्ट स्ट्रक्चर मल्टी फंक्शनल पार्ट से बनता है। इसमें सेंसिंग, कंट्रोल और एक्चुएशन शामिल है। आजकल स्मार्ट मटेरियल पर ध्यान दिया जा रहा है। बायो सेंसर बनाने के लिए स्मार्ट मटेरियल का उपयोग किया जा रहा है। आने वाले समय में देश और समाज को इसका फायदा मिलेगा। यह बात नई दिल्ली से आए साइंटिस्ट डॉ. पीके राय और साइंटिस्ट डॉ. संजय उपाध्याय ने एमिटी यूनिवर्सिटी में कही। वे बुधवार को स्मार्ट मटेरियल, एनर्जी एंड एन्वायरंमेंट फॉर स्मार्ट सिटी पर हुई कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे। इस अवसर पर एक ई-स्मारिका का विमोचन किया गया।

एक-दूसरे का सहयोग करना होगा

कॉन्फ्रेंस के विशिष्ट अतिथि डीआरडीओ हेड क्वार्टर नई दिल्ली के डायरेक्टर डॉ. देवकांत सिंह ने स्मार्ट सिटी और स्मार्ट सिटीजन पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हम समाज की सहभागिता से ही स्मार्ट शहर विकसित कर सकते हैं। वहीं यूनिवर्सिटी के कुलपति वीके शर्मा ने कहा कि स्मार्ट के लिए सेंसिटिव सिटीजन होना जरूरी है। ग्रीन एनर्जी, पर्यावरण, सुरक्षा और जनसंख्या नियंत्रण पर भी ध्यान देने की जरूरत है। स्मार्ट सिटी का मतलब ऐसे शहरों से है जहां पानी और बिजली की अच्छी व्यवस्था होगी। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के प्रो-वीसी डॉ. एमपी कौशिक के अलावा अन्य लोग मौजूद रहे।

नेशनल कॉन्फ्रेंस में ई-स्मारिका का विमोचन करते कलेक्टर राहुल जैन व अन्य अतिथि। फोटो: भास्कर

भौतिक, सामाजिक विकास जरूरी

मुख्य अतिथि कलेक्टर राहुल जैन ने कहा कि सेंसिबल सिटी कॉन्सेप्ट पर चर्चा करें तो स्पेशल पर्पज व्हीकल द्वारा 74 मॉड्यूल्स पर कार्य किया जा रहा है। इसका मकसद शहरी जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना, स्वच्छ पर्यावरण उपलब्ध कराना, परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाना, झुग्गी में रहने वाले लोगों को वैकल्पिक सुविधा मुहैया कराना है।