• Hindi News
  • Mp
  • Gwalior
  • ‘रमन इफेक्ट’ से सीखें रिसर्च, मिलेंगी नई तकनीक
--Advertisement--

‘रमन इफेक्ट’ से सीखें रिसर्च, मिलेंगी नई तकनीक

Gwalior News - रिसर्च, समाज और देश के लिए लाभदायक है। डॉ. सीवी रमन ने एक खोज की जो ‘रमन इफेक्ट’ के नाम से जानी जाती है। इसके बारे में...

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 03:30 AM IST
‘रमन इफेक्ट’ से सीखें रिसर्च, मिलेंगी नई तकनीक
रिसर्च, समाज और देश के लिए लाभदायक है। डॉ. सीवी रमन ने एक खोज की जो ‘रमन इफेक्ट’ के नाम से जानी जाती है। इसके बारे में युवा जानें और बेहतर रिसर्च करें। यह बात वक्ताओं ने कही। बुधवार को शहर में विभिन्न जगह विज्ञान दिवस मनाया गया। एसएलपी कॉलेज में हुए कार्यक्रम में मानवेंद्र पांडवीय, डॉ. शिखा पांडवीय ने तितली के पंख और उनके रंग पर चर्चा की। इस अवसर पर स्टूडेंट्स ने विभिन्न टॉपिक पर विचार और साइंस का महत्व बताया।

मुरार एक्सीलेंस स्कूल में हुआ कार्यक्रम

गवर्नमेंट एक्सीलेंस स्कूल-1 मुरार में विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में विपनेट क्लब की ओर से कार्यक्रम कराया गया। इसमें प्राचार्य एमएल सिलावट ने कहा कि बच्चे भविष्य के वैज्ञानिक हैं। इसलिए स्कूल में ही विभिन्न प्रकार के वैज्ञानिक प्रयोग करते रहना चाहिए। इस अवसर पर स्टूडेंट्स के लिए डिजिटल इंडिया थीम पर आधारित विभिन्न मॉडल्स प्रदर्शित किए गए। इस अवसर पर डॉ. दीप्ति गौड़, डीएन सुरेश, संध्या गुप्ता मौजूद रहीं।

नेशनल साइंस-डे पर शहर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में कार्यक्रम का आयोजन किया गया

Science day ‌‌Event

स्टूडेंट्स के लिए ओरल और पोस्टर प्रजेंटेशन हुआ। इनमें साइंस की महत्ता और उसके फायदे स्टूडेंट्स ने बताए। फोटो: भास्कर

टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जापान जैसा काम करना होगा, उसी पर फोकस करना होगा

साइंस के स्टूडेंट्स और रिसर्च स्कॉलर्स को चाहिए कि वह देश और समाज के हित में ज्यादा से ज्यादा काम करें। जिस प्रकार जापान ने टेक्नोलॉजी के दम पर विश्वभर में अपनी पहचान बनाई है। उसी प्रकार हमें भी इस दिशा में आगे बढ़ना होगा। यह बात प्रो. अशोक जैन ने जीवाजी यूनिवर्सिटी में विज्ञान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बुधवार को कही। इस मौके पर यूनिवर्सिटी के रेक्टर प्रो. आरजे राव, प्रो. एके श्रीवास्तव, प्रो. डीडी अग्रवाल मौजूद रहे।

इसलिए हर साल मनाया जाता है विज्ञान दिवस

प्रो. एमएस तोमर ने बताया कि डॉ. सीवी रमन लोगों के लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं। उन्होंने 28 फरवरी 1928 में कोलकाता में एक उत्कृष्ट खोज की थी, जो ‘रमन प्रभाव’ के रूप में प्रसिद्ध है। उनकी यह खोज 28 फरवरी 1930 को प्रकाश में आई। इस कारण 28 फरवरी राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाई जाती है।

डिस्प्ले किए साइंस मॉडल

नेशनल चिल्ड्रन स्कूल में साइंस एक्जीबिशन लगाई गई। इसमें विभिन्न क्लास के स्टूडेंट्स ने मॉडल और इक्विपमेंट के जरिए साइंस कॉन्सेप्ट दिखाया। वहीं कक्षा 9वीं के छात्रों ने सोडा केन की सहायता से पॉप कॉर्न मेकिंग मशीन बनाई। इस मौके पर स्कूल प्राचार्य तरविंदर पाल सिंह सचदेवा, वाइस प्रिंसिपल एकता कौर सचदेवा मौजूद रहीं।

विज्ञान से आसान हुआ बीमारियों का इलाज

वीआईएसएम ग्रुप ऑफ स्टडीज में साइंस-डे मनाया गया। इस दौरान रीसेंट ट्रेंड्स इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी विषय पर हुए व्याख्यान में डॉ. एसके भटनागर ने कहा कि विज्ञान में हुई व्यापक उन्नति की वजह से कैंसर जैसी बीमारी का काफी हद तक इलाज संभव हुआ है। इस अवसर पर संस्थान की चेयरपर्सन सरोज राठौर, चेयरमैन डॉ. सुनील राठौर, निदेशक डॉ. प्रज्ञा सिंह सहित फैकल्टी मेंबर मौजूद रहे।

‘रमन इफेक्ट’ रिसर्च में सबसे महत्वपूर्ण

जैन कॉलेज में हुए सेमिनार में साइंटिस्ट डॉ. आरके धाकड़ ने कहा कि डॉ. सीवी रमन को उनके आविष्कार के लिए आज भी याद किया जाता है। उनके द्वारा किए गए शोध जैसे रमन इफेक्ट विभिन्न शोध में अहम है। पोस्टर कॉम्पटीशन में शशांक शुक्ला विजेता रहे। इस अवसर पर कॉलेज के चेयरमैन मनोज जैन, डॉ. सतीश भार्गव मौजूद रहे।

विक्रांत कॉलेज में हुआ सेमिनार

विक्रांत ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में बुधवार को नेशनल साइंस-डे पर एमपी काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सहयोग से सेमिनार हुआ। इसमें मुख्य अतिथि अनिल सिंह और विशिष्ट अतिथि डॉ. राकेश कुशवाह रहे। इस मौके पर विक्रांत समूह के चेयरमैन आरएस राठौर, प्राचार्य प्रो. पवन अग्रवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

X
‘रमन इफेक्ट’ से सीखें रिसर्च, मिलेंगी नई तकनीक
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..