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वर्षों तक प्लांट की कटिंग कर बनाए ऑक्टोपस और डायनासोर जैसे बोनसाई, मिला खिताब

बोनसाई को अलग-अलग लुक देना उनका जुनून है। इसलिए बोनसाई तैयार करने से पहले उसे क्या शेप देना है, इसका डिसीजन करना।...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:35 AM IST
बोनसाई को अलग-अलग लुक देना उनका जुनून है। इसलिए बोनसाई तैयार करने से पहले उसे क्या शेप देना है, इसका डिसीजन करना। इसके बाद हर सात दिन में कटिंग और इसे वायर के माध्यम से उसको आकार देना। कुछ यही शेड्यूल रहता है अरुण राउत का। वह लंबे समय से बोनसाई तैयार कर रहे हैं। अकेले राउत ही नहीं शहर के करीब 150 से अधिक प्लांट लवर ने जीवाजी क्लब में लगी बोनसाई एक्जीबिशन में प्लांट डिस्प्ले किए। यह एक्जीबिशन लायंस क्लब प्रियदर्शनी की ओर से लगाई गई। यह एक्जीबिशन कम कॉम्पटीशन में बोनसाई, लैंडस्केप, फ्लॉवरिंग प्लांट्स और कैक्टस की अलग-अलग वैरायटी को डिस्प्ले किया गया। इसमें निर्णायक के रूप में एसएस वर्मा व प्रो. डीएस भारद्वाज एवं संस्था की अध्यक्ष गुरुप्रीत एवं सचिव अंजू उपस्थित रहीं।

यह हैं टिप्स




जीवाजी क्लब में विभिन्न वैराइटी के 200 से अधिक फ्लॉवरिंग व बोनसाई की एक्जीबिशन लगाई गई

Flower ‌Exhibition

बोनसाई, लैंडस्केप, फ्लॉवरिंग प्लांट्स और कैक्टस कैटेगरी में हुए कॉम्पटीशन

यह कॉम्पटीशन चार कैटेगरी में हुआ।

एक्सपर्ट ने बताया ऐसे बनाएं बोनसाई ट्री

बोनसाई बनाने के लिए पहले सावधानी से पौधे को मिट्टी से अलग करें और उसकी जड़ों पर लगी मिट्टी को हटाएं। अब उसके तनों और जड़ों की थोड़ी-थोड़ी कटाई करें, ताकि वह पौधा बोनसाई गमले में फिट बैठ सकें। इस बात का ध्यान रखें कि पौधे को रखते समय गमले के किनारे से लगभग एक- दो इंच की मिट्टी जड़ों से मुक्त होनी चाहिए। गमले में मिट्टी के ऊपर बजरी और कंकरी फैलाएं, ताकि गमला साफ सुथरा लगे। कुछ दिनों बाद जब पौधा गमले में जम जाए, तो उसकी टहनियों पर धातु की तार लपेटकर उसे मनचाही जैसी आकृति दे सकते हैं।


कॉम्पटीशन के विजेता