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सांठगांठ पर कार्रवाई

फर्जी दस्तावेज से नाम करा लिया पहाड़, 43 साल बाद कलेक्टर ने किया सरकारी, तत्कालीन पटवारी के खिलाफ होगी कार्रवाई ...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 04:15 AM IST
फर्जी दस्तावेज से नाम करा लिया पहाड़, 43 साल बाद कलेक्टर ने किया सरकारी, तत्कालीन पटवारी के खिलाफ होगी कार्रवाई

प्रशासनिक रिपोर्टर| ग्वालियर

शहर से सटे बिलौआ क्षेत्र में सांठगांठ से निजी नाम पर दर्ज कर दिए गए सरकारी पहाड़ की 4 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन को कलेक्टर राहुल जैन ने फिर से सरकारी घोषित कर दिया है। 43 साल पहले 1974-75 में पटवारी ने कागजों में हेराफेरी कर यह सरकारी जमीन निजी कर दी थी।

कलेक्टर ने इसे शून्य करते हुए आदेश दिए हैं कि तत्कालीन पटवारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कलेक्टर न्यायालय में पूनम सिंह प|ी बीपी राजावत निवासी मिलेनियम प्लाजा, राधारानी प|ी मोतीलाल चौरसिया व वीरेंद्र पुत्र मोतीलाल चौरसिया निवासी बिलौआ के खिलाफ इस जमीन का केस चल रहा था।

कलेक्टर न्यायालय के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ग्राम बिलौआ के अंतर्गत सर्वे क्रमांक 3293 का कोई विधिक पट्टा जारी नहीं हुआ है और उसका भूमि स्वामी हक भी वैधानिक नहीं है। इसलिये सर्वे क्रमांक 3293 में वर्णित जमीन एवं उसके विनिमय से प्राप्त भूमि सर्वे क्रमांक 3717 पर किए गए समस्त पश्चातवर्ती अंतरण शून्यवत घोषित किए जाते हैं। जिले के ग्राम बिलौआ के सर्वे क्रमांक 3293 की 4.807 हेक्टेयर जमीन की नोहियत पहाड़ जंगलात के विनिमय से प्राप्त ग्राम बिलौआ की भूमि सर्वे क्रमांक 3717 रकबा 4.807 हेक्टेयर पर वर्तमान राजस्व अभिलेख में अंकित भूमि स्वामियों की प्रविष्ट को विलोपित किया जाता है। साथ ही गत 25 मार्च 1988 को पारित किए गए आदेश के पूर्व की स्थिति कायम करते हुए पुन: शासकीय मद में यह जमीन दर्ज करने का दिया है। संबंधित नायब तहसीलदार को शासकीय अभिलेखों में इस आदेश का अमल कर प्रतिवेदन देने का आदेश कलेक्टर न्यायालय ने दिया है। साथ ही वर्ष 1974-75 में ग्राम बिलौआ में पदस्थ तत्कालीन पटवारी के विरुद्ध राजस्व अभिलेख में फर्जी प्रविष्ट कर शासकीय भूमि को खुर्द बुर्द करने के आरोप में वैधानिक कार्रवाई करने का आदेश भी दिया गया है।

43 साल पहले पटवारी ने कागजों में हेराफेरी कर सरकारी जमीन कर दी थी निजी