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पीएचडी: 100 नंबर का इंटरव्यू पास किए बिना अब टॉपर व जेआरएफ को भी एडमिशन मिलना मुश्किल

पीएचडी में एडमिशन के लिए मेरिट से नहीं बल्कि इस बार आवेदकों को अल्फाबेट सीरीज से इंटरव्यू देने का मौका दिया जा रहा...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 04:30 AM IST

पीएचडी में एडमिशन के लिए मेरिट से नहीं बल्कि इस बार आवेदकों को अल्फाबेट सीरीज से इंटरव्यू देने का मौका दिया जा रहा है। इतना ही नहीं पीएचडी प्रवेश परीक्षा में टॉप करने वाले व नेट/जेआरएफ क्वालीफाई को भी इस बार एडमिशन के लिए सीट मिलना तय नहीं है। इसका कारण समन्वय समिति द्वारा पीएचडी में एडमिशन के लिए बनाया गया अध्यादेश 11 है। इस अध्यादेश के अंतर्गत पीएचडी प्रवेश परीक्षा में टॉप करने वाले हों या फिर नेट/जेआरएफ क्वॉलिफाई, सभी को 100 नंबर के इंटरव्यू से गुजरना होगा। जो आवेदक ज्यादा नंबर लाएंगे, उन्हीं को मेरिट के आधार पर सीट आवंटित की जाएगी।

अध्यादेश को लेकर प्रोफेसर से लेकर छात्रों तक भी नाराजगी है। आवेदकों का कहना है कि इंटरव्यू में प्रवेश परीक्षा के कुछ वेटेज अंक मिलना चाहिए थे। साथ ही नेट/जेआरएफ जैसी परीक्षा को उत्तीर्ण करने वाले आवेदकों को पीएचडी में एडमिशन के लिए वरीयता मिलनी चाहिए थी। लेकिन समन्वय समिति के विद्वानों ने सबको एक लाइन में खड़ा कर दिया जो कि यूजीसी के नियमों के विपरीत है। अभी तक प्रवेश परीक्षा में अच्छे अंक लाने वाले छात्रों को काउंसिलिंग में मेरिट लिस्ट के आधार पर सीटें आवंटित की जाती थीं।

पीएचडी की 300 सीटों के लिए 800 आवेदक

यूजीसी के पीएचडी विनियम 2016 के अनुसार पीएचडी प्रवेश परीक्षा में उतने ही छात्र पास किए जाने चाहिए जितनी सीटें खाली हों। आरजीपीवी भोपाल ने इसी आधार पर पीएचडी का रिजल्ट जनवरी में जारी किया है। लेकिन जेयू ने पीएचडी की सीटों से ढ़ाई गुना से ज्यादा आवेदक पास किए हैं। जेआरएफ क्वॉलीफाई 350 हैं। जबकि प्रवेश परीक्षा 450 आवेदकों ने पास की है।

पीएचडी अध्यादेश में यह गड़बड़ी: यूजीसी द्वारा मई 2016 में जारी जारी किए गए नियमों में यह उल्लेख कहीं भी नहीं किया गया है कि पीएचडी की प्रवेश परीक्षा में अर्जित अंकों का लाभ इंटरव्यू में अभ्यर्थी को नहीं दिया जाएगा। शासन ने पीएचडी अध्यादेश 11 बनाया है। पूरे अधिकार हैं रिसर्च एडवाइजरी कमेटी को दिए हैं। यही कमेटी इंटरव्यू के आधार पर पीएचडी करने के लिए छात्रों को चयनित करेगी। इसका इंटरव्यू 100 नंबर का होगा।

एडमिशन के लिए गाइड से एनओसी की अनिवार्यता

जेयू प्रशासन द्वारा पीएचडी में एडमिशन के लिए इंटरव्यू आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें उन्हीं आवेदकों को शामिल किया जा रहा है जो गाइड से एनओसी लेकर आ रहे हैं। लेकिन जेयू ने पोर्टल पर गाइड व खाली सीटों की जानकारी अब तक अपलोड नहीं की। जिस कारण आवेदक परेशान घूम रहे हैं। जबकि यूजीसी नियम के तहत पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने से पहले गाइडों के अंतर्गत खाली सीटों की जानकारी यूनिवर्सिटी के पोर्टल पर देना जरूरी है। लेकिन जेयू प्रशासन ने इन नियमों की अनदेखी की है।

आवेदकों को बराबरी पर लाने इंटरव्यू 100 नंबर का

पीएचडी प्रवेश परीक्षा व नेट/जेआरएफ क्वॉलीफाई को एक लाइन पर खड़ा करने के लिए 100 नंबर का इंटरव्यू कराया जा रहा है। इंटरव्यू में प्राप्त अंक के अाधार पर ही पीएचडी की सीटें आवंटित की जाएंगी। अध्यादेश तैयार होने से पहले इस पर गहन अध्ययन हुआ था। प्रवेश परीक्षा व नेट/जेआरएफ पीएचडी इंटरव्यू के लिए केवल एलिजिबिलिटी टेस्ट था। प्रो. संगीता शुक्ला, कुलपति, जेयू

यूजीसी के नियमों का उल्लंघन नहीं करना चाहिए

पीएचडी में एडमिशन के लिए इंटरव्यू में यूजीसी के नियमों का उल्लंघन नहीं करना चाहिए। पहले की तरह पीएचडी में एडमिशन के लिए नेट/जेआरएफ क्वॉलीफाई को पीएचडी एडमिशन में वरीयता मिलना चाहिए। प्रो.अोपी अग्रवाल, पूर्व कुलपति, जेयू

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Web Title: पीएचडी: 100 नंबर का इंटरव्यू पास किए बिना अब टॉपर व जेआरएफ को भी एडमिशन मिलना मुश्किल
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