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शासन के नहीं दिया जवाब, कोर्ट ने लगाई 50 हजार की कॉस्ट

हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के जस्टिस संजय यादव व जस्टिस राजेन्द्र महाजन की डिवीजन बेंच ने शासन के खिलाफ 50 हजार...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 04:35 AM IST
हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के जस्टिस संजय यादव व जस्टिस राजेन्द्र महाजन की डिवीजन बेंच ने शासन के खिलाफ 50 हजार रुपए की कॉस्ट लगाई। साथ ही आदेश दिया कि उक्त राशि संबंधित विभाग के ओआईसी की सेलरी से काटी जाए। शासन की ओर से बार -बार समय लेने के बाद भी कोर्ट में जवाब पेश नहीं किया गया।

शासन के रूरल इंजीनियरिंग सर्विस की शिवपुरी डिवीजन की ओर से रोड बनाने के लिए नवंबर 2010 को एक वर्क आर्डर जारी किया। यह ठेका एके कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया। इसमें नवंबर 2011 तक कार्य पूरा करना था। लेकिन निश्चित समय सीमा में कार्य नहीं कर पाने के कारण शासन ने 2012 में कंपनी का ठेका टर्मिनेट कर दिया। समय सीमा बढ़ जाने के कारण कार्य की लागत लगभग 18 लाख, 16 हजार रुपए बढ़ गई। विभाग ने उक्त बढ़ी हुई राशि रिकवरी के रूप में वसूलने के लिए तहसीलदार के माध्यम से पुरानी कंपनी को नोटिस जारी किया। इस नोटिस के खिलाफ एके कंस्ट्रक्शन कंपनी ने हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में याचिका दायर की। कोर्ट में अधिवक्ता विनय कुमार मिश्रा ने तर्क रखा कि रिकवरी वसूलने के लिए शासन को एक निश्चित समय में भोपाल ट्रिब्यूनल में जाना चाहिए था। ट्रिब्यूनल के अवार्ड के बिना उक्त राशि वसूल नहीं की जा सकती। कोर्ट ने उक्त मामले में 3 नवंबर 2017 को स्टे कर दिया। साथ ही शासन से जवाब तलब किया। लेकिन शासन उक्त मामले में जवाब देने के लिए समय लेते रहा। 5 फरवरी को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 10 हजार रुपए की कॉस्ट लगाई थी। साथ ही शासन से जवाब तलब किया। लेकिन शासन ने इसके बाद भी कोर्ट में जवाब पेश नहीं किया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद शासन पर 50 हजार रुपए की कॉस्ट और लगाई। साथ ही आदेश की एक प्रति शासन के मुख्य सचिव को भेजने के आदेश दिए। कोर्ट ने प्रकरण की अगली तारीख 19 मार्च तय की है।