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Gwalior News - शिवराज सरकार ने बजट में सभी वर्गों के लिए कुछ न कुछ प्रावधान किए हैं। सरकार ने किस वर्ग को क्या दिया, इसे ऐसे समझें......

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 04:40 AM IST
 
 
शिवराज सरकार ने बजट में सभी वर्गों के लिए कुछ न कुछ प्रावधान किए हैं। सरकार ने किस वर्ग को क्या दिया, इसे ऐसे समझें...



इस वर्ग के लिए बजट में कुल 37498 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया।

3650

250

10928

क्योंकि.. बड़ा वोटर वर्ग है। मंदसौर गोलीकांड के बाद किसान नाराज थे।



मुख्यमंत्री युवा उद्यमी, स्वरोजगार के लिए 774 करोड़ रुपए का प्रावधान।

7.5

लाख युवाओं को कौशल विकास के जरिये रोजगार देने का लक्ष्य।

1501

02

करोड़ रुपए हुई मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की ऋण सीमा।

क्योंकि.. प्रदेश में हर छठे घर में एक युवा बेरोजगार है।



स्कूल शिक्षा के लिए सरकार ने 21724 करोड़ का प्रावधान किया।

3109

450

करोड़ रु. मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के लिए।

करोड़ रुपए प्याज की भावान्तर योजना के लिए।

करोड़ रुपए का प्रावधान सिंचाई के लिए गया है।

करोड़ रुपए कौशल विकास के लिए रखा गया प्रावधान।

करोड़ रुपए सर्वशिक्षा अभियान के लिए।

करोड़ रुपए से 15 कन्या शिक्षा परिसरों का निर्माण होगा।

720

हाईस्कूल और 480 हायर सेकंडरी स्कूल खोले जाएंगे।

क्योंकि.. राष्ट्रीय स्तर पर मप्र में शिक्षा का गिरता स्तर सुधारना है।



आयुष्मान भारत योजना के तहत 300 प्राथमिक केन्द्र खुलेंगे

100

बिस्तर वाले अस्पतालों पर फोकस। गांवों में सब्सिडी देंगे।

प्रतिशत या 3 करोड़ प्रोत्साहन राशि 10 बिस्तर के अस्पताल पर।

40

करोड़ ब्लाक मुख्यालय और छोटे कस्बों में 1 करोड़ निवेश करना होगा।

04

क्योंकि.. इस स्कीम के तहत 77 लाख परिवार कवर होने हैं।





सरकार नाकमी छिपा रही है। जनता समझ चुकी है कि 14 वर्षों के बाद भी भाजपा राज्य में सुराज नहीं दे सकी है। -अजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष

बजट संतुलित और विकास के लिए समर्पित है। कृषि क्षेत्र और सिंचाई परियोजनाओं पर ध्यान देेने से राज्य में समृद्धि बढ़ेगी। -शिवराज सिंह चौहान

उपचुनाव कोलारस-मुंगावली दोनों में कांग्रेस जीती

शिवराज सरकार का 2 लाख करोड़ का चुनावी बजट

किसान मुस्कुराओ...बाकी भूल जाओ

3650 करोड़ रुपए सीधे किसानों के खातों में जाएंगे, 2000 करोड़ का बीमा लाभ भी

5 खास

बातें

शिवराज सरकार ने इस कार्यकाल के आखिरी बजट में पहली बार किसानों के लिए सबसे ज्यादा 37498 करोड़ रु. का प्रावधान किया है। इनमें से 3650 करोड़ रुपए सीधे किसानों के खातों में जाएंगे। यह गेहूं, धान खरीदी की प्रोत्साहन राशि है। कर्मचारी, पेंशनर्स, महिलाओं, आदिवासियों और युवाओं को भी थोड़ा-थोड़ा खुश करने की कोशिश। थोड़ा इसलिए क्योंकि पेंशनर्स को सातवें वेतन आयोग में केंद्र की अपेक्षा कम पेंशन दी गई है। कर्मचारियों को भी कुछ नहीं मिला। महिलाओं के लिए सिर्फ स्वसहायता समूह के जरिये लोन का प्रावधान किया है।

इंदौर-भोपाल एक्सप्रेस-वे के लिए 5000 करोड़


5 करोड़ की ऋण सीमा


9 मेडिकल कॉलेज


सामाजिक सुरक्षा


भावांतर योजना








सरकार ने कुल बजट का करीब 20% हिस्सा किसानों के लिए रखा। प्रोत्साहन राशि, आपदा, भावांतर आदि में उपयोग होगा।

दाेनों सीटों पर सरकार ने पूरी ताकत लगाई फिर भी भाजपा हार गई

कोलारस... महेंद्र यादव (कांग्रेस)

कांग्रेस के महेंद्र यादव और भाजपा के देवेंद्र जैन के बीच मुकाबला था। कांग्रेस पहले छह राउंड में लगातार आगे रही। महेंद्र 8086 वोटों से जीते।

जीत का फॉर्मूला:

किसान+दलित +आिदवासी +महिला+युवा = बहुमत

मप्र सरकार का चुनावी बजट आगामी विधानसभा चुनाव पर सीधा असर डालेगा। दैनिक भास्कर ने सांप-सीढ़ी के जरिए यह जानने की कोशिश की है कि घोषणाओं का फायदा किस वर्ग को कितना होगा। साथ ही जो उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं, उनका सरकार को कितना नुकसान हो सकता है।

100

ऐसी कोई घोषणा नहीं जो सरकार को 100 प्वाइंट तक पहुंचाए।

18 लाख किसानों को सीधा फायदा पहुंचेगा। यानी शिवराज सरकार की छवि सुधरेगी।

कैलाश मानसरोवर यात्रा अनुदान

15 लाख का बजट था। इसे हटाने से धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैें।

1

जिसमें सरकार कुछ हद तक सफल दिखाई दे रही है।

पेट्रोल-डीजल पर वैट

देश में सबसे अधिक मप्र में वैट। घटने की उम्मीद थी लेकिन नहीं घटाया।

1



भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और सतना स्मार्ट सिटी के लिए 100-100 करोड़ की घोषणा हुई है।

100

विनिंग प्वाइंट जिसमें सरकार कुछ हदत क सफल दिखाई दे रही है

बजट में बड़ी उम्मीद पेट्रोल-डीजल में वैट घटाने की थी, जो पूरी नहीं हुई।

वैट न घटाना चुनावों के लिए नुकसान वाला फॉर्मूला साबित हो सकता है।

गेहूं 2000 रु/ प्रति क्विंटल से कम नहीं खरीदेंगे। गेहंू, धान पर पिछले साल का 200 रु./ क्विं. बोनस भी।

पढं़े रेगुलर फ्रंट पेज

रियल एस्टेट

शहरी प्रॉपर्टी पर हाल ही में स्टाम्प ड्यूटी 1% बढ़ी है। कम होती तो थोड़ा बूम आता।

2



2018-2019 में भोपाल और इंदौर में मेट्रो के काम का पहला चरण शुरू करने का लक्ष्य। प्रदेश में मेट्रो की घोषणा 2010 में हुई थी।

विधवा पेंशन के लिए इस बार बीपीएल की पात्रता हटाई।

नर्मदा की 27 माइक्रो सिंचाई परियोजना खुलेंगी।

3.50 लाख पेंशनर्स नाराज। क्योंकि केंद्र के पेंशनर्स के मुकाबले उनकी पेंशन 15% कम है।

यानी, महिला वर्ग के लिए बड़ी घोषणा। चुनावों में इसका फायदा मिलेगा।

मंदी की मार झेल रहे इस सेक्टर का सरकार के प्रति झुकाव कम होगा।

मुंगावली... बृजेंद्र सिंह (कांग्रेस) 2123 वोटों से कांग्रेस प्रत्याशी बृजेंद्र सिंह जीते। यहां भाजपा से बाई साहेब उम्मीदवार थीं। पिछले चुनाव में भी कांग्रेस जीती थी।




किसान कर्जमाफी

लंबे समय से मुद्दा चल रहा है। कई किसानों ने आत्महत्या भी की। फिर आस टूटी।

3

रियल एस्टेट में स्टाम्प ड्यूटी कम नहीं की।

40 विधानसभा क्षेत्रों के किसानों को सीधा फायदा मिलेगा।

पेशनर्स को 7वें वेतनमान का लाभ तो दिया, बढ़ोतरी सिर्फ 10%, उम्मीद 25.7% की थी।

1 लाख परिवारों को फायदा। यानी चुनाव में फायदा।

कोटवारों, अतिथि विद्वानों, अतिथि शिक्षकों का मानदेय बढ़ाने की घोषणा।







सवा दो लाख तक कोई कर नहीं।

2.25 लाख से 3 लाख 1500 रुपए

3 लाख से 4 लाख 2000 रुपए

4 लाख से अधिक 2500 रुपए


कर्मी परम्परा को समाप्त कर अध्यापक संवर्ग की स्थापना की एवं इस संवर्ग को छठवे वेतनमान का लाभ दिया गया। स्थानीय निकायों के अधीन अध्यापकों की सेवाओं को परिवर्तित कर सेवाएं राज्य शासन के अधीन किया।


इन्दौर, जबलपुर, भोपाल एवं ग्वालियर में 1600 आदिवासी विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के इंजीनियरिंग, मेडिकल तथा लाॅ कालेजों में प्रवेश को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्ट कोचिंग संस्थाओं के माध्यम से निःशुल्क कोचिंग।


भोपाल, जबलपुर, इन्दौर और ग्वालियर में 500 सीट वाले कन्या छात्रावासों की स्थापना। राजगढ़, उज्जैन, दमोह एवं रायसेन में 100 सीटर कन्या छात्रावासों की स्थापना। ग्वालियर, भोपाल एवं उज्जैन में 100 सीटर बालक छात्रावास।


मुख्यमंत्री मेघावी विद्यार्थी योजना के तहत उच्च शिक्षा के 26 हजार 112, चिकित्सा शिक्षा के 640, तकनीकी शिक्षा के 296 एवं एनआईएटी/एसपीए के 189 विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं।



मेट्रो ट्रेन

Áपिछले वर्ष भी बजट में इस पर घोषणा हुई। 10 करोड़ का बजट भी हुआ। काम शुरू नहीं हुआ। इस बार फिर प्रावधान।

पौधरोपण

Áपिछले बजट में 6 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा था। इन पौधों का अता-पता नहीं। इस बार 8 करोड़ का लक्ष्य।

नल-जल योजना

Áपिछले वर्ष इसमें काफी बड़ा प्रावधान किया था, लेकिन काम नहीं हुआ। इस बार 1650 बसाहटों में काम होने हैं।



लगातार चौथा साल

15, 22 और 28 फरवरी को प्रकाशित खबरें

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