• Hindi News
  • Mp
  • Gwalior
  • कॉमन स्टूमेंटेशन फैसिलिटी लैब को दिलाएंगे एनएबीएल की मान्यता, देशभर के शोधार्थी भेज सकेंगे सैंपल
--Advertisement--

कॉमन स्टूमेंटेशन फैसिलिटी लैब को दिलाएंगे एनएबीएल की मान्यता, देशभर के शोधार्थी भेज सकेंगे सैंपल

Gwalior News - एजुकेशन रिपोर्टर | ग्वालियर जीवाजी यूनिवर्सिटी में साइंस और लाइफ साइंस के स्टूडेंट्स के लिए कॉमन स्टूमेंटेशन...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 04:40 AM IST
कॉमन स्टूमेंटेशन फैसिलिटी लैब को दिलाएंगे एनएबीएल की मान्यता, देशभर के शोधार्थी भेज सकेंगे सैंपल
एजुकेशन रिपोर्टर | ग्वालियर

जीवाजी यूनिवर्सिटी में साइंस और लाइफ साइंस के स्टूडेंट्स के लिए कॉमन स्टूमेंटेशन फैसिलिटी (सीआईएफ) लैब बनाई गई है। इस लैब में वे उपकरण स्थापित किए गए हैं जो विभागों की लैब में नहीं होते हैं। यहां छात्र रिसर्च कर सकेंगे। लैब ने काम करना शुरू कर दिया है। लैब को नेशनल एक्रीडेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड केलिब्रेशन लैबोरेटरी (एनएबीएल) से मान्यता दिलाई जाएगी। इसके बाद देशभर के शोधार्थी अपने सैंपल जांच के लिए जीवाजी यूनिवर्सिटी भेज सकेंगे। इस तरह जीवाजी यूनिवर्सिटी देश की पहली यूनिवर्सिटी होगी, जहां यह फैसिलिटी होगी। यह जानकारी जीवाजी यूनिवर्सिटी की शनिवार को हुई महासभा की बैठक में कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने दी।

प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी के परिनियम, नियम एवं अध्यादेश होंगे एक, राज्यपाल ने दी स्वीकृति: जेयू महासभा की बैठक में प्रदेशभर के यूनिवर्सिटी के परिनियम, नियम एवं अध्यादेश का तैयार किया गया मसौदा रखा गया। इसमें बताया कि अब सभी यूनिवर्सिटी के यह नियम एक सामान होंगे। इससे पहले यूनिवर्सिटी ने प्रदेशभर के यूनिवर्सिटी के कुलपतियों की बैठक बुलाई थी, जिसमें सभी यूनिवर्सिटी के परिनियम, नियम एवं अध्यादेश रखे गए थे। सभी को मिलाकर एक सामान मसौदा तैयार किया गया, जिसे बैठक में पास कराया गया। राज्यपाल ने भी इसे स्वीकृति प्रदान कर दी है। शासन ने इसे लागू कर दिया है। अब छात्रों को यह लाभ होगा कि वह अब किसी भी यूनिवर्सिटी से डिग्री पूरी कर सकेंगे।

6.26 करोड़ घाटे का बजट हुआ पास

बैठक में यूनिवर्सिटी का 6.26 करोड़ रुपए घाटे का बजट भी सर्वसम्मति से पास किया गया। बैठक में कई अन्य मुद्दों पर चर्चा उपरांत निर्णय लिए गए।

एमफिल कोर्स संचालित होंगे अब नियमित कोर्स की तरह: जेयू नए सत्र से सभी एमफिल कोर्स को नियमित कोर्स की तरह संचालित करेगी। वर्तमान में एमफिल कोर्स सेल्फ फाइनेंस द्वारा संचालित किए जाते हैं। नियमित कोर्स के रूप में अब एमफिल कोर्स होने से जहां फीस कम होगी वहीं उन विषयों में भी स्टूडेंट मिल सकेंगे जिनमें अभी संख्या न के बराबर है।

देश की पहली यूनिवर्सिटी बनाने की दिशा में शुरू होगी पहल

ये सुझाव आए



X
कॉमन स्टूमेंटेशन फैसिलिटी लैब को दिलाएंगे एनएबीएल की मान्यता, देशभर के शोधार्थी भेज सकेंगे सैंपल
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..