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क्योंकि... इ तिहास में पहली बार आम बजट में देश में निर्मित कोई सामान सस्ता-महंगा नहीं हुआ। क्योंकि बजट में अब...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 05:40 AM IST
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इ तिहास में पहली बार आम बजट में देश में निर्मित कोई सामान सस्ता-महंगा नहीं हुआ। क्योंकि बजट में अब ऐसा होगा ही नहीं। 1 जुलाई, 2017 को जीएसटी लागू हुआ। और तब से जीएसटी काउंसिल ही कीमतें तय करवाती है। इसे संसद की मंजूरी की जरूरत भी नहीं है। और इस व्यवस्था में बदलाव के लिए संविधान संशोधन करना होगा। हालांकि पेट्रो उत्पाद, शराब, बिजली व रियल एस्टेट जीएसटी से बाहर हैं। सरकार के पास बजट के लिए सिर्फ कस्टम ड्यूटी बची है। जो सिर्फ विदेशी सामान पर लगती है। जैसे कि इस बजट में टीवी और मोबाइल पर लगाई है। किसी समय में बजट की सुर्खियां बनने वालीं पेट्रोल-डीजल की कीमतें काफी समय से अब तेल कंपनियों के जिम्मे हैं। पिछले साल से तो इनकी कीमतें रोज बदल रही हैं। हालांकि सरकार ने पेट्रो उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी लगाते हुए पिछले साल 2.42 लाख करोड़ रुपए हमसे कमा लिए। ...फिर भी जिस तरह प्रमुख तेल कंपनियों पर सरकार का ही नियंत्रण है, ठीक वैसे ही जीएसटी काउंसिल के अध्यक्ष वित्त मंत्री अरुण जेटली ही हैं। वित्त राज्य मंत्री और भाजपा गठबंधन वाले 19 राज्यों के वित्त मंत्रियों के कारण भाजपा का ही वर्चस्व है।

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