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निरीक्षण में स्टाफ नहीं मिला तो जा सकती है संबद्धता

ग्वालियर| जीवाजी यूनिवर्सिटी से संबद्ध निजी बीएड के 170 कॉलेजों में से अधिकांश पर संबद्धता खत्म होने की तलवार लटक...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 01:40 PM IST

ग्वालियर| जीवाजी यूनिवर्सिटी से संबद्ध निजी बीएड के 170 कॉलेजों में से अधिकांश पर संबद्धता खत्म होने की तलवार लटक रही है। ऐसे कॉलेजों में बीएड की लगभग 15 हजार सीटें हैं। इसका कारण यूजीसी द्वारा तय की गई योग्यता के अनुसार, कॉलेजों को पीएचडी व नेट क्वालीफाई आवेदक नहीं मिलना है। जेयू इसको लेकर सख्त है। जेयू प्रशासन का कहना है कि नेट क्वालीफाई व पीएचडी डिग्री धारकों की ही बीएड कॉलेजों में नियुक्ति की जा सकती है। इससे कम योग्यता रखने वाले आवेदकों की नियुक्ति परिनियम 28/17 के तहत नहीं की जा सकती। अफसराें का कहना है कि निरीक्षण के दौरान स्टाफ नहीं मिला तो संबद्धता खत्म की जाएगी। कॉलेजों का कहना है कि पहले की तरह एमएड क्वालीफाई आवेदकों को असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर नियुक्ति करने का मौका देना चाहिए।

170 कॉलेजों को

चाहिए 2200 प्रोफेसर

अंचल के 170 बीएड कॉलेजों में अधिकांश में 100 सीट हैं। इस हिसाब से 14 असिस्टेंट प्रोफेसर व एक प्रिंसिपल की नियुक्त परिनियम 28/17 के तहत कराने पर लगभग 2200 प्रोफेसरों की जरूरत है। जबकि देशभर में एजुकेशन सब्जेक्ट में नेट क्वालीफाई 2200 आवेदक हैं। अंचल में एजुकेशन सब्जेक्ट में पीएचडी धारकों की भी संख्या कम है। कई कॉलेज ऐसे हैं, जो कॉलेज की संबद्धता बचाने केवल दिखावे के लिए यूपी के आवेदकों की नियुक्ति अपने कॉलेज में दिखा रहे हैं। दैनिक भास्कर एक प्रोफेसर की तीन-तीन बीएड कॉलेजों में नियुक्त करने का खुलासा पहले भी कर चुका है।

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