Hindi News »Madhya Pradesh »Gwalior» बचपन में देखी रासलीला, तब राधा बनते थे पुरुष, तय किया मैं राधा का किरदार जिऊंगी

बचपन में देखी रासलीला, तब राधा बनते थे पुरुष, तय किया मैं राधा का किरदार जिऊंगी

सिटी रिपोर्टर | ग्वालियर नृत्य की तरफ मेरा रुझान बचपन से ही रहा है। बचपन में एक बार मां के साथ रासलीला देखने गई...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 01:45 PM IST

सिटी रिपोर्टर | ग्वालियर

नृत्य की तरफ मेरा रुझान बचपन से ही रहा है। बचपन में एक बार मां के साथ रासलीला देखने गई थी। तब देखा कि राधा का किरदार भी पुरुष निभाते हैं। जानकारी लेने पर पता चला कि तब महिलाएं नृत्य नहीं कर सकती थीं। मैंने तय कर लिया था कि राधा का किरदार मैं जिऊंगी। हमारे यहां बचपन में जो चीजें पसंद की जाती हैं, बड़े होते ही वो पाबंद हो जाती हैं। बचपन में मेरा नृत्य करना सभी को पसंद था लेकिन जब मंच पर प्रस्तुति दी तो लोगों को आपत्ति हुई। यहां तक कि मेरे एक रिश्तेदार ने मां-पिता से कहा कि अगर आपकी बेटी नृत्य करना बंद नहीं करेगी तो आपसे हमारा रिश्ता खत्म। मैंने लोगों का विरोध सहा लेकिन राधा का किरदार नहीं छोड़ा। जो लोग कभी मेरा विरोध करते थे वो आज हौसला अफजाई करते नहीं थकते। यह कहना है प्रसिद्ध नृत्यांगना गीतांजलि शर्मा का। बुधवार को ग्वालियर व्यापार मेले के कला रंगमंच पर उन्होंने बृज का होली नृत्य प्रस्तुत किया।

जमुना किनारे मेरो गांव सांवरे जइयो गीत पर प्रस्तुति देते कलाकार।

कलाकारों ने लट्‌ठमार होली भी खेली।

2002 में दी थी पहली प्रस्तुति, अब लाेग राधा नाम से बुलाते हैं

गीतांजलि मूलत: कथक नृत्यांगना हैं। वे कहती हैं कि 2002 से राधा के किरदार में प्रस्तुति देने का सिलसिला शुरू हुआ जो आज तक जारी है। देश के साथ-साथ विदेश में कई प्रस्तुति हुईं और लोग अब मुझे राधा के नाम से जानते हैं। मैं एक संदेश और देना चाहती हूं कि लोग बेटियों को मौका दें। वे वर्तमान में मथुरा की सफाई अभियान की ब्रांड एम्बेसडर भी हैं।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Gwalior

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×