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ये था मामला :विदिशा में सरपंच पद के चुनाव को लेकर अधिकारी के समक्ष सरपंच ताराबाई विरुद्ध शांति बाई व अन्य का मामला...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 01:50 PM IST
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ये था मामला :विदिशा में सरपंच पद के चुनाव को लेकर अधिकारी के समक्ष सरपंच ताराबाई विरुद्ध शांति बाई व अन्य का मामला लंबित था। इसमें सरपंच ताराबाई ने आवेदन देकर कहा कि उक्त मामला सुनवाई योग्य नहीं है। संबंधित अधिकारी ने उक्त आवेदन को खारिज कर दिया। लेकिन आवेदन खारिज करने की स्पष्ट वजह नहीं लिखी। इसके खिलाफ अपील करने पर हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने संबंधित अधिकारी को कानूनी आधार पर कारण सहित विस्तृत आदेश जारी करने को कहा। इसके बाद भी अधिकारी ने अपना फैसला एक लाइन में लिखते हुए कहा कि प्रकरण विचारोपरांत अमान्य किया जाता है। इस आदेश के खिलाफ फिर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट ने अधिकारी के इस रवैया पर नाराजगी जताते हुए उक्त आदेश जारी किया।

रिसर्च : गणित, विज्ञान में लड़कों से बेहतर होती हैं लड़किया...

कतर, जॉर्डन और सऊदी अरब जैसे देशों के बच्चे भी टेस्ट में शामिल थे। महिलाओं के लिए कट्‌टर माने जाने वाले इन देशों में भी लड़कियां, लड़कों से ज्यादा होशियार निकलीं। शोधकर्ताओं ने इसका मतलब निकाला कि- राजनीतिक, सामाजिक परिस्थितियों और लैंगिक भेदभाव वाले माहौल से भी दिमागी विकास बेअसर रहता है।

अंग्रेजी शराब के 149 अहाते बंद होंगे...

चालू वित्तीय वर्ष में 9 देशी दुकानों को भी अहाते का अलग से लाइसेंस दिया गया था। जो अगले साल बंद हो जाएंगे। प्रदेश के 149 अहाते भी बंद होने से सरकार को 300 करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। इसी तरह स्कूल, कॉलेज व धार्मिक स्थलों के आसपास की दुकानों से मिलने वाला राजस्व 200 करोड़ रुपए का राजस्व भी कम हो जाएगा।

सीजेआई बोले-...

चीफ जस्टिस ने इस पर सुनवाई का निर्णय लेते हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल को 2 बजे मौजूद रहने को कहा। एएसजी पीएस नरसिम्हन, तुषार मेहता और पिंकी आनंद तय समय पर कोर्ट पहुंच गए। सुनवाई के दौरान अलख आलोक ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एक केस में आदेश दिया था कि 10 साल तक की बच्चियों से दुष्कर्म के दोषियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान किया जाए। अब तक कुछ नहीं हुआ।

सरकार के लिए सबसे कठिन बजट घाटे के बीच संतुलन...

बजट ऐसे समय में पेश किया जा रहा है, जब आने वाले महीनों में आठ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें से तीन प्रमुख राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं। इसके अलावा 2019 आम चुनाव भी होने हैं। ऐसे में लोकलुभावन उपायों और राजकोषीय घाटे में कमी लाने के बीच संतुलन साधना जेटली के लिए बड़ी चुनौती रहेगा। जेटली ने राजकोषीय घाटा मौजूदा वित्त वर्ष में घटाकर जीडीपी के 3.2% तक लाने का लक्ष्य रखा था। अगले वित्त वर्ष 2018-19 में इसे घटाकर 3% करना है। हालांकि, बजट को लेकर बड़ी अपेक्षाएं नहीं पालने की नसीहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही दे चुके हैं। उन्होंने बजट में लोकलुभावन कदमों पर जोर नहीं होने के संकेत दिए थे।

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