Hindi News »Madhya Pradesh News »Gwalior News» डीप जोन के 30 गांव में भू-जलस्तर गिरने से हैंडपंप बंद, दूरदराज से पानी ला रहे ग्रामीण

डीप जोन के 30 गांव में भू-जलस्तर गिरने से हैंडपंप बंद, दूरदराज से पानी ला रहे ग्रामीण

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:25 PM IST

गांव में हैंडपंप खराब होने की वजह से साइकिल से पानी ढोते बच्चे। 5 मैकेनिकों के हवाले 50 पंचायतों का संधारण कार्य...
गांव में हैंडपंप खराब होने की वजह से साइकिल से पानी ढोते बच्चे।

5 मैकेनिकों के हवाले 50 पंचायतों का संधारण कार्य

कराहल मेंं जल संकट के समाधान के लिए प्रशासन द्वारा करोड़ों रुपए की राशि खर्च की जा चुकी है। इसके बावजूद पर्याप्त संसाधनों के अभाव में सालभर में 8 महीने ग्रामीणों को जल संकट से जूझना पड़ता है। स्थिति यह है कि पीएचई विभाग द्वारा कराहल ब्लॉक की 50 ग्राम पंचायतों के बीच सिर्फ पांच मैकेनिक पदस्थ है। इन कर्मचारियों के कंधों पर 150 ग्रामोंं मेंं खराब हैंडपंप सुधारने का जिम्मा है। अमले की बेहद कमी के चलते इलाके में हैंडपंपों का संधारण कार्य समय पर नहीं हो पाता है।

दो माह में 5 मीटर खिसका वाटर लेबल

कराहल ब्लॉक में वाटर लेबल तेजी से बैठ रहा है। पीएचई विभाग के अनुसार अभी भूजल स्तर 80 से 85 मीटर पर है। जबकि दिसंबर माह में वाटर लेबल 75 से 80 मीटर मापा गया था। तेजी से गिरते भूजल स्तर की वजह इस बार औसत से 51 प्रतिशत कम बारिश होने तथा अधिकांश जलाशय से सूखना है। आगामी मई जून तक भूजल स्तर 300 फीट यानि करीब 120 मीटर तक खिसकने की आशंका जताई जा रही है।

ग्रामीण क्षेत्र में कई महीने से नहीं सुधरे 350 हैंडपंप

कराहल ब्लॉक में पेयजल के लिए पीएचई विभाग द्वारा 1350 से अधिक हैंंडपंप लगाए गए हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में लगभग 350 हैंडपंप खराब हैं। इनमें ज्यादातर हैंडपंप डीप वाटर लेबर जोन में हैं। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र का एक भी गांव ऐसा नहीं है जहां दो या इससे अधिक हैंडपंप खराब न हो। ग्रामीणों का दावा है कि पूरे ब्लॉक में हैंडपंपों की संख्या 400 से कम नहीं हैं। इनमें कई हैंडपंप ऐसे हैं जिनको खराब हुए एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है।

पांडोला में जल संकट ले रहा है बच्चों का इम्तिहान

पीएचई विभाग द्वारा 9 हजार आबादी वाले ग्राम पांडोला में दो माह से स्वीकृत ट्यूबवेल का खनन नहीं कराने के कारण लोगों को भीषण जल संकट से जूझना पड़ रहा है। सर्वाधिक समस्या कस्बे के वार्ड 11 एवं 12 मेंं है। परिवार की जरूरत लायक पानी की जुगाड़ के लिए ग्रामीणों के अलावा बच्चे भी जद्दोजहद करते देखे जा सकते हैं। वार्षिक परीक्षा की तैयारी करने के बजाय वार्ड के बच्चे सुबह से शाम तक पानी ढो रहे हैं। कई बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर रखा है। स्थानीय निवासी बलराम शिवहरे ने बताया कि आयुर्वेदिक अस्पताल के पास नई बोरिंग कराए दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन ग्राम पंचायत द्वारा इसमें मोटर नहीं डलवाई गई है। इस संबंध में कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ एवं जनपद सीईओ को अवगत कराया है, लेकिन सिवाए आश्वासन के कुछ नहीं हुआ है।

जनरेटर से बोर चलाकर दे रहे लोगों को पानी

ब्लॉक में वाटर लेबल गिरने की वजह से दिक्कत हुई है। लेकिन जल संकट के हालात काबू में है। डीप वाटर लेबल जोन में ज्यादातर हैंडपंप अनुपयोगी होने के कारण हमने बोर खनन के साथ मोटर लगाई है। जिन गांव में बिजली नहीं है वहां पंचायत के सहयोग से जनरेटर से बोर चलाने की व्यवस्था की गई है। हैंडपंप खराब होने की सूचना मिलने पर तुरंत सुधारे जा रहे हैं। ओपी नागर, जेई पीएचई विभाग, कराहल

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Gwalior News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: डीप जोन के 30 गांव में भू-जलस्तर गिरने से हैंडपंप बंद, दूरदराज से पानी ला रहे ग्रामीण
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      More From Gwalior

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×