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खरेह में नल-जल योजना पर 20 लाख खर्च, पानी 10 साल बाद भी नहीं मिला

ग्रामीणों का दावा-पीएचई नहीं करा रही दूसरा बोर भास्कर संवाददाता | कोलारस कोलारस विकासखंड के बदरवास ब्लॉक की...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 04, 2018, 06:15 AM IST

खरेह में नल-जल योजना पर 20 लाख खर्च, पानी 10 साल बाद भी नहीं मिला
ग्रामीणों का दावा-पीएचई नहीं करा रही दूसरा बोर

भास्कर संवाददाता | कोलारस

कोलारस विकासखंड के बदरवास ब्लॉक की ग्राम पंचायत खरैह में लाखों रुपए की लागत से निर्मित हुई नलजल योजना 10 वर्ष से अधिक समय से शोपीस बनी हुई है। जिससे ग्रामीण पेयजल के लिए परेशान बने हुए हैं। ग्रामीणों को कहना है कि गर्मियों के शुरूआत मौसम में ही गांव में पीने के पानी का संकट बना हुआ है। तो आगामी दिनों में आने वाली भीषण गर्मियों में शायद पेयजल मिलना संभव दिखाई नहीं दे रहा है। खरैह गांव निवासी योगेंद्र रघुवंशी जिला पंचायत सदस्य का कहना है कि इस नल-जल योजना का लगभग 23 वर्ष पूर्व हुआ था। इसकी अभी तक की अनुमानित लागत 20 लाख रुपए बताई गई है। जिसमें नलजल योजना की टंकी के निर्माण के समय कराया बोर सहित दो अन्य बोर कराने के बाद भी उनमें पर्याप्त पानी नहीं निकला है। जिसके चलते गांव में बिछाई गई पाइप लाइन भी क्षतिग्रस्त होकर खराब हो गई है। वहीं बोरों में पानी नहीं होने से गांव में पेयजल का संकट बना हुआ है।

10 वर्ष से बंद पड़ी है नलजल योजना

बदरवास ब्लॉक की ग्राम पंचायत खरैह और भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील रघुवंशी व जिला पंचायत सदस्य योगेंद्र रघुवंशी का गृह गांव में लगभग 20 लाख रुपए से अधिक की लागत से निर्मित हुई नलजल योजना करीब 10 वर्ष से बंद पड़ी हुई है। जिसके चलते ग्रामीण व वहां के मवेशियों को पेयजल का संकट बना हुआ है। जिससे ग्रामीण अब दूर दराज से पानी लाने को मजबूर बने हुए हैं। इसके बाद भी गांव में निवास रहत जनप्रतिनिधि व सरपंच सचिव से लेकर पीएचई के अधिकारी इस और कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

पाइप लाइन भी हो गई क्षतिग्रस्त

ग्राम पंचायत खरैह में स्थित नल-जल योजना की वर्तमान स्थिति पर गौर किया जाए तो बोर में पानी नहीं होने से टंकी नहीं भर पा रही है। पानी सप्लाई करने के लिए टंकी से गलियों में तक बिछाई गई पाइप लाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके अलावा अन्य सामग्री भी खराब पड़ी हुई है। जिसे न तो ग्राम पंचायत दुरुस्त करा रही है और न ही पीएचई विभाग इस ओर कोई ध्यान दे रहा है।

भाजपा जिलाध्यक्ष व जिपं सदस्य का है गांव

खरैह ग्राम पंचायत में 10 वर्ष से बंद पड़ी नलजल योजना के कारण ग्रामीण पेयजल से परेशान बने हुए हैं। जबकि इस गांव में सत्ताहीन पार्टी के जिलाध्यक्ष सुशील रघुवंशी नलजल योजना की टंकी से महज 100 मीटर की दूरी पर निवास करते हैं। इसी गांव में जिला पंचायत सदस्य योगेंद्र रघुवंशी भी निवास करते हैं। कई छोटे बड़े अधिकारी व कर्मचारी निवास करते हैं। इसके बाद भी इस गांव में 10 वर्ष से लाखों रुपए की लागत से बनी नलजल योजना बंद पड़ी हुई है।

दो बोर सूखे, तीसरा बोर पीएचई ने नहीं किया

गांव में गहराए पानी संकट के बारे में ग्रामीणों सहित जनप्रतिनिधियों ने बताया है कि नल-जल योजना के समय लगवाए गए बोर के अलावा दो अन्य बोर सूख चुके हैं, उनमें पानी नहीं निकलता। जिससे टंकियां नहीं भर पा रहे हैं।

पंचायत ने फेल कर दी नल-जल योजना

नज-जल योजना के लिए बोर में पानी नहीं है। पिछले बोर को पंचायत ने फेल कर दिया। हमारे समय तक तो सब कुछ ठीक था। लेकिन दूसरे लोगों पर पंचायत की कमान आने के बाद से ही यह व्यवस्था फेल हो गई। सुशील रघुवंशी, जिलाध्यक्ष निवासी खरैह

हां बंद है नल-जल योजना

गांव में नल-जल योजना 10 वर्ष से अधिक समय से बंद है क्योंकि पहला बोर बंद हो गया। दूसरा बोर कराया तो उसमें पानी नहीं निकला। तीसरा बोर पीएचई कर नहीं रही है। उन्होंने आचार संहिता के बाद बोर कराने का आश्वासन दिया है। योगेंद्र रघुवंशी, जिला पंचायत सदस्य निवासी खरैह

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Web Title: खरेह में नल-जल योजना पर 20 लाख खर्च, पानी 10 साल बाद भी नहीं मिला
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