Hindi News »Madhya Pradesh »Gwalior» जन कल्याण के लिए 104 वर्ष से की जा रही है अखंड रामधुन, परंपरा आज भी है कायम

जन कल्याण के लिए 104 वर्ष से की जा रही है अखंड रामधुन, परंपरा आज भी है कायम

नगर के बाबा का बाग बगीचा स्थित हनुमान मंदिर पर ब्राह्मण समाज द्वारा जन कल्याण के लिए 104 वर्षों से अखंड संगीतमय...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:50 AM IST

जन कल्याण के लिए 104 वर्ष से की जा रही है अखंड रामधुन, परंपरा आज भी है कायम
नगर के बाबा का बाग बगीचा स्थित हनुमान मंदिर पर ब्राह्मण समाज द्वारा जन कल्याण के लिए 104 वर्षों से अखंड संगीतमय श्रीरामधुन का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें भक्तों द्वारा 2-2 घंटे की पालियों के माध्यम से अखंड धुन का जाप नवरात्रि में किया जाता है। जो 24 घंटे 9 दिन तक चलती है। रामधुन के साथ भक्तों द्वारा अखंड दीप प्रज्ज्वलित भी किया जाता है। मंदिर के महंत का कहना है कि अखंड रामधुन के साथ अखंड ज्योति से भगवान को प्रश्न कर जन कल्याण के सुख समृद्धि का वरदान भक्तों द्वारा प्रार्थना कर मांगा जाता है। जिससे न केवल जनता का कल्याण होता है बल्कि जन कल्यण में कुष्ठ रोगों सहित अन्य रोगों से मुक्ति मिलती है।

पत्थर रखने से होती है मनोकामना पूर्ण : कस्बे के बाबा के बाग बगीचा में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर की ऐसी मान्यता है कि यहां पर दर्शन कर परिसर में पत्थर रखने से भक्तों की मनोकामना पूर्ण हो जाती है। इसलिए यहां दर्शन कर भक्तों द्वारा पत्थर रखा जाता है। मनोकामना पूरी होने पर कथा अनुष्ठान कराकर भक्त अपना पत्थर हटवा देते हैं। इसलिए मंदिर में लोग प्रत्येक शनिवार और मंगलवार को संगीतमय सुंदरकांड सहित अन्य धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धालु यहां लगातार करते रहते हैं।

104 वर्ष पूर्व की थी कुष्ठ रोग मिटाने की रामधुन की शुरुआत

बगीचा मंदिर के महंत लक्ष्मण गिरि महाराज की माने तो यहां छोटा सा हनुमान जी का मंदिर बना हुआ था। जिसे ने माधवराव सिंधिया ने अपनी 25वीं जन्म शताब्दी के अवसर पर मंदिर का निर्माण कराने के लिए तत्कालीन तहसीलदार मौसर राव एवं मजिस्ट्रेट हरि गणेश को पैसा देकर मंदिर निर्माण कराने की जिम्मेदारी दी गई। मंदिर के निर्माण के दौरान खंडे सहित कुछ अन्य सामग्री कम पड़ गई। जिसे अधिकारियों ने अपने रौब में आकर नजदीकी प्राचीन मठ से कुछ सामग्री उठाकर मंदिर का निर्माण में उपयोग कर ली थी। जिससे उनके यहां कुष्ठ रोग होगा था। जिसे किसी वैद्य ने उन्हें बताया कि आप बाबा के बाग में चैत्र नवरात्रि में अखंड रामधुन का जाप कर दो। तो आप इस रोग से मुक्ति पा सकते हैं। तहसीलदार और मजिस्ट्रेट द्वारा रामधुन का आयोजन कराया गया। जिससे वे वे कुष्ठ रोग से मुक्त हो गए। तभी से शुरू हुई रामधुन का ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजन अब जनकल्याण के लिए कराया जा रहा है।

रामधुन के लिए बनाई कमेटी

पिछले 104 वर्षों से मंदिर पर लगातार चल रही रामधुन आयोजन के लिए भक्तों द्वारा एक कमेटी का निर्माण किया गया है। जिसमें अध्यक्ष रवि भार्गव, उपाध्यक्ष सुनील शर्मा, कोषाध्यक्ष पंकज भार्गव, सचिव सुधीश दुबे,सहित समाज के 90 लोगों को शामिल किया गया है। जिनके द्वारा रामधुन के लिए ढोलक, मंजीरे,चिमटा सहित संगीत के यंत्र उपलब्ध कराए जाते हैं। जिला का पहला सिद्ध स्थल

Get the latest IPL 2018 News, check IPL 2018 Schedule, IPL Live Score & IPL Points Table. Like us on Facebook or follow us on Twitter for more IPL updates.
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Gwalior News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: जन कल्याण के लिए 104 वर्ष से की जा रही है अखंड रामधुन, परंपरा आज भी है कायम
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Gwalior

    Trending

    Live Hindi News

    0
    ×