• Hindi News
  • Mp
  • Gwalior
  • 25 साल में पहली बार हुई श्रम विभाग की बैठक, ठेकेदारों को फटकारा
--Advertisement--

25 साल में पहली बार हुई श्रम विभाग की बैठक, ठेकेदारों को फटकारा

बैठक में कर्मचारियों को कार्य के अनुसार वेतन देने का रखा प्रस्ताव भास्कर संवाददाता | मालनपुर औद्योगिक...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:45 PM IST
25 साल में पहली बार हुई श्रम विभाग की बैठक, ठेकेदारों को फटकारा
बैठक में कर्मचारियों को कार्य के अनुसार वेतन देने का रखा प्रस्ताव

भास्कर संवाददाता | मालनपुर

औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर में 25 साल बाद पहली बार श्रम विभाग की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग की पदाधिकारी मिनी अग्रवाल ने मजदूरों की शिकायत पर ठेकेदारों को फटकार लगाते हुए काम के अनुसार वेतन देने के लिए कहा है। विकास भवन में आयोजित मीटिंग में ठेकेदारों ने अपनी-अपनी समस्याएं सुनाईं तो पदाधिकारी श्रीमती अग्रवाल ने कहा, आपकी समस्या ठीक है, लेकिन फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों को काम की पूरी मजदूरी मिलनी चाहिए। अगर किसी भी कर्मचारी की शिकायत आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मजदूरों को 37 रुपए कम मिल रहे: मालनपुर की फैक्ट्रियों में काम करने वाले अकुशल मजदूरों को सरकारी दर पर 8 घंटे प्रतिदिन के हिसाब से 273 रुपए दिए जाते हैं। लेकिन मजदूरों की शिकायत है कि, उन्हें 37 रुपए कम देकर 236 रुपए ही दिए जा रहे हैं। बैठक में पदाधिकारी ने ठेकेदारों से कहा है कि सभी मजदूरों को तय वेतन के अनुसार मजदूरी मिलनी चाहिए। साथ ही वर्करों को पेय-शिल्प भी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी कर्मचारी से अतिरिक्त काम कराया जाता है तो उसे काम के अनुसार वेतन का भुगतान करना होगा।

श्रम विभाग की बैठक में कुल 9 बिंदुओं पर चर्चा की गई, जिसमें मजदूरों की समस्याओं को गंभीरता से लिया गया है। बैठक के दौरान ठेकेदार छोटे सिंह भदौरिया, केके शर्मा, धनंजय शर्मा सहित करीब आधा सैकड़ा कॉन्ट्रेक्टर मौजूद रहे।

100 मजदूरों पर मिले कैंटीन सुविधा

श्रम विभाग की मीटिंग में पदाधिकारी मिनी अग्रवाल ने ठेकेदारों से चर्चा करते हुए कहा जिन कॉन्ट्रेक्टरों के पास 100 कर्मचारियों का स्टाफ है, उन्हें कैंटीन की सुविधा प्रदान करनी चाहिए। जिससे मजदूरों को सस्ते दामों में सामान खरीदने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि जिन वर्करों से आठ की जगह बारह घंटे काम लिया जाता है, उन्हें अतिरिक्त काम का पैसा मिलना चाहिए। जिससे कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं झेलनी पड़े। इसके साथ ही सभी मजदूरों के रजिस्ट्रेशन पूरे होने चाहिए। जिन कर्मचारियों के रजिस्ट्रेशन नहीं हुए हैं, उनकी जिम्मेदारी ठेकेदार और कंपनी प्रबंधन की होगी।

X
25 साल में पहली बार हुई श्रम विभाग की बैठक, ठेकेदारों को फटकारा
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..