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वर्चस्व को लेकर बंदियों ने सजायाफ्ता को लात-घूसों से पीटा, आरक्षकों पर भी हमला

कैदियांे के हमले में घायल आरक्षक व दूसरे चित्र में वह कैदी जिस पर हमला किया गया। हमला करने वाले 8 लोगों पर कोतवाली...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 04:05 AM IST
कैदियांे के हमले में घायल आरक्षक व दूसरे चित्र में वह कैदी जिस पर हमला किया गया।

हमला करने वाले 8 लोगों पर कोतवाली में केस दर्ज

भास्कर संवाददाता | दतिया

सर्किल जेल दतिया में गुरुवार सुबह 7-8 विचाराधीन कैदी एकराय होकर बैरक में घुस गए। वहां उन्होंने कंबल डालकर एक सजायाफ्ता कैदी के ऊपर लात-घूसों से हमला कर दिया। सभी कैदी उसे तब तक मारते रहे जब तक वह लहुलुहान नहीं हो गया। इधर कैदी की चीख-पुकार सुनकर जब जेल में पदस्थ आरक्षक उसे बचाने आए तो कैदियों ने उनके ऊपर भी हमला कर दिया। अलार्म बजने पर फोर्स जेल पर पहुंचा और झगड़ा कर रहे कैदियों को अलग-अलग किया। जेल स्टाफ की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने हमलावर 8 कैदियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। कैदियों के बीच यह झगड़ा जेल में वर्चस्व को लेकर हुआ है।

सर्किल जेल दतिया की बैरक नंबर 5 में हत्या के प्रयास के मामले में सजायाफ्ता कैदी दीपक (35) पुत्र दौलतराम कुशवाहा, पड़री जिला शिवपुरी बंद है। गुरुवार को सुबह आठ बजे दीपक अपनी बैरक में सो रहा था। तभी 7-8 विचाराधीन बंदी एकत्रित होकर दीपक की बैरक में घुस गए। इन सभी ने कंबल डालकर दीपक के ऊपर लात-घूसों की बौछार कर दी। मारपीट में वह लहुलूहान हो गया। उसकी आंख के अलावा पूरे शरीर में चोटों के निशान बन गए।

सीसीटीवी कैमरे से हुई शिनाख्त

पीड़ित दीपक ने बताया कि उसके साथ लला सिंह पुत्र हिम्मत सिंह यादव, सोनू पुत्र सुलतान सिंह, देवेंद्र पुत्र हनुमंत सिंह यादव, दयाराम उर्फ जगीरा पुत्र सेवक यादव, मंगल सिंह पुत्र पातीराम यादव, राकेश पुत्र भैरूलाल यादव, दौलत पुत्र रामप्रसाद यादव और कृष्णा पुत्र त्रिलोक सिंह यादव ने हमला किया है। पीड़ित दीपक की शिकायत के बाद जेल अधीक्षक ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो उसमें भी यही आठ कैदी बैरक के अंदर जाते हुए दिखे। कोतवाली पुलिस ने जेल प्रहरी रविकुमार की शिकायत पर मंगल यादव, लला यादव, सोनू यादव, देवेंद्र यादव, दयाराम यादव, दौलत यादव, शिवम यादव और राजेश यादव के खिलाफ बलवा व मारपीट की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

झगड़ा होने पर कोतवाली पुलिस भी बुला ली थी

जेल में हैं कैदियों के दो गुट, एक गुट को स्टाफ का सपोर्ट, इसलिए झाड़ते हैं रौब


झगड़ा बढ़ा तो बजाना पड़ा जेल अलार्म

दीपक के चिल्लाने की आवाज सुनकर आरक्षक सुरेंद्र सिंह और हवलदार अल्लू प्रसाद जब बैरक में पहुंचे तो हमलावर कैदियों ने उनके साथ भी मारपीट कर दी। झगड़ा बढ़ने पर जेल में अलार्म बजाया गया। कोतवाली से भी पुलिस फोर्स जेल पहुंच गया। जेल अधीक्षक बीके कुड़ापे भी मौके पर पहुंच गए और कैदियों को अलग-अलग कर दीपक को इलाज के लिए भेजा।

कैदियों के दो गुटों में है वर्चस्व की लड़ाई

सर्किल जेल के अंदर यादव और कुशवाह समाज के कैदी दो गुटों में बटे हुए हैं। कुशवाह समाज के कैदियों का नेतृत्व खुद दीपक करता है और यादव समाज के कैदियों का नेतृत्व मंगल सिंह करता है। दोनों गुटों में वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। दोनों ही जेल में अपना रसूख कायम करना चाहते हैं। जेल अधीक्षक कुड़ापे ने बताया कि-कई बार तो आरोपी ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को गालियां तक दे देते हैं। इन दोनों गुटों में वर्चस्व का झगड़ा होने के चलते जेल प्रशासन भी खासा परेशान रहता है। हालांकि भास्कर ने पड़ताल की तो ज्ञात हुआ कि कैदियों के एक गुट को जेल स्टाफ का सपोर्ट है। जिसकी वजह से यह गुट अन्य कैदियों से अवैध वसूली करते हैं। जो कैदी रुपए नहीं देते, उनके साथ दबंग कैदी मारपीट करते हैं। वर्चस्व को लेकर अक्सर जूझने वाले कई कैदियों को अन्य जेलों में भी ट्रांसफर किया गया है।

दो साल से जेल में बंद है पीड़ित दीपक

पीड़ित दीपक कुशवाहा ग्राम पड़री जिला शिवपुरी का रहने वाला है। 2016 में आरोपी को दतिया जिले में लूट, डकैती के प्रकरणों में गिरफ्तार कर सर्किल जेल में बंद किया गया था। दिसंबर 2017 को आरोपी को शिवपुरी जिले की न्यायालय द्वारा वहां के एक प्रकरण में सात साल की सजा सुनाई है। यह सजा अंडर ट्रायल में पूरी होने वाली है और वह कुछ दिनों बाहर छूटने वाला भी है।