--Advertisement--

डेडबॉडी देख मचा कोहराम, रोते पिता बोले- एक बेटे को तो जिंदा वापस ले आते

शहर के लक्ष्मणपुरा में सुबह से ही मातम का माहौल था।

Dainik Bhaskar

Feb 09, 2018, 03:10 AM IST
नगर निगम में पोस्टेड जगदीश डागौर का बड़ा बेटा रोहित नगर निगम में ही आउटसोर्स पर काम कर रहा था। नगर निगम में पोस्टेड जगदीश डागौर का बड़ा बेटा रोहित नगर निगम में ही आउटसोर्स पर काम कर रहा था।

ग्वालियर. शहर के लक्ष्मणपुरा में सुबह से ही मातम का माहौल था। हादसे में यहां रहने वाले दो सगे भाइयों और उनके एक दोस्त की मौत के बाद लोगों की आंखें नम थीं। लोगों का कहना था कि दोनों भाई रोहित और अमन उम्र में जरूर छोटे-बड़े थे लेकिन रहते बिलकुल दोस्तों की तरह थे। एक-दूसरे को छोड़कर कहीं नहीं जाते थे। जहां जाना होता था, एक साथ ही जाते थे। दोनों अपने परिवार को चलाने में पिता का सहारा बन गए थे। वे कुछ देर में आने की कहकर गए और फिर उनकी लाश ही वापस आई। कुछ दिनों बाद ही घर के बड़े लड़के की शादी होने वाली थी। रोहित की शादी हो चुकी थी पक्की...

- नगर निगम में पोस्टेड जगदीश डागौर का बड़ा बेटा रोहित नगर निगम में ही आउटसोर्स पर काम कर रहा था।

- छोटा बेटा अमन भी बॉटलिंग प्लांट पर काम करता था। रोहित की शादी की बात पक्की हो चुकी थी।

- चैत्र नवरात्र में परिवार के लोग सगाई करने की सोच रहे थे लेकिन इससे पहले ही यह हादसा हो गया ।

- सुबह तक इनके माता-पिता को घटना की जानकारी नहीं दी गई। इसी वजह से दोनों की अर्थियां पीएम हाउस से ही सजाकर घर पहुंचाई गईं।

- महज 5 मिनट रखकर श्मशान घाट के लिए ले गए। माता-पिता बेटों की मौत से बेसुध हो चुके थे। बुआ का भी रो-रोकर बुरा हाल था।

- पिता को सूचना थी कि एक बेटा घायल है। शव देख बोले-एक को तो जिंदा वापस ले आते।

अचानक मुड़ा ट्रक, बाइक टकराई, ऑन स्पॉट खत्म हो गए दो लोग

- घटना के समय मौजूद एक शख्स ने बताया कि, मेरी बाइक के आगे एक बाइक चल रही थी। उस पर चार युवक सवार थे। अचानक ट्रक डिवाइडर के बीच में बने गैप से मुड़ा। ट्रक चालक ने अंधेरा होने पर इंडीकेटर भी नहीं दिया और मोड़ दिया। मेरे आगे जा रही बाइक सीधे ट्रक में भिड़ी। मैं भी बाइक कंट्रोल नहीं कर पाया और ट्रक का पिछला हिस्सा हमारी बाइक से टकराया। हम भी गिर गए लेकिन ज्यादा चोट नहीं लगी। देखा तो सामने दो के सिर फट गए थे और तीसरा झटके ले रहा था। सबसे पहले एंबुलेंस और पुलिस को बुलाया। एंबुलेंस आई तब तक दो युवकों की मौत हो चुकी थी। इसके बाद दो युवकों को एंबुलेंस अस्पताल ले गई। ट्रक चालक ने ट्रक रोकने की जगह स्पीड और बढ़ा दी, जिसकी वजह से हम भी भिड़ गए थे।

संजीव की मां से टंकवाया बटन
- संजीव की मां रति देवी ने बताया कि यह सब लोग मुरैना जाने से पहले घर आए। सभी को घर पर चाय, बिस्किट दिए।

- रोहित की शर्ट का एक बटन टूट गया था। उसने बटन संजीव की मां से टंकवाया था।

- उन्होंने इन लोगों को रोका भी कि अंधेरा हो गया है इसलिए न जाएं लेकिन वे लोग नहीं माने।

पिता का इकलौता सहारा छिन गया, दादी देखना चाहती थी सिर पर सेहरा, अर्थी देखना पड़ी: करण गौतम पुत्र राजेश प्लंबर था। उसके पिता वेल्डिंग का काम करते थे। वह अपने पिता का इकलौता सहारा था। पिछले एक साल से वह पिता को सहारा देने लगा था। जब पैसा कमाने लगा तो तीन महीने पहले ही बाइक खरीदी। बहन नेहा को खुद पढ़ा रहा था। उसका पूरा खर्च उठा रहा था। बूढ़ी दादी अपने पोते के सिर पर सेहरा सजाने के सपने देख रही थीं लेकिन इससे पहले ही विधाता ने उन्हें वह दिन दिखा दिया, जिसे देखकर उनका कलेजा मुंह को आ रहा था। अपने पोते का आखिरी बार चेहरा तक नहीं देख पाईं क्योंकि हादसे में चेहरा बुरी तरह बिगड़ गया था।
छोटा बेटा अमन भी बॉटलिंग प्लांट पर काम करता था। रोहित की शादी की बात पक्की हो चुकी थी। छोटा बेटा अमन भी बॉटलिंग प्लांट पर काम करता था। रोहित की शादी की बात पक्की हो चुकी थी।
चैत्र नवरात्र में परिवार के लोग सगाई करने की सोच रहे थे लेकिन इससे पहले ही यह हादसा हो गया । चैत्र नवरात्र में परिवार के लोग सगाई करने की सोच रहे थे लेकिन इससे पहले ही यह हादसा हो गया ।
सुबह तक इनके माता-पिता को घटना की जानकारी नहीं दी गई। सुबह तक इनके माता-पिता को घटना की जानकारी नहीं दी गई।
इसी वजह से दोनों की अर्थियां पीएम हाउस से ही सजाकर घर पहुंचाई गईं। इसी वजह से दोनों की अर्थियां पीएम हाउस से ही सजाकर घर पहुंचाई गईं।
महज 5 मिनट रखकर श्मशान घाट के लिए ले गए। माता-पिता बेटों की मौत से बेसुध हो चुके थे। महज 5 मिनट रखकर श्मशान घाट के लिए ले गए। माता-पिता बेटों की मौत से बेसुध हो चुके थे।
X
नगर निगम में पोस्टेड जगदीश डागौर का बड़ा बेटा रोहित नगर निगम में ही आउटसोर्स पर काम कर रहा था।नगर निगम में पोस्टेड जगदीश डागौर का बड़ा बेटा रोहित नगर निगम में ही आउटसोर्स पर काम कर रहा था।
छोटा बेटा अमन भी बॉटलिंग प्लांट पर काम करता था। रोहित की शादी की बात पक्की हो चुकी थी।छोटा बेटा अमन भी बॉटलिंग प्लांट पर काम करता था। रोहित की शादी की बात पक्की हो चुकी थी।
चैत्र नवरात्र में परिवार के लोग सगाई करने की सोच रहे थे लेकिन इससे पहले ही यह हादसा हो गया ।चैत्र नवरात्र में परिवार के लोग सगाई करने की सोच रहे थे लेकिन इससे पहले ही यह हादसा हो गया ।
सुबह तक इनके माता-पिता को घटना की जानकारी नहीं दी गई।सुबह तक इनके माता-पिता को घटना की जानकारी नहीं दी गई।
इसी वजह से दोनों की अर्थियां पीएम हाउस से ही सजाकर घर पहुंचाई गईं।इसी वजह से दोनों की अर्थियां पीएम हाउस से ही सजाकर घर पहुंचाई गईं।
महज 5 मिनट रखकर श्मशान घाट के लिए ले गए। माता-पिता बेटों की मौत से बेसुध हो चुके थे।महज 5 मिनट रखकर श्मशान घाट के लिए ले गए। माता-पिता बेटों की मौत से बेसुध हो चुके थे।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..