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गांधी के पड़पोते को आपत्ति नहीं है तो कांग्रेस, भाजपा व प्रशासन कौन?: हिंदू महासभा

देर शाम हिंदू महासभा ने गांधी प्रतिमाओं को तोड़ने संबंधी अपना बयान वापस ले लिया।

Dainik Bhaskar

Nov 18, 2017, 05:56 AM IST
Gandhis paternal grandfather does not object,Congress

ग्वालियर. नाथूराम गोडसे की मूर्ति लगाने पर विवाद के बाद हिंदू महासभा ने शुक्रवार को तय किया कि एडीएम के नोटिस का जवाब दिया जाएगा। बताया जाएगा कि जिस भवन में गोडसे की मूर्ति लगाई है, वह महासभा की संपत्ति है। देश में विभिन्न संप्रदाय, मतों को मानने वाले अपने गुरुजनों की मूर्ति लगाकर उनकी पूजा करते हैं। हम अपनी संपत्ति पर ऐसा कर रहे हैं तो प्रशासन को आपत्ति क्यों है? बैठक में तय हुआ कि कांग्रेसी अगर गोडसे की मूर्ति को हटाएगी या तोड़ेगी तो बदले में शहर में स्थापित गांधी की मूर्तियां महासभा तोड़ेगी। हालांकि देर शाम हिंदू महासभा ने गांधी प्रतिमाओं को तोड़ने संबंधी अपना बयान वापस ले लिया।

- वहीं कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर राहुल जैन से मुलाकात कर चेतावनी पत्र दिया। जिसमें शहर जिला कांग्रेस कार्यक्रम अभियान आंदोलन समिति के संयोजक रमेश अग्रवाल ने कहा, 19 नवंबर तक गोडसे की मूर्ति हटाकर प्रशासन अपने कब्जे में ले, वरना कांग्रेस से टकराने के लिए तैयार रहें।

- इससे पहले फूलबाग पर धरने में कांग्रेस नेताओं ने हिंदू महासभा व आरएसएस को आतंकी संगठन बताते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार और सीएम शिवराज सिंह चौहान की शह पर महासभा ने गोडसे की मूर्ति लगाई है।

- धरने को ननि में नेता प्रतिपक्ष कृष्णराव दीक्षित के अलावा विद्यादेवी कौरव, संजय सिंह यादव, पूर्व विधायक रामवरण सिंह, रमेश अग्रवाल, अशोक सिंह, मुन्नालाल गोयल, रश्मि पवार ने भी संबोधित किया।

सीधी बात- कैलाश नारायण शर्मा, उपाध्यक्ष, हिंदू महासभा

आपने गोडसे की मूर्ति लगाई, कांग्रेस-भाजपा, प्रशासन ने इसे गलत बताया है।
- जब गांधी के पड़पोते तुषार गांधी को गोडसे की मूर्ति लगाने पर आपत्ति नहीं है तो फिर कांग्रेस, भाजपा व जिला प्रशासन के अधिकारी होते कौन हैं, हमें ऐसा करने से रोकने वाले। तुषार गांधी तो महात्मा गांधी का खून हैं।
भाजपा कह रही है कि आप चर्चाओं में रहने के लिए प्रोपेगेंडा कर रहे हैं। कांग्रेस राष्ट्रद्रोह का आरोप लगा रही है।
भाजपा-कांग्रेस एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। भाजपा हिंदू वोटों के लिए तो कांग्रेस मुस्लिम वोटों के लिए प्रोपेगेंडा करते आई है। भाजपा शुद्ध हिंदूवादी पार्टी होती तो गांधी को नहीं पूजती।
जिला प्रशासन मूर्ति हटवाएगी तो क्या करेंगे। कांग्रेस को कैसे रोकेंंगे?
प्रशासन ने अगर गोडसे की मूर्ति हटाई तो हम न्यायालय की शरण लेंगे। लेकिन कांग्रेसी अगर कार्यालय में प्रवेश करेंगे तो उनका हर तरह से विरोध होगा।
गोडसे को न्यायालय ने फांसी दी थी। क्या आपको कानून पर यकीन नहीं।
- हमें अपने देश के संविधान और कानून पर पूरा भरोसा है। लेकिन उस समय गोडसे के साथ जो हुआ, वह सही नहीं था। इस मामले में हिंदू महासभा कानूनी लड़ाई जरूर लड़ेगी।

मूर्तिकार दिनेश प्रजापति ने भास्कर से कहा-

गोडसे क्या, मैं रावण और महिषासुर की भी मूर्ति बना दूंगा, लेकिन मेरे लिए गांधीजी ही पूजनीय

आपने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की प्रतिमा बनाई। क्या आप उनकी विचारधारा में विश्वास रखते हैं ।
- बिल्कुल नहीं। मूर्ति बनाना मेरा पेशा है। गोडसे तो क्या मैं रावण, महिषासुर या जिसकी भी मूर्ति आप बनवाना चाहते हो, बना दूंगा। मूर्ति बनाते वक्त मैं उसके अच्छे-बुरे के बारे में थोड़े ही सोचता हूं। लेकिन गोडसे की विचारधारा का मैं समर्थक नहीं हूं। मैं गांधीवादी इंसान हूं।
हिंदू महासभा गोडसे को सही और गांधी को गलत बताती है। आप क्या सोचते हो।
मैं तो महात्मा गांधी को ही पूजता हूं और उनके लिए ही मेरे दिल में श्रद्धा और सम्मान है। गोडसे तो मेरे लिए सिर्फ एक मूर्ति और मेरी एक रचना हैं। अगर कोई गोडसे को पूजना चाहता है तो वह उनकी पूजा करें। मैं इस बारे में क्या कहूं। लेकिन मैं उनकी पूजा नहीं कर सकता।

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