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जाटव हत्याकांड : जमानत पर फैसला सुरक्षित,वकिल ने कहा- आर्य मंत्री हैं, भागेंगे नहीं

पक्षकार शासन का मंत्री है, इनके भागकर जाने की कोई संभावना नहीं है।

Danik Bhaskar | Nov 15, 2017, 06:51 AM IST
ग्वालियर. कांग्रेस विधायक माखन जाटव हत्याकांड में प्रदेश के मंत्री लाल सिंह आर्य को आरोपी बनाए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। कोर्ट में मंत्री लाल सिंह आर्य की ओर से अधिवक्ता राजेश शुक्ला ने अग्रिम जमानत याचिका का आवेदन पेश किया। इसमें तर्क रखा कि सीबीआई और पुलिस ने जांच के बाद उन्हें आरोपी नहीं बनाया है। सिर्फ एक गवाह बनवारी लाल के कहने पर कोर्ट ने आरोपी बनाया है। वहीं पक्षकार शासन का मंत्री है, इनके भागकर जाने की कोई संभावना नहीं है।
- इसलिए प्रथम दृष्टया उक्त मामले में जमानत स्वीकार की जानी चाहिए। वहीं शासन की ओर से अधिवक्ता बीके शर्मा ने तर्क रखा कि हमसे उक्त जांच सीबीआई ने ले ली थी। सीबीआई के अधिवक्ता असिस्टेंट सॉलिसीटर जनरल विवेक खेड़कर ने तर्क रखा कि सीबीआई को गवाह बनवारी लाल का बयान लेने की आवश्यकता महसूस नहीं हुई थी।
- कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपी मंत्री लाल सिंह आर्य की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। ज्ञात रहे कि तत्कालीन विधायक माखन जाटव की अप्रैल 2009 में हत्या हुई थी। इसमें 9 आरोपियों के खिलाफ सेशन कोर्ट में मामला चल रहा है।
- इसमें गवाह बनवारी लाल ने कोर्ट में मंत्री लाल सिंह आर्य का नाम भी लिया। कोर्ट ने इसके बाद मंत्री आर्य को आरोपी बनाने के आदेश दिए। मंत्री लाल सिंह आर्य की ओर से हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में अग्रिम जमानत याचिका पेश की गई।