Hindi News »Madhya Pradesh »Gwalior» Lifting The Water From The Couto, Pehsari Will Be Damaged

ककैटो से पानी की लिफ्टिंग शुरू, पेहसारी बांध होकर 5 महीने में अाएगा तिघरा डैम

पेयजल संकट से जूझ रहे शहरवासियों के लिए तिघरा डैम को भरने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू कर दी गई।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 14, 2017, 07:40 AM IST

  • ककैटो से पानी की लिफ्टिंग शुरू, पेहसारी बांध होकर 5 महीने में अाएगा तिघरा डैम
    ग्वालियर.पेयजल संकट से जूझ रहे शहरवासियों के लिए तिघरा डैम को भरने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू कर दी गई। काम का शुभारंभ महापौर विवेक शेजवलकर ने किया। इसके लिए ककैटो डैम पर सिंचाई विभाग द्वारा 82 हॉर्स पॉवर के 47 पंप लगाए गए हैं। पहले दिन 11 पंप शुरू किए गए। ककैटो से 1400 एमसीएफटी और पेहसारी से 900 एमसीएफटी पानी लिया जाएगा। अधिकारियों ने चिंता जताई है कि यदि इस साल मानसून कम रहा तो शहर के लोगों को भीषण पेयजल संकट से जूझना पड़ जाएगा।
    - ककैटो डैम में इस समय 1583 एमसीएफटी पानी है। इसमें से 1400 एमसीएफटी पानी की लिफ्टिंग 2 माह तक 24 घंटे की जाएगी। डैम से डेली 26 एमसीएफटी पानी लिया जाएगा। यहां से 1400 एमसीएफटी पानी लेने के बाद ककैटो डैम में मात्र 183 एमसीएफटी बचेगा।
    पानी बर्बाद न करें
    - अब सारी स्थिति मानसून पर निर्भर है। यदि इस साल बारिश नहीं होती है तो स्थिति भयावह हो जाएगी। कारण यह है कि ककैटो और पेहसारी से पानी लेने के बाद इन डैम में पानी - नहीं बचेगा। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वे पानी को किसी भी स्थिति में बर्बाद न करें।
    विनोद कुमार शर्मा, निगमायुक्त
    9 आसान सवालों से जानिए जल संकट और उससे निपटने का हर पहलू
    कितने और किस क्षमता के पंप लगाए हैं? कितना पैसा खर्च होगा?
    - 82 हॉर्स पॉवर के 47 पंप लगाए हैं। इनमें से 42 पंप 24 घंटे चलेंगे। 5 पंप स्टेंड बाई रहेंगे। पूरे काम पर 9.35 करोड़ रुपए खर्च हाेंगे।
    पानी की लिफ्टिंग अभी से क्यों?
    - पहले ककैटो से पेहसारी में पानी डाला जाएगा। इसमें 3 महीने लगेंगे। इसके बाद पेहसारी में पंप लगाकर तिघरा के लिए पानी लिफ्ट किया जाएगा, जिसमें 2 माह और लगेंगे। वक्त अधिक लगने और सर्दी को देखते हुए प्रक्रिया जल्दी शुरू की गई है।
    कितना पानी लिफ्ट करेंगे? कितने लोगों के लिए पर्याप्त होगा?
    - दोनों डैमों से कुल 2,300 एमसीएफटी पानी लिफ्ट करेंगे। लेकिन लॉस के बाद तिघरा तक 1200 एमसीएफटी तक पानी पहुंचने की संभावना है। जो 7 महीने तक शहर की 12 लाख आबादी की जरूरत पूरी करेगा।
    तिघरा में अभी कितने दिन का पानी है? ककैटो अौर पेहसारी से जो पानी आएगा, उसे मिलाकर कितने दिन के लिए पर्याप्त होगा?
    - तिघरा में 1284 एमसीएफटी पानी बचा है। जो चार महीने के लिए है। एक दिन छोड़कर जुलाई 2018 तक के लिए पर्याप्त होगा। क्योंकि गर्मी के दिनों में पानी वाष्पीकृत होगा। रोज - एमसीएफटी पानी कम होगा।
    - लिफ्टिंग को लेकर किस तरह की एहतियात बरतनी होगी?
    कैनाल से आ रहे पानी की सिंचाई के लिए चोरी न हो, इसके लिए कर्मचारियों को 24 घंटे तैनात करना होगा।
    जलसंकट के स्थायी समाधान के लिए क्या प्लान है?
    - शासन ने हाईकोर्ट में स्थानीय बांधों के अलावा हरसी से पानी लेने का शपथ पत्र दिया था। लेकिन यह पूरा प्लान वर्षा पर ही आधारित है, जबकि स्थायी समाधान चंबल नदी से पाइप लाइन लाकर ही निकाला जा सकता है।
    स्थायी समाधान में कहां रोड़ा है, क्यों उस पर अमल नहीं हो रहा?
    - कोर्ट की लगातार नाराजगी और दैनिक भास्कर द्वारा चलाए गए अभियान के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने चंबल नदी से पानी लाने का प्लान तैयार कराने को कहा था। इंदौर की एजेंसी ने 500 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया है। लेकिन पिछले दिनों भोपाल में नगरीय विकास विभाग की बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने प्लान को महंगा बताते हुए लौटा दिया।
    शहरवासियों का क्या रोल होना चाहिए?
    - लोगों को चाहिए कि वह अभी से पानी की बचत शुरू करें। पानी को व्यर्थ बर्बाद न किया जाए। साथ ही पानी का पैसा हर माह चुकाएं ताकि रेवेन्यू के अभाव में चंबल जैसी योजनाओं पर अफसर सवालिया निशान लगा सकें।
    सबसे चिंताजनक बात क्या है?
    - यदि अगले साल बारिश नहीं होती है तो पेयजल की स्थिति भयावह हो जाएगी। न तो ककैटो डैम भर पाएगा, न पेहसारी और न ही तिघरा। एेसी स्थिति में शहर की बोरिंग का लेवल भी नीचे चला जाएगा।
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Gwalior

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×