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लोक-तंत्र के बीच की कड़ी बना छात्र, समस्या समाधान के लिए बनाई साइट

जनता को सीधे तौर पर देश के प्रधानमंत्री, किसी भी मुख्यमंत्री, विभाग या राष्ट्रीय राजनीतिक दलों व चुनाव आयोग से जोड़ने के लिए ग्वालियर के इंजीनियरिंग पास कर चुके छात्र ने वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन प्लेटफार्म तैयार किया है।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 23, 2015, 07:08 AM IST

ग्वालियर.जनता को सीधे तौर पर देश के प्रधानमंत्री, किसी भी मुख्यमंत्री, विभाग या राष्ट्रीय राजनीतिक दलों व चुनाव आयोग से जोड़ने के लिए ग्वालियर के इंजीनियरिंग पास कर चुके छात्र ने वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन प्लेटफार्म तैयार किया है।
www.republicindia.in नाम की इस वेबसाइट से आप अपनी कोई भी शिकायत, समस्या या सुझाव इन जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा सकते हैं। इतना ही नहीं, इस वेबसाइट से होने वाली शिकायतें या दिए जाने वाले सुझावों के संबंध में उपयोगकर्ता को रिस्पॉन्स भी दिया जाता है। उसे बताया जाता है कि उसके द्वारा दी गई जानकारी संबंधित व्यक्ति या विभाग को कब मिली और उस पर क्या कार्रवाई या प्रक्रिया चल रही है। वेबसाइट तैयार करने वाले छात्र कपिल गुप्ता का कहना है कि उन्होंने इसे बेहद सरल तरीके से तैयार किया है ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी इसका उपयोग कर सकें। दस महीने पहले गणतंत्र दिवस पर 26 जनवरी 2015 को शुरू हुई इस वेब पोर्टल पर 12 हजार से अधिक देशवासियों ने अपनी शिकायतें व सुझाव जनप्रतिनिधियों को भेजे हैं।
ऐसे दें सुझाव या शिकायत
www.republicindia.in के होम पेज पर 38 ऑप्शन दिए गए हैं। जिनमें से आपको जनप्रतिनिधि, राजनीतिक दल या अन्य विभाग को की लिस्ट दिखेगी।
इस लिस्ट से संबंधित ऑप्शन को क्लिक करने पर आपको एक तैयार फार्मेट दिखाई देगा, जिसमें दिखाई जा रही जानकारी भरनी होगी।
आपके द्वारा भरा गया फार्मेट पहले वेबसाइट प्रबंधन के पास जाएगा और फिर प्रबंधन उसे चेक करने के बाद संबंधित व्यक्ति के पास मेल करेगा।
आपकी शिकायत या सुझाव को जनप्रतिनिधि या अन्य से क्या रिस्पॉन्स मिला, इसकी जानकारी लगातार आपको ई-मेल पर दी जाएगी।
इस वेबसाइट के माध्यम से शिकायत या सुझाव भेजने के लिए इस पर लॉग इन आईडी बनाने की जरूरत नहीं होती। लोग अपने पुराने ई-मेल आईडी से ही इसका उपयोग कर सकते हैं।
खुद के खर्च से चला रहे वेबसाइट
इंजीनियरिंग कर चुके कपिल गुप्ता अब आईएएस की तैयारी कर रहे हैं और अपने जेब खर्च व ज्ञान बढ़ाने के लिए कोचिंग सेंटर चलाते हैं। वेबसाइट के संचालन में हर महीने करीब 6 से 7 हजार रुपए का खर्चा आ रहा है। जिसे कपिल खुद की जेब से देते हैं। इसके लिए वे किसी विज्ञापन या फायनेंसर के भरोसे नहीं रहते। वेबसाइट व उस पर अपलोड होने वाला डाटा तैयार करने में 4 महीने का वक्त लगा था।
इसलिए तैयार की वेबसाइट:
ब तक ऐसा कोई प्लेटफार्म नहीं, जहां से जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों या चुनाव आयोग से एक साथ सीधा संपर्क किया जा सके। इन सभी की अलग-अलग वेबसाइट हैं और उनकी प्रक्रिया इतनी कठिन है कि लोग अपनी बात नहीं कह पाते। इसलिए रिपब्लिक इंडिया.इन को तैयार किया गया है। गूगल पर कोई वेबसाइट सर्च करने पर इसका नाम सबसे ऊपर आ रहा है।
गड़बड़ी रोकने के लिए मॉनिटरिंग:
इस वेबसाइट का कोई व्यक्ति दुरुपयोग नहीं कर सके। इसके लिए वेबसाइट मैनेजमेंट द्वारा हर ई-मेल की लगातार मॉनिटरिंग की जाती है। श्री गुप्ता ने बताया कि उपयोगकर्ता का मेल सबसे पहले उनके पास आता है और फिर वे उसके मेल को पूरी तरह पढ़कर ये देखते हैं कि इस सुविधा का उपयोग कोई व्यक्ति धमकी या किसी गलत काम के लिए तो नहीं कर रहा।
लोग इससे अपनी शिकायत व सुझाव भेज रहे हैं
जनता को जनप्रतिनिधियों से जोड़ने के लिए हमने इस वेबसाइट को तैयार किया है। लोग इसके माध्यम से लगातार प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों, चुनाव आयोग व राजनीतिक दलों को अपनी शिकायतें तथा सुझाव भेज रहे हैं। इसके संबंध में उन्हें रिस्पॉन्स भी मिल रहा है।
कपिल गुप्ता, संस्थापक, रिपब्लिक इंडिया.इन
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