ग्वालियर

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दोनों पैर से लाचार हैं ये शख्स, फिर भी 36 KM अरब सागर में तैरकर रचा इतिहास

मध्यप्रदेश के पैरा स्वीमर सत्येन्द्र सिंह ने 36 किलोमीटर की तैराकी कर अरब सागर को पार किया है। गौरतलब है कि सत्येन्द्र के दोनों पैर नहीं हैं लेकिन हौंसलों के बल पर 5 घंटे 42 मिनट में इस दूरी को पार किया।

Dainik Bhaskar

May 04, 2017, 11:16 PM IST
अरब सागर में तैराकी के दौरान सत्येन्द्र सिंह। अरब सागर में तैराकी के दौरान सत्येन्द्र सिंह।
ग्वालियर. मध्यप्रदेश के पैरा स्वीमर सत्येन्द्र सिंह लोहिया ने अरब सागर में 36 किलोमीटर तैरकर इतिहास रच दिया है। गौरतलब है कि सत्येन्द्र पहले ऐसे भारतीय हैं जिन्होंने 75 फीसदी दिव्यांग होने के बाद भी ये उपलब्धि पाई है। उन्होंने 5 घंटे 42 मिनट में इस दूरी को पार किया। DainikBhaskar.Com ने सत्येन्द्र से Exclusive बातचीत की...
-सत्येन्द्र ने बताया कि वह फ्रांस और ब्रिटेन के बीच 36 किमी के इंग्लिश चैनल को जुलाई में पार करने वाले हैं। उससे पहले मुंबई के अरब सागर में 36 किमी तैरकर खुद को तैयार किया।
-वह भारत के पहले ऐसे दिव्यांग है जो 75 फीसदी प्रभावित होने के बाद भी 36 किमी की तैराकी कम समय में पूरी कर पाए।
'कुछ नहीं कर सकते' के ताने ने बदली जिंदगी
-सत्येन्द्र बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही ये ताना मिलता था कि ये तो विकलांग है। ये जीवन में कुछ नहीं कर सकता। परिवार के लिए ये बोझ है।
-इस ताने को सुनकर मुझमें संघर्ष करने की ताकत पनपी। मैंने तैराकी को अपना पैशन बनाया और 2009 में कलकत्ता में पहला मैडल जीता।
-उसके बाद से अब तक मैं 19 मैडल नेशनल और 4 मैडल इंटरनेशनल कांपिटीशन में जीत चुका हूं।
-2016 के पैरा ओलंपिक में क्वालीफाई राउंड के लिए कनाडा भी गया लेकिन वहां किन्हीं कारणों वश क्वालीफाई नहीं कर पाया।
हाई टाइड के वजह से समुद्र में तेज लहरें उठने लगी
-मुंबई से अरब सागर में तैरते हुए वे एलीफेंटा टापू पर पहुंचे। ये दूरी करीब 36 किमी थी।
-सत्येन्द्र ने 4 मई को दोपहर 1 बजकर 22 मिनट पर तैरना शुरू किया और शाम 7 बजकर 5 मिनट पर वह एलीफेंटा टापू पर पहुंचे।
-ये दूरी सत्येन्द्र ने 5 घंटे 42 मिनट में पूरी की।
-ये दूरी वे 5 घंटे में भी पूरी कर सकते थे लेकिन हाई टाइड के वजह से समुद्र में तेज लहरें उठने लगी। इस वजह से उन्हें 1 घंटा ज्यादा समय लग गया।
जब एमपी में उन्हें सहना पड़ा अपमान
-इंग्लिश चैनल तैरकर पार करने की बात जब उन्होंने खेल विभाग से कही तो उन्हें कहा गया कि पहले बड़े तालाब में तैरकर दिखाओ।
-इस बात से सत्येन्द्र यहां से निराश हो गए। तब उन्होंने महाराष्ट्र के अरब सागर में तैरने की तैयारी की। इसके लिए उन्होंने नेवी से स्पेशल परमिशन ली।
आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, किस तरह का रहा सत्येन्द्र का संघर्ष...
यहां से सत्येन्द्र ने शुरू की तैराकी। यहां से सत्येन्द्र ने शुरू की तैराकी।
कमर के नीचे वाला भाग बेकार हो गया
-अपने दोनों पैरों से ना चल पाने के बावजूद सत्येन्द्र ने 2014 में मध्यप्रदेश का सर्वोच्च खेल सम्मान विक्रम अवार्ड को अपने नाम किया।
-अपने दोनों पैरो से ना चलने के बावजूद सत्येन्द्र कभी भी अपने परिवार और दोस्तों के लिए बोझ नहीं साबित हुए।
-तैराकी में अमेरिकी खिलाड़ी माइकल फेलप्स को अपना आदर्श मानते है. 
-मेहगांव तहसील के गाता गांव में जन्में सत्येंद्र जब केवल दो माह के थे उन्हें निमोनिया हो गया।
-डॉक्टर  की लापरवाही से उनके कमर के नीचे वाला हिस्सा बेकार हो गया था।
-स्कूली शिक्षा के बाद से लोगों ने हतोत्साहित  करना शुरू कर दिया। इस अभिशाप को दरकिनार कर सत्येन्द्र ने गांव के बाहर बैसली नदी में तैरना शुरू किया।
-हिम्मत बड़ी तो फिर पीछे मुड़ कर नहीं देखा। कभी हतोत्साहित करने वाले भी अब सत्येंद्र को सम्मान की दृष्टि से देखने लगे।
 
परिवार की आर्थिक स्थिति  ठीक नहीं
-सत्येन्द्र के परिवार की आर्थिक स्थिति  ठीक नहीं थी। पिता किसान हैं, थैरेपी कराने के लिए उन्होंने अपनी जमीन तक बेच दी थी। 
-बचपन में अपने दोस्तों के साथ वे बेसली नदी में तैरने जाते थे लेकिन दोस्त ऐसा करने से रोकते थे। फिर भी वे उनकी बातों को नहीं मानते थे। 
-वर्तमान में सत्येन्द्र मई  2016 से सेल टैक्स विभाग, इंदौर में एलडीसी की पोस्ट पर काम कर रहे हैं। 
 
 
आगे की स्लाइड्स में देखें, फोटो...
 
सत्येन्द्र सिंह। सत्येन्द्र सिंह।
समुद्र में तैराकी के दौरान सत्येन्द्र। समुद्र में तैराकी के दौरान सत्येन्द्र।
लहरों से जूझते सत्येन्द्र। लहरों से जूझते सत्येन्द्र।
विकलांग होने के बावजूद कई रिकार्ड बना चुके हैं सत्येन्द्र। विकलांग होने के बावजूद कई रिकार्ड बना चुके हैं सत्येन्द्र।
5 घंटे 42 मिनट में अरब सागर में तैराकी कर रचा इतिहास। 5 घंटे 42 मिनट में अरब सागर में तैराकी कर रचा इतिहास।
सत्येन्द्र ने 2 मई को अपने फेसबुक वाल पर पोस्ट किया ये फोटो। सत्येन्द्र ने 2 मई को अपने फेसबुक वाल पर पोस्ट किया ये फोटो।
ग्वालियर के रहने वाले सत्येन्द्र सिंह। ग्वालियर के रहने वाले सत्येन्द्र सिंह।
मप्र के सीएम के हाथों विक्रम अवार्ड लेते सत्येन्द्र सिंह। मप्र के सीएम के हाथों विक्रम अवार्ड लेते सत्येन्द्र सिंह।
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अरब सागर में तैराकी के दौरान सत्येन्द्र सिंह।अरब सागर में तैराकी के दौरान सत्येन्द्र सिंह।
यहां से सत्येन्द्र ने शुरू की तैराकी।यहां से सत्येन्द्र ने शुरू की तैराकी।
सत्येन्द्र सिंह।सत्येन्द्र सिंह।
समुद्र में तैराकी के दौरान सत्येन्द्र।समुद्र में तैराकी के दौरान सत्येन्द्र।
लहरों से जूझते सत्येन्द्र।लहरों से जूझते सत्येन्द्र।
विकलांग होने के बावजूद कई रिकार्ड बना चुके हैं सत्येन्द्र।विकलांग होने के बावजूद कई रिकार्ड बना चुके हैं सत्येन्द्र।
5 घंटे 42 मिनट में अरब सागर में तैराकी कर रचा इतिहास।5 घंटे 42 मिनट में अरब सागर में तैराकी कर रचा इतिहास।
सत्येन्द्र ने 2 मई को अपने फेसबुक वाल पर पोस्ट किया ये फोटो।सत्येन्द्र ने 2 मई को अपने फेसबुक वाल पर पोस्ट किया ये फोटो।
ग्वालियर के रहने वाले सत्येन्द्र सिंह।ग्वालियर के रहने वाले सत्येन्द्र सिंह।
मप्र के सीएम के हाथों विक्रम अवार्ड लेते सत्येन्द्र सिंह।मप्र के सीएम के हाथों विक्रम अवार्ड लेते सत्येन्द्र सिंह।
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