Hindi News »Madhya Pradesh »Gwalior» School Teachers Lack Of Teachers Efforts To Improve Results

साझेदारी योजना से दूर होगी स्कूल में शिक्षकों की कमी, रिजल्ट सुधारने का प्रयास

स्कूल शिक्षा विभाग बोर्ड परीक्षा के छात्रों के परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए एक नई कवायद में जुटा है।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 25, 2017, 08:08 AM IST

साझेदारी योजना से दूर होगी स्कूल में शिक्षकों की कमी, रिजल्ट सुधारने का प्रयास

छतरपुर.स्कूल शिक्षा विभाग बोर्ड परीक्षा के छात्रों के परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए एक नई कवायद में जुटा है। हालांकि इससे छात्र-छात्राओं काे ही फायदा है। इसके तहत अब जिन स्कूलों में जिस विषय के शिक्षक नहीं हैं उन्हें डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि दूसरे स्कूलों से उस विषय के शिक्षक की तलाश करना है। इसके बाद साझेदारी से सब ठीक हो जाएगा। मान लीजिए किसी स्कूल में गणित का शिक्षक नहीं है और विज्ञान का शिक्षक है, तो गणित के शिक्षक की तलाश की जाएगी और उनसे स्कूल में गणित पढ़वाया जाएगा। बदले में विज्ञान के शिक्षक वहां पढ़ाने जाएंगे। प्रदेश के सैकड़ों ऐसे स्कूल हैं जहां कई विषयों के शिक्षक वर्षों से नहीं हैं। अब ऐसे में वहां सभी विषय के कोर्स पूरे होने में प्रबंधन को मशक्कत करना पड़ रही है, वहीं विद्यार्थियों को पढ़ाई में परेशानी होती है। ऐसे में शिक्षा विभाग ऐसी योजनाएं बना रहा है, जिससे सबका भला हो सके। साझेदारी करने की यह योजना भी इसी का परिणाम है।

- इसका मुख्य कारण यह है कि शिक्षकों के न होने के से कोर्स पूरा नहीं हो पा रहा है। जिस स्कूल में अंग्रेजी विषय के शिक्षक हैं पर हिंदी के नहीं तो वे दूसरे स्कूल के शिक्षक से हिंदी की पढ़ाई करवा लेंगे और बदले में दूसरे स्कूल में अंग्रेजी का कोर्स पूरा करवाएंगे। इसे ही साझेदारी योजना का नाम दिया गया है। इससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।
- इसके अलावा सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी जल्द ही खादी से बनी यूनिफॉर्म में नजर आएंगे। इसके लिए केन्द्रीय उद्योग मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर स्कूली ड्रेस को खादी से जोड़ने की पहल की है। पहले यह प्रयोग सरकारी स्कूलों में होगा।
- शिक्षा विभाग के अधिकािरयों का कहना है कि परीक्षा परिणाम प्रभावित न हो, इसके लिए जिन स्कूलों में विषय विशेषज्ञों के शिक्षक नहीं हैं, उन्हें एक-दूसरे स्कूल में भेजकर व्यवस्था कराई जाएगी। ऐसे स्कूलों को चिन्हित कर शिक्षकों की सूची बनाई जाएगी। जिससे जिले का परीक्षा परिणाम सुधारा जा सके।

बेटियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लागू की नई व्यवस्था
- शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए शासन के निर्देशानुसार अब निदानात्मक कक्षाएं स्कूल समय में ही लगेंगी। पहले ये अवकाश के दिनों में अथवा स्कूल के समय के बाद लगाती थीं। नई व्यवस्था बेटियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है।

- बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों का परिणाम शत-प्रतिशत लाने के लिए निदानात्मक कक्षाएं शुरू हुई थीं। स्कूल समय के बाद कक्षाएं लगाने से छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे थे। इसे देखते हुए इस साल से शासन ने सभी निदानात्मक कक्षाएं स्कूल समय में ही लगाने का निर्णय लिया है।

- डीपीसी एचसी दुबे ने बताया कि कमजोर बच्चों का शैक्षणिक स्तर सुधारने के लिए भी निदानात्मक कक्षाएं शुरू की गई हैं।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Gwalior News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: saajhedaari yojnaa se dur hogai school mein shikskon ki kmi, rijlt sudhaarune ka pryaas
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Gwalior

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×