आस्था / जन्माष्टमी के दिन प्रिया से एक दिन के लिए दूर हो जाते हैं बड़े गोविंद



bade govind datia
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  • भक्तों को होते हैं प्रिया जी व गोविंद के अलग-अलग दर्शन, बड़े गोविंद मंदिर में जन्माष्टमी उत्सव 24 को 

Dainik Bhaskar

Aug 21, 2019, 04:02 PM IST

दतिया। भाद्रपद कृष्ण अष्टमी यानि कृष्ण जन्माष्टमी के दिन बड़े गोविंद अपनी प्रिया जी से एक दिन के लिए दूर हो जाते हैं। जन्माष्टमी के दिन से दूसरे दिन तक भक्तों को प्रिया जी व गोविंद के अलग अलग दर्शन होते हैं।

 

गोविंद जहां मुख्य गर्भगृह में तो प्रिया जी अलग कमरे में भक्तों को दर्शन देती हैं। जन्माष्टमी पर्व की सभी पूजा प्रक्रिया होने के बाद पुन: गर्भगृह में गोविंद प्रिया जी के साथ दर्शन देते हैं। श्री बड़े गोविंद मंदिर में 24 अगस्त को जन्माष्टमी पर्व मनाया जाएगा। पर्व को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। यादव समाज द्वारा इस दिन आकर्षक चल समारोह निकाला जाएगा। 

 

मंदिर के पुजारी विपिन गोस्वामी बताते है कि जन्माष्टमी पर्व की शुरुआत 24 अगस्त को सुबह 7 बजे ठाकुर जी के दूध, दही से स्नान व अभिषेक के साथ होगी। इसी के साथ प्रिया जी को अलग कमरे में सिंहासन पर विराजमान करा दिया जाएगा। सुबह लगभग 8.30 बजे ठाकुर जी व प्रिया जी के अलग-अलग दर्शन भक्तों को होंगे। रात्रि 12 बजे भगवान का जन्म होगा। जन्म आरती सहित विभिन्न पूजनादि कार्य किए जाएंगे। दूसरे दिन यानि 25 अगस्त को दधिकांदौ मंदिर प्रांगण में भक्तों द्वारा लुटाया जाएगा। 

 

इसलिए प्रिया से दूर हो जाते है ठाकुरजी 
पुजारी श्री गोस्वामी के अनुसार मंदिर में गोविंद स्वरूप में ठाकुर जी विराजमान हैं। चूंकि जन्माष्टमी पर भगवान का जन्म होता है। यानि बाल रूप में होते हैं। इसलिए प्रिया जी को ठाकुरजी से अलग सिंहासन पर विराजमान कराया जाता है। 

 

श्री पीतांबरा पीठ पर 23 को मनेगी काली जयंती 
बता दें कि भगवान श्री कृष्ण को अवतरण दिवस व मां काली का अवतरण दिवस एक ही दिन है। यानि जन्माष्टमी के दिन ही काली जयंती मनाई जाती है। श्री पीतांबरा पीठ पर काली जयंती पर 23 अगस्त को रात 12 बजे मां पीतांबरा की विशेष आरती होगी। 

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