--Advertisement--

भिंड / कर्ज के बोझ में दबे किसान ने लगाई फांसी, बेटी की करनी थी शादी



किसान को कुछ दिन बाद ही बेटी की शादी करनी थी। किसान को कुछ दिन बाद ही बेटी की शादी करनी थी।
X
किसान को कुछ दिन बाद ही बेटी की शादी करनी थी।किसान को कुछ दिन बाद ही बेटी की शादी करनी थी।

  • रौन के ग्राम पंचायत रेमजा में एक किसान ने बीती रात घर के बरामदे में तौलिया से फंदा बनाकर की आत्महत्या 

Dainik Bhaskar

Dec 08, 2018, 11:03 AM IST

भिंड. जिले के रौन के रेंमजा गांव में एक किसान ने अपने ही घर के बरामदे में तौलिया से फांसी का फंदा अपने गले में डालकर आत्महत्या कर ली। घटना गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात की है। घटना की जानकारी लगते ही रौन पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक के शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भिजवाया। साथ ही मर्ग कायम कर प्रकरण विवेचना में लिया है। बताया जा रहा है कि मृतक किसान कर्ज के बोझ से दबा हुआ था। साथ ही अपनी बेटी की शादी करना चाहता था। लेकिन माली हालत में सुधार न होने की वजह से उसने बीती रात आत्मघाती कदम उठा लिया। हालांकि पुलिस अभी इस बात से इंकार कर रही है। 

 

पुलिस के अनुसार, रेंमजा निवासी किसान रामदेव शर्मा(54) पुत्र बलभद्र शर्मा ने घर के बरामदे में तौलिया का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। सुबह जब परिवार के लोगों ने बुजुर्ग का शव फंदे पर लटका देखा तो पुलिस को सूचना दी। घटना शुक्रवार की रात दो बजे की बताई जा रही है। परिजन का कहना है कि बुजुर्ग ने कर्ज से आहत होकर आत्महत्या का कदम उठाया है। लेकिन पुलिस ने परिजन की बताई बात की पुष्टि नहीं की है।

 

किसान के बड़े बेटे प्रमोद शर्मा ने बताया कि पिताजी पिछले तीन साल से खेती में लगातार घाटा सह रहे थे। छोटी बहन शिवानी की शादी के लिए घर में इतना पैसा नहीं था, इस कारण वह अपने दो भाइयों के साथ बाहर नौकरी करने चले गए। घर पर पिता खेती का काम संभाल रहे थे। किसान ने लोगों से कर्जा लेकर डेढ़ साल पहले एक ट्रैक्टर और चार पहिया वाहन खरीदा था। मगर उनकी किश्त भी लगातार पिछड़ती गईं, जिससे कर्ज का बोझ बढ़ता गया और किसान ने आत्महत्या कर ली। 

 

फाइनेंस कंपनी से किश्त के लिए आ रहे थे फोन 
किसान के बेटों ने बताया गांव में बिजली नहीं है, इस कारण खेती ठीक से नहीं कर पाते हैं। ट्रैक्टर व इंजनों से ट्यूबवेल से पानी देते हैं उसमें अधिक व्यय होता है। इससे खेती में मुनाफा तो दूर लागत भी ठीक से नहीं निकल पाती है। किसान के चार बेटे और एक बेटी है। जिसमें बड़े बेटे की शादी एक साल पहले हुई थी। प्रमोद ने बताया पिताजी ने कुछ लोगों से कर्जा लेकर ट्रैक्टर व गाड़ी खरीदी थी। लेकिन आमदनी इतनी नहीं हुई कि समय पर किश्त अदा कर सकें। फाइनेंस कंपनियों के बार-बार फोन आते थे। इसके साथ ही जिन लोगों से कर्जा लिया था वह भी अपने रुपए मांगने घर आने लगे थे। इसी कारण से किसान ने फांसी लगाकर आत्म हत्या करने का संगीन कदम उठाया। 

Bhaskar Whatsapp
Click to listen..