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पहाड़ी पर फैली डेड बॉडी के टुकड़े पुलिस ने ऐसे बच्चे से उठवाए, फिर भेजा पोस्टमार्टम के लिए

पहाड़ी पर फैली डेड बॉडी के टुकड़े पुलिस ने ऐसे बच्चे से उठवाए, फिर भेजा पोस्टमार्टम के लिए

Danik Bhaskar | Jan 08, 2018, 02:07 PM IST
मध्य प्रदेश के ग्वालियर का माम मध्य प्रदेश के ग्वालियर का माम

ग्वालियर. शहर की एक पहाड़ी पर युवक की डेड बॉडी पुलिस को मिली। इस डेड बॉडी के कई टुकड़े पहाड़ी पर फैले हुए थे। पुलिस जांच करने पहुंची और फिर एक बच्चे से बॉडी के टुकड़े एकत्र करवाए और उसे पॉलिथिन में रखवाया। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। एक बच्चे से यह काम नियमों के विपरीत कराने पर लोगों ने विरोध भी जताया है। वहीं पुलिस अफसर इस पर मौन साधकर बैठ गए हैं। यह है मामला....


-रविवार की शाम को यूनिवर्सिटी थाने के पास एक पहाड़ी पर युवक की क्षत-विक्षत डेड बॉडी मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस जांच करने पहुंची। युवक की डेड बॉडी के कई हिस्से पहाड़ी पर फैले हुए थे। करीब एक हफ्ते पुरानी इस डेड बॉडी को जानवर ने खा लिया था और उसके कारण टुकड़े आसपास फैल गए। पुलिस ने एक-दो लोगों से बॉडी के टुकड़े समेटने को कहा, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ।

बच्चे से उठावाए बॉडी के टुकड़े
-इसके बाद एक 12 साल के बच्चे को वहां लाया गया। पुलिस सब इंस्पेक्टर ने बच्चे से डेड बॉडी के टुकड़े एकत्र करवाए और फिर उसे एक बैग में रखवाया। इसके बाद डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। पुलिस के मुताबिक यह डेड बॉडी बबलू खान नाम के युवक की हो सकती है, जो एक जनवरी से गायब है। हालांकि अभी उसकी शिनाख्त की जा रही है।

बच्चे से यह काम करवाना नियमों के विपरीत
-उधर कुछ लोगों ने एक बच्चे से डेड बॉडी के टुकड़े उठाने का विरोध किया है। लोगों का कहना है कि पुलिस का यह काम नियमों को विपरीत है। इस मामले में यूनिवर्सिटी थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
-वहीं एडवोकेट एचडी मिश्रा का कहना है कि बाल संरक्षण कानून के तहत यह काम किसी बच्चे से नहीं कराया जा सकता। ऐसा काम करने से उसके ऊपर मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ सकता है।