--Advertisement--

साइकल चलाना भी नहीं जानती थीं ये वुमंस सोल्जर, अब बाइक से राजपथ पर दिखाएंगी स्टंट

साइकल चलाना भी नहीं जानती थीं ये वुमंस सोल्जर, अब बाइक से राजपथ पर दिखाएंगी स्टंट

Dainik Bhaskar

Jan 25, 2018, 01:06 PM IST
बीएसएफ वुमंस सोल्जर जो इस बार बीएसएफ वुमंस सोल्जर जो इस बार

ग्वालियर. 18 महीने पहले इंद्रा भदौरिया को साइकल चलाना भी नहीं आती थी, लेकिन आज वे बुलेट पर स्टंट दिखाती हैं। केवल इंद्रा ही नहीं, उनके जैसी 26 BSF की वुमंस सोल्जर कड़ी मेहनत के बाद तैयार हैं। आजादी के बाद यह पहला मौका होगा, जब ये वुमंस सोल्जर रिपब्लिक डे पर राजपथ पर अपना स्टंट दिखाएंगी। इस टीम को सीमा भवानी का नाम दिया गया है। सभी वुमंस सोल्जर को टेकनपुर की बीएसएफ अकादमी में ट्रेनिंग दी गई है।


-2016 में दीपावली के बाद जब BSF की वुमंस सोल्जर ट्रेनिंग लेने के लिए टेकनपुर स्थित अकादमी आईं तो अफसरों के दिमाग में आइडिया आया। यह आइडिया था कि वुमंस सोल्जर को बुलेट बाइक के स्टंट की ट्रेनिंग दी जाए।
-53 वुमंस सोल्जर अपनी इच्छा जाहिर की। अन्य 53 को बीएसएफ की कमांडो स्क्वॉड से लिया गया। इसके बाद उनका प्रशिक्षण ग्वालियर के करीब स्थित टेकनपुर में शुरू हुआ।

साइकल चलाना भी नहीं आता था सोल्जर को
-ट्रेनिंग दौरान पता चला कि मोटरसाइकिल राइडिंग के लिए जिन महिला सोल्जर का चुनाव किया गया है, उसमें से सिर्फ तीन ने पहले स्कूटी चलाई थी जबकि दो महिला जवानों ने सामान्य मोटरसाइकल चलाई थी और 10 महिला जवानों को साइकल चलाना आता था। 38 महिला जवान ऐसी थी, जिन्हें साइकल चलाना भी नहीं आता था।
- इन वुमंस सोल्जर को प्रतिदिन 6 घंटे ट्रेनिंग दी गई और मात्र 3 महीने में 13 प्रकार की फॉरमेशन बनाना सीख चुकी थीं। णईझइ इससे पहले महिलाओं की ऐसी टीम बना चुकी है, लेकिन वह कभी 8 फाॅर्मेंशन से आगे नहीं पहुंच पाई।


टीम में शामिल होने के लिए सीखी बाइक
- टीम की मेंबर पंजाब की सिमरपाल कौर बताती हैं कि बचपन में भाई से बाइक चलाने की इच्छा जताई तो उसने यह कहते हुए मना कर दिया कि यह लड़कों का काम है। यहां आने के बाद जब भाई को बताया कि मैं बुलेट पर खतरनाक स्टंट करती हूं तो वह सुनकर हैरान हो गया।
- टीम की कैप्टन और लद्दाख से आईं सब इंस्पेक्टर स्टेजिंग नॉरयांग कहती हैं कि हमारे साथ ट्रेनिंग ले रहीं 46 में 43 ने कभी साइकिल भी नहीं चलाई थी, लेकिन टीम में शामिल होने के लिए सबने बुलेट चलाना सीखा।
- मुरैना की रहने वाली कॉन्स्टेबल इंद्रा भदौरिया बताती हैं कि मैंने घर पर सिर्फ मां को बताया और ट्रेनिंग करने चली आई। किसी और से पूछती तो मना कर दिया जाता और मुझे तो पहले साइकल चलानी भी नहीं आती थी।

पहली बार राजपथ पर दिखाएंगी स्टंट
-अब इस टीम ने 22 प्रकार के फॉर्मेशन बना लिए हैं। इसीलिए इसे रिपब्लिक डे पर राजपथ की परेड में शामिल होने का मौका मिला है। यह देश की पहली वुमंस सोल्जर की टीम है, जो राजपथ पर प्रदर्शन करेगी।
-BSF की 106 महिला कमांडो की इस टीम को सीमा भवानी का नाम दिया गया है। इस टीम ने 16 इवेंट तैयार किए हैं। जिसके तहत ये कमांडो 26 बुलेट पर सवार होकर वूमन सैल्यूट, फिश राइडिंग, साइड राइडिंग, शोल्डर राइडिंग, शक्तिमान, पीकॉक, सीमा प्रहरी, गुलदस्ता और पिरामिड जैसे कांबिनेशन का प्रदर्शन करेंगी।

स्लाइड्स में है इस स्टंट के फोटोज.........

X
बीएसएफ वुमंस सोल्जर जो इस बार बीएसएफ वुमंस सोल्जर जो इस बार
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..