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आपस में चंदा करके करते थे किडनैप, रकम के हिसाब से तय होता था फिरौती का शेयर

आपस में चंदा करके करते थे किडनैप, रकम के हिसाब से तय होता था फिरौती का शेयर

Danik Bhaskar | Dec 15, 2017, 02:02 PM IST
मुरैना पुलिस की गिरफ्त में बदम मुरैना पुलिस की गिरफ्त में बदम

ग्वालियर. दो महीने पहले मुरैना के एक लड़के का किडनैप करने वाले 7 आरोपियों को मुरैना पुलिस ने पकड़ लिया है। ये सभी आरोपी कोई भी किडनैप करने से पहले आपस में चंदा करके रकम एकत्र करते थे। इसके बाद जब फिरौती की रकम मिल जाती थी तो उसमें इनवेस्टमेंट के हिसाब से हिस्सा दिया जाता था। इस मामले के पांच आरोपी अभी भी फरार हैं। यह है मामला......


-27 अक्टूबर को मुरैना के एक टीचर जगदीश राठौर के 15 वर्षीय बेटे विकास का किडनैप उस समय कर लिया था, जब वह कोचिंग से लौट रहा था। किडनैप के बाद विकास के परिजनों से रिहाई के एवज में 40 लाख रुपए मांगे गए।
-किडनैप के 25 दिन बाद यानि 20 नबंवर को पुलिस को सुराग मिला कि विकास को किसी डकैत गिरोह ने धौलपुर के पास बाड़ी के जंगलों में रखा है।
-पुलिस की एक टीम ने जंगल में जाकर तलाशी ली और अपह्त विकास को छुड़ाने का दावा किया। पुलिस विकास को धौलपुर से लेकर मुरैना आ गई।
-उस समय पुलिस ने यही दावा किया कि जंगल में एनकाउंटर के बाद विकास को छुड़ाया है। हालांकि लोगों ने फिरौती की रकम देने से भी इनकार नहीं किया था।

दो महीने बाद गिरफ्त में आए बदमाश
-इसके बाद पुलिस बदमाशों की खोज में लग गई। गुरुवार को मुरैना पुलिस विकास के किडनैप के मामले में राजस्थान से हनुमान दास, बंटी, हंसराज मीणा, विजय सिंह, रामदास गुर्जर, जयवीर परमार और फकीरा सिंह को गिरफ्तार किया है। जबकि सुरेन्द्र, केशव, रामलखन, धीरा, नीटू सहित अन्य आरोपी फरार हैं
-इस मामले में मुरैना पुलिस ने बताया कि किसी भी किडनैप के पहले ये बदमाश आपस में रकम एकत्र करके खर्च करते थे। जो भी व्यक्ति वारदात के लिए रुपए देता था वह फिरौती की रकम में हिस्सेदार बन जाता था।
-पैसा एकत्रित करने के बाद यह अपहरण के लिए निकल जाते थे। अपहरण के लिए कोई टारगेट फिक्स नहीं होता था जो भी व्यक्ति इनके झांसे में आता यह अपहरण कर लेते थे। विकास अपहरणकांड में भी बदमाशों ने सात-सात हजार रुपए वारदात के लिए जुटाए थे।

लिफ्ट देने के नाम पर करते थे अपहरण
अपहरण की वारदात के लिए बदमाश बोलेरो में सवार होकर निकलते थे और किसी ऐसे स्थान पर बोलेरो खड़ी कर देते थे जहां लोग उनसे लिफ्ट मांगे। जैसे ही कोई व्यक्ति लिफ्ट मांगता यह उसका अपहरण कर लेते थे।
विकास अपहरणकांड में लिफ्ट के बहाने उसका किडनैप किया गया। विकास ने लिफ्ट मांगी तो यह बदमाश उसे बिठाकर घर तक छोड़ने गए। घर के नजदीक विकास को उतारने के बाद बंटी उसके पीछे-पीछे गया और उसका घर देख आया।


कई किडनैप की वारदातें की इन बदमाशों ने
- पकड़े गए बदमाशों ने अपने साथियों के साथ आगरा से की गई जेल प्रहरी के भाई रजा तथा धौलपुर निवासी डॉक्टर निखिल बंसल का अपहरण कर फिरौती वसूला जाना कबूल किया है।
-पुलिस के मुताबिक इन बदमाशों ने आगरा व राजस्थान से आठ-दस अपहरण की वारदातें की हैं लेकिन वह पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पाई हैं।

रकम देकर इस गैंग से जुड़ते हैं बदमाश
- पकड़े गए बदमाशों के अलावा और भी बहुत से अपराधी है जो इनसे जुडे हैं और यह सभी मिलकर अपहरण को उद्योग की तरह संचालित कर रहे थे।
-अलग-अलग अपहरण में गैंग के अलग-अलग सदस्य अपना हिस्सा डालते थे और इस तरह वारदातें कर इन्होंने ट्रक, बोलेरो व अन्य तरह के वाहन खरीद लिए हैं जिनसे यह बिजनेस भी करते हैं।

स्लाइड्स में है इस किडनैप से जुड़े फोटोज............