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फाउंटेन के लिए ऐतिहासिक बारादरी से अफसरों ने हटाई शिव परिवार की पुरानी प्रतिमा

एक फाउंटेन लगाने के लिए नगर निगम अफसरों ने शिव परिवार की पुरानी प्रतिमा को हटवा दिया।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Jan 10, 2018, 11:06 AM IST

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    यह शिव परिवार की प्रतिमा स्थापित थी फूलबाग की बारादारी में, जिसे दो दिन पहले तोड़कर हटाया गया

    ग्वालियर. फूलबाग परिसर में बनी बारादरी में लगी शिव परिवार की पुरानी प्रतिमा को नगर निगम के अफसरों ने इसलिए हटा दिया, क्योंकि वहां एक फाउंटेन लगाना है। इसके साथ दूसरे पार्क इटालियन गार्डन में मंगलवार को मुख्यमंत्री शंकराचार्य की प्रतिमा लगाने वाले हैं। अब अफसर यह कह रहे हैं कि प्रतिमा खंडित थी, इसलिए हटाया गया है। प्रतिमा हटाने पर कई लोग सवाल भी उठा रहे हैं। यह है मामला.......


    -फूलबाग परिसर में कई पार्क और ऐतिहासिक महत्व के स्मारक हैं। इसी में स्वर्ण रेखा नदी के किनारे बारादरी है। इस बारादरी में एक शिव परिवार की प्रतिमा लगी हुई है। यह प्रतिमा करीब 50 साल पुरानी है।
    -बहुत पहले बारादरी में एक राष्ट्रीय शिल्प शिविर लगा था। उस समय जाने-माने मूर्तिकार रुद्र हांजी ने यह शिव परिवार की प्रतिमा बनाई थी। इस प्रतिमा को बाद में बारादारी में ही स्थापित कर दिया गया।

    अनोखी प्रतिमा थी यह
    -शिव परिवार का यह प्रतिमा सबसे अलग थी। इसमें पार्वती की आदमकद प्रतिमा की गोद में बाल गणेश की खड़ी प्रतिमा है, उनके हाथ में कलश है, जो उनकी सूंड से जुड़ा हुआ है। पैरों में चूहा खड़ा है।

    -बाल गणेश शेष नाग के ऊपर खड़े दिखाए गए हैं। प्रतिमा में बाहर की ओर शिवलिंग है, इस पर शिव का चेहरा बना हुआ है। सबसे नीचे पैडस्टल के रूप में नंदी बनाया गया है।

    दो दिन पहले हटाया इस प्रतिमा को
    -इस प्रतिमा को दो दिन पहले हटा दिया गया। पहले तो अफसरों ने पूरी तरह अनभिज्ञता जाहिर की। फूलबाग जोन के क्षेत्रीय अधिकारी वीरेन्द्र शाक्य ने कहा कि प्रतिमा को हटाने का मामला मेरी जानकारी में नहीं है।
    -दो दिन पहले तक हम लोगों ने प्रतिमा वहीं लगी देखी है। निगम के हिसाब से ये मेरा क्षेत्र है, लेकिन वहां काम टूरिज्म विभाग की देखरेख में कराया जा रहा है। उन्होंने ही प्रतिमा हटवाई होगी।
    -वही टूरिज्म विभाग के इंजीनियर दिवाकर मिश्रा ने बताया कि प्रतिमा को नहीं हटाया गया, इसे निगम अफसरों ने ही हटाया होगा।

    निगम कमिश्नर ने कहा फाउंटेन के लिए हटाया
    -जब मामले ने तूल पकड़ा निगम कमिश्नर विनोद शर्मा ने बताया कि यह प्रतिमा खंडित हो गई थी, इसलिए उसे हटा दिया गया है। यह स्थान फाउंटेन वाला है और वहां इसे लगाया जाएगा।
    -निगम से जुड़े पुराने लोगों का कहना है कि प्रतिमा में गणेश की सूंड 1990 में टूटी थी, लेकिन उसकी मरम्मत कर दी गई थी। ऐसे में उसे हटाने का कोई औचित्य नहीं है, लेकिन एक फाउंटेन के लिए प्रतिमा हटाना गलत है।

    स्लाइड्स में है इस प्रतिमा से जुड़े फोटोज...........

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    अब केवल ऐसा बचा है बारादरी में प्रतिमा का चबूतरा
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    नगर निगम ने प्रतिमा के खंडित होने का हवाला देकर हटाया और अब यहां फाउंटेन लगाया जाएगा
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    प्रतिमा के साथ ऐसे दिखाई देती थी बारादरी
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    कुछ दिन पहले केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने भी बारादरी का निरीक्षण किया था, तब यहां प्रतिमा लगी थी
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Web Title: Old Shiva Family Statue Removed By Officials For Fountain
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