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बांग्लादेश से चलता है चेक क्लोनिंग का रैकेट, पकड़े गए बदमाश ने बताई यह कहानी

बांग्लादेश से चलता है चेक क्लोनिंग का रैकेट, पकड़े गए बदमाश ने बताई यह कहानी

Dainik Bhaskar

Nov 21, 2017, 12:22 PM IST
बांगलादेशी मूल का कोलकाता का ठ बांगलादेशी मूल का कोलकाता का ठ

ग्वालियर. बैंक से चेक चोरी कर क्लोनिंग की और लाखों रुपए कोलकाता के बैंकों में खोले गए अकाउंट्स में ट्रांसफर कर दिए। चेक भी उनके चोरी किए जिनके अकाउंट मोबाइल बैंकिंग से अपडेट नहीं थे, साथ चेक पर आसान से सिग्नेचर करते थे। पुलिस ऐसे दो बदमाशों को कोलकाता से पकड़कर ले आई है, इनमें से एक का कनेक्शन बांग्लादेश से है,गैंग के मास्टरमाइंड की तलाश जारी है। यह है मामला.......

-इसी साल सितंबर में यूको बैंक की हजीरा ब्रांच से किसान विकास सिंह के एकाउंट से 9.57 लाख रुपए कोलकाता के किसी सोमनाथ दास के एकाउंट में ट्रांसफर हो गए।
-विकास सिंह को इसका पता उस समय चला, जब वे बैंक में पासबुक में एंट्री कराने गए। बैंक मैनेजमेंट ने हजीरा पुलिस में इसकी रिपोर्ट लिखाई। हैरानी की बात यह थी कि जिस चेक से रकम निकाली गई, वह विकास के घर में रखा था।

-इसके पहले यूको बैंक की ही छत्री बाजार ब्रांच से भी एक कारोबारी अच्छे लाल गुप्ता के एकाउंट से चेक क्लोनिंग के जरिए कोलकाता के बैंक में लाखों रुपए ट्रांसफर हुए थे।

चेक क्लोनिंग से की रकम ट्रांसफर
-बैंक मैनेजमेंट के मुताबिक यह रकम चेक की क्लोनिंग के जरिए कोलकाता ट्रांसफर हुई। पुलिस कोलकाता से सोमनाथ दास को पकड़कर ले आई।
-जांच में मालूम हुआ कि सोमनाथ दास तो मोहरा भर है। किसी ने उसके नाम से बैंक में एकाउंट खोला और रुपए क्लोन चेक के जरिए ट्रांसफर किए। सोमनाथ को मालूम ही नहीं था कि उसके एकाउंट में 9.5 लाख रुपए जमा हैं।

बांग्लादेशी निकला बदमाश

-हजीरा पुलिस ने फिर से कोलकाता जाकर जांच की एक सत्यजीत पकड़ में आया। सत्यजीत बाला ने ही सोमनाथ का एकाउंट खोला था। पुलिस सत्यजीत को ग्वालियर लेकर आई तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
-सत्यजीत के पास भारतीय नागरिकता वाले सभी प्रमाणपत्र थे, लेकिन उसके पेरेंट्स बांग्लादेश में रहते हैं। इस मामले में लक्ष्मण हलदार और नील विश्वास का नाम भी सामने आया है। हलदार का कोलकाता में टाइल्स का कारोबार है और दोनों फिलहाल फरार है।

ऐसे करता है यह गिरोह ठगी
-पुलिस के मुताबिक हलदार और विश्वास, सत्यजीत के माध्यम से बैंकों में लोगों के एकाउंट खुलवाता है औऱ फिर चेक क्लोनिंग के जरिए लाखों रुपए ट्रांसफर करता है। सत्यजीत को एकाउंट खोलने के एवज में 20 हजार रुपए मिले थे।
-पुलिस का दावा है कि यह तीन सदस्यीय यह पूरा रैकेट है और इसका कनेक्शन बांग्लादेश से हो सकता है, जिसका मास्टरमाइंड लक्ष्मण हलदार है। एसपी डॉ. आशीष ने बताया कि जांच में यह बात भी सामने आई है कि हलदार के कई बैंक अफसरों से रिलेशन हैं, इनका वह फायदा उठाता है।
यह गिरोह ऐसे लोगों के एकाउंट पर निगाह रखता है, जो अक्सर चेक से पेमेंट करते हों, इनके सिग्नेचर आसान हों और बैंक सिस्टम में इनका मोबाइल फोन अकाउंट से अटैच्ड नहीं है। इसलिए रुपए निकलने की सूचना मोबाइल फोन पर नहीं पहुंचती है।

स्लाइड्स में है इस मामले के फोटोज.....

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