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इस दिव्यांग लड़की ने थाईलैंड में कैनोइंग में जीता सिल्वर मेडल, तो ऐसे हुआ स्वागत

इस दिव्यांग लड़की ने थाईलैंड में कैनोइंग में जीता सिल्वर मेडल, तो ऐसे हुआ स्वागत

Danik Bhaskar | Nov 28, 2017, 05:33 PM IST
थाईलैंड से सिल्वर मेडल जीतकर भ थाईलैंड से सिल्वर मेडल जीतकर भ

ग्वालियर. एक लड़की ने 10 महीने पहले भिंड के तालाब में कैनोइंग की बोट चलाना सीखी और उसके बाद फिर कुछ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। इसके बाद 10 दिन पहले वे एशियन पैरा कैनोइंग में शामिल होने थाईलैंड गईं। थाईलैंड में लड़की ने सिल्वर मेडल जीता। जब यह दिव्यांग लड़की वापस मंगलवार को पहुंची तो उसका जोरदार स्वागत किया गया। अब पूजा का कहना है कि वे पैरा ओलंपिक की तैयारी में जुटेंगी। ऐसे किया इस दिव्यांग प्लेयर का स्वागत.........

-पूजा पैरों से चलने में समर्थ नहीं है और वह व्हीलचेयर पर चलती हैं, लेकिन उनके अंदर हिम्मत और जज्बा की कमी नहीं है। भिंड के तालाब गौरी सरोवर में उन्होंने 10 महीने पहले कैनोइंग प्ले में हिस्सा लिया। उन्हें राधे गोपाल यादव ने ट्रेनिंग दी।
-कैनोइंग की शुरुआत इसी साल फरवरी से हुई और उन्होंने इतने कम समय में थाईलैंड के पटाया शहर में एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल पर कब्जा किया। वे कहती हैं कि लड़कियां किसी से कम नहीं है।

लौटने पर हुआ जोरदार स्वागत
-मंगलवार को वे थाईलैंड से वापस भिंड पहुंची तो उनका लोगों ने जोरदार स्वागत किया। इस स्वागत से वे अभिभूत होकर बोलीं कि सभी के सहयोग से वे इस मेडल जीत पाई हैं।
-अब उनका लक्ष्य ओलंपिक में गोल्ड मैडल जीतना है और इसके लिए खेल मंत्री से कुछ उपकरण की मांग करेंगी, जिससे उनका खेल और बेहतर हो सके।

लक्ष्य अब ओलंपिक में मेडल जीतना
-भिंड कैनोइंग ऐसोसिएशन के अध्यक्ष राधे गोपाल यादव का कहना है कि उनकी कोशिश यही है कि भिण्ड से पूजा जैसे और भी होनहार खिलाड़ी निकलें और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन करें।
-पूजा के कोच हितेंद्र का कहना है कि पूजा गजब की प्रतिभाशाली है और यह उसकी मेहनत और लगन का ही परिणाम है कि थोड़े से ही समय में उसने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीता है।

स्लाइड्स में है इस मामले के फोटोज........