Hindi News »Madhya Pradesh »Gwalior» Lord Kartikeya Temple Open Only For 24 Hours, Devotee Line From Night

केवल २४ घंटे के लिए खुला भगवान कार्तिकेय का मंदिर, रात से भक्त लाइन में

केवल २४ घंटे के लिए खुला भगवान कार्तिकेय का मंदिर, रात से भक्त लाइन में

Sameer Garg | Last Modified - Nov 04, 2017, 10:47 AM IST

ग्वालियर.एक साल बाद शनिवार की रात 12 बजे कार्तिकेय मंदिर के पट खुले और  भगवान का अभिषेक दूध से किया गया। 400 साल पुराने इस मंदिर के पट केवल 24 घंटे के लिए खोले गए हैं और भक्तों की अपार भीड़ रात से आनी शुरू हो गई और दिन भर दर्शन के लिए लाइन लगी रहेगी। 

 

 

- ग्वालियर के जीवाजीगंज में स्थित यह देश का इकलौता मंदिर है, जहां कार्तिकेय स्वामी की प्रतिमा स्थापित है और यह मंदिर केवल कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही खुलता है।

- मंदिर के पुजारी पं.जमनाप्रसाद शर्मा की 5 पीढियां इस मंदिर में सेवा करती आ रही हैं। पुजारी जमुना प्रसाद बताते हैं कि यह देश का इकलौता मंदिर है, जिसमें भगवान कार्तिकेय के साथ गंगा-जमुना और सरस्वती की प्रतिमाएं एक साथ स्थापित हैं।

रात को खोले मंदिर के पट

-रात 12 बजे मंदिर के पट खोले गए और सबसे पहले भगवान कार्तिकेय का दूध से अभिषेक किया गया। अभिषेक के बाद भगवान का श्रृंगार किया गया।
-इसके बाद शनिवार को सुबह 4 बजे से मंदिर के दरवाजे भक्तों के लिए खोल दिए गए। यह मंदिर केवल 24 घंटे के लिए खुला हुआ है और श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर सकेंगे।
-ग्वालियर-चंबल संभाग ही नहीं बल्कि उत्तरप्रदेश और राजस्थान से भी श्रद्धालु आते हैं। मंदिर के बाहर मेला लगता है। 5 नवंबर को सुबह 4बजे मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे, जो एक साल बाद फिर खुलेंगे।


यह है कार्तिकेय की कथा
- कहा जाता है कि प्रथम पूज्य देव होने की प्रतियोगिता में छोटे भाई गणेश के जीत जाने पर गुस्से में भगवान शिव व देवी पार्वती के बड़े पुत्र कार्तिकेय तपस्या करने अज्ञात स्थान पर चले गए थे।
- उन्हें मनाने के लिए ढूंढ़ते हुए जब शिव-पार्वती पहुंचे तो कार्तिकेय ने श्राप दिया कि स्त्री दर्श करेगी तो वह 7 जन्म तक विधवा रहेगी और पुरुष दर्शन करेंगे तो वे 7 जन्म तक नर्क में जाएंगे।
पार्वती ने आग्रह किया कि कोई ऐसा दिन हो जब आपके दर्शन हो सकें। इसके बाद कार्तिकेय का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने वर्ष में केवल एक दिन अपने भक्तों को दर्शन के लिए निर्धारित किया गया।
- कार्तिकेय ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन जो भी उनके दर्शन करेगा, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी। तब से यह मंदिर केवल कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही खुलता है।

स्लाइड्स में है इस मामले के फोटोज..........

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Gwalior

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×