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राजाओं के गुप्तचर फोर्ट जाते थे यहां से, अब टूरिस्ट के लिए खोला जाएगा यह रास्ता

राजाओं के गुप्तचर फोर्ट जाते थे यहां से, अब टूरिस्ट के लिए खोला जाएगा यह रास्ता

Sameer Garg | Last Modified - Nov 27, 2017, 01:13 PM IST

ग्वालियर. जिब्राल्टर कहा जाने वाला ग्वालियर फोर्ट। इस फोर्ट पर कब्जा करने के लिए कई राजा महीनों डेरा डालकर रहे, लेकिन जीत नहीं पाए। करीब 300 साल पहले राजाओं के जासूस एक गुप्त रास्ते से फोर्ट से निकलते थे और फिर दुश्मन की जानकारी लाते थे। अब इसी रास्ते को टूरिस्ट के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है। यह नया रास्ता घुमावदार है, जिससे टूरिस्ट को यहां एडवेंचर का अनुभव होगा। फोर्ट का नया रास्ता बनाने की तैयारी.....

-जमीन से 300 फीट ऊंचा ग्वालियर फोर्ट। इस अजेय दुर्ग को जीतने के लिए कई राजा महीनों तलहटी में पड़ाव डाले पड़े रहे, लेकिन जीत नहीं पाए। इस हार में फोर्ट पर शासन करने वाले राजाओं के जासूसों का बहुत योगदान रहता था।
-ये जासूस फोर्ट के एक गुप्त दरवाजे से नीचे आते थे और दुश्मन की टोह लेते हुए राजा को सूचनाएं देते थे। इस दरवाजे की जानकारी बहुत कम लोगों को होती थी।
-देश स्वतंत्र होने के बाद यह फोर्ट एक ऐतिहासिक महत्व की इमारत हो गई और टूरिस्ट इसे देखने आने लगे। वर्तमान में फोर्ट जाने के लिए केवल दो ही रास्ते हैं।

-एक रास्ता उरवाई गेट है, जहां से बस से लेकर कारें आती हैं। दूसरा रास्ता बादलगढ़ गेट का है, लेकिन यहां से टूरिस्ट केवल पैदल ही आ सकते हैं। व्हीकल्स के लिए यह रास्ता नहीं है।

गुप्तचर वाले रास्ते को टूरिस्ट के लिए खोलने की तैयारी
-कई बार उरवाई गेट पर वाहनों के जाम की स्थिति बन जाती है, जिसके कारण एक्सीडेंट होने की आशंका भी बनी रहती है। यह रास्ता वन वे है। इसलिए प्रशासन दूसरा रास्ता खोजने लगा।
-फोर्ट में जाने का एक दूसरा मिला और यह रास्ता गुप्तचरों के लिए इस्तेमाल होता था। जरुरत पड़ने पर राजा भी वेश बदलकर इसी रास्ते से प्रजा के बीच जाते थे।
-यह रास्ता फिलहाल बंद है, क्योंकि यहां से बदमाश किस्म के लोग फोर्ट में घुस जाते थे, जिससे परेशानियां बढ़ गई थीं, लेकिन अब इसी रास्ते को तैयार करके टूरिस्ट के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है।

घुमावदार रास्ता से फोर्ट तक जाएंगे टूरिस्ट
-इससे फोर्ट में आने-जाने के अलग-अलग रास्ते हो जाएंगे। यह रास्ता इतना बढ़िया है कि रोड बनाकर व्हीकल्स ऊपर जा सकते हैं। पहले इसी रास्ते से घोड़े भी जाते थे।
-बताया जा रहा है कि इस रास्ते के लिए नगर निगम, प्रशासन और पुरात्व विभाग के अफसरों ने प्लानिंग तैयार कर ली है और जल्दी ही फोर्ट में टू-वे रास्ता देखने को मिलेगा।

स्लाइड्स में है फोर्ट के और फोटोज.....

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Web Title: 300 saal baad khulegaaa is kile ka sikret raastaa, isliye nahi phunch paataa thaa koee
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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