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कोटा बैराज से राजस्थान ने नहरों में रोका पानी तो एमपी ने गांधी सागर से बंद की सप्लाई

dainikbhaskar.com | Last Modified - Nov 05, 2017, 08:59 AM IST

चंबल के पानी को लेकर एक बार फिर से राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच ठन गई है और नहरों में पानी नहीं आ रहा है।
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    चंबल की नहरों में कोटा बैराज से पानी आना बंद हुआ
    ग्वालियर.चंबल की नहरों में सिंचाई के लिए पानी छोड़ने को लेकर राजस्थान और मध्यप्रदेश के अफसरों में ठन गई है। राजस्थान ने कोटा बैराज से नहरों में पानी नहीं छोड़ा तो एमपी के अफसरों ने गांधी सागर बांध से सप्लाई बंद कर दी। इससे पूरे चंबल इलाके के किसानों की मुश्किल बढ़ गई हैं, क्योंकि रबी फसल के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। यह है मामला....
     
     
    -कोटा बैराज से 6 अक्टूबर को शुरू हुई चंबल मुख्य दाहिनी नहर के लिए सिंचाई विभाग ने क्षमता के अनुसार 3900 क्यूसेक पानी मांगा था। 
    -राजस्थान से नानुकर हुई तो 3000 से 3200 क्यूसेक पानी सप्लाई पर सहमति बन गई। इसके बाद कोटा बैराज से सबसे पहले 600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया और फिर धीरे-धीरे बढ़ाते हुए 2550 क्यूसेक तक ले गए । 
     
    एक हफ्ते पहले नहरों में पानी बंद हुआ
    -अक्टूबर के अंतिम हफ्ते में राजस्थान ने इससे ज्यादा  पानी छोड़ने से इंकार कर दिया। बस यहीं से दोनों राज्यों के बीच पानी को लेकर खींचतान शुरू हो गई। राजस्थान के अफसरों का कहना है कि एमपी ने गांधी सागर बांध से पानी सप्लाई बंद कर दी है।
    -इसके बाद राजस्थान ने चंबल नहर सिस्टम में पानी रिलीज करना बंद कर दिया और अब यह पानी 2500 क्यूसेक की बजाय 500 से भी कम हो गया है।
    -अफसरों का कहना है कि  गांधी सागर के बाद राणा सागर फिर जवाहर सागर और इसके बाद कोटा बैराज आता है। यहां से चंबल नहर में पानी रिलीज किया जाता है।  
     
    चंबल एरिया में रबी फसल पर संकट
    -कोटा बैराज से अगर पानी नहीं मिला चंबल एरिया में रबी की फसल को नुकसान पहुंचना तय है। श्योपुर से सबलगढ़ तक  169 किलोमीटर लंबी चंबल मुख्य दाहिनी नहर में पानी नहीं चलेगा तो मुश्किलें बढ़ जाएंगी। 
    -120 किलोमीटर क्षेत्र में राजस्थान भी करता है पानी का उपयोग 
    श्योपुर  के लिए चंबल नहर में पानी छोड़ने के बाद करीब 120 किलोमीटर क्षेत्र में राजस्थान के हिस्से में आने वाले गांव भी इस पानी का उपयोग करते हैं तब कहीं पार्वती एक्वाडेक्ट पर बड़ौदा के पास  आता है। 
    -इसके बाद वह श्योपुर से भिंड के टेल एंड तक किसानों को पलेवा और सिंचाई के लिए भेजना होता है। किसानों की बात पर भरोसा करें तो अभी तक सिर्फ 20 हजार हेक्टेयर में किसान पलेवा के लिए पानी ले पाए हैं।  

     माइनर में पानी छोड़ना कराया बंद 
    -सिंचाई विभाग श्योपुर के अफसरों ने भिंड-मुरैना के दबाव में चंबल मुख्य दाहिनी नहर से जुड़ी यहां की 27 नहरों में 26 नहरों में पानी देना बंद कर दिया है। सिर्फ एक माइनर नहर में पानी दे रहे हैं।
    -कोटा बैराज पर तैनात सिंचाई विभाग के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर नवीन गौड़ का कहना है कि  चंबल नहर के लिए तीन हजार क्यूसिक पानी मांगा था लेकिन राजस्थान ने नहीं दिया तो दबाव बनाने के लिए हमें गांधी सागर से पानी बंद कराना पड़ा है।
     
     
    स्लाइड्स में है इस मामले के फोटोज.........
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    राजस्थान सरकार नियंत्रित करती है इस कोटा बैराज डैम को
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    चंबल नदी पर बने गांधी सागर डैम का कंट्रोल मध्य प्रदेश के हाथ में है
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    चंबल नहर सिस्टम से पूरे चंबल के मुरैना, भिंड और श्योपुर तक पानी आता है
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    पानी नहीं आया तो रबी फसल पर संकट होगा
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Web Title: Rajasthan Stopped Canals From Kota Barrage,
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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