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गांव की महिलाओं ने एकजुट हो शराब पीने पर पुरुषों का घर में खाना सोना किया बंद

dainikbhaskar.com | Last Modified - Nov 06, 2017, 08:38 AM IST

गांव की महिलाओं ने 4 महीने एकजुट हो संघर्ष किया और आखिरकार गांव भर के पति-बेटे व दूसरे पुरुषों की शराब छुड़वा दी।
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    इन महिलाओं ने खत्म की शराबनोशी
    ग्वालियर. शराब के नशे में मारपीट, घर में हंगामे से निपटने के लिए गांव की महिलाओं ने न तो घर छोड़ा और इस अत्याचार के सामने सिर झुकाया, बल्कि सभी एकजुट हुईं और ग्रुप बनाकर शराबखोरी से जंग लड़ी। इनके 4 महीने के संघर्ष के आगे आखिरकार गांव के पति-बेटे व दूसरे पुरुषों की शराब छुड़वा दी। एक जुट होकर लड़ी शराबखोरी के खिलाफ जंग.....

    - ग्वालियर के उटीला, हस्तिनापुर और आस पास के गांवों की आदिवासी महिलाएं अपने परिवार के पुरुष सदस्यों की शराबखोरी त्रस्त हो चुकी थीं। आखिरकार उन्होंने एकजुट होकर संघ बनाया और शराबखोरी से जंग का फैसला कर लिया। महिलाओं के संघर्ष की जानकारी हुई तो पंचायत प्रशासन ने भी उनका साथ दिया।
    - महिलाओं ने सबसे पहले अपने परिवार के पुरुष सदस्यों के जेब खर्च पर लगाम कसी। पति, बेटा दूसरे पुरुष जो भी पैसा कमाकर लाते, उसे महिलाएं अपने हाथ में लेने लगीं।
    - शुरुआत में पुरुषों ने पैसा घर तक लाना बंद कर दिया तो जवाब में महिलाओं ने उनका घर में खाना-पीना और सोना बंद कर दिया। ये हथियार कारगर रहा और पुरुषों ने कमाई घर की महिलाओं को सौंपना शुरू कर दिया।
    शराब माफिया से पहले अनुरोध किया फिर दी चेतावनी
    उटीला, हस्तिनापुर, बंधा, सौंसा व आसपास की ग्राम पंचायतों में अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ पहले पुलिस में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
    - इसके बाद महिलाओं का ग्रुप शराब माफिया के परिजन से मिला। उनसे अनुरोध किया कि उनकी बेची अवैध शराब से हमारे घर-परिवार बर्बाद हो रहे। उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर ये धंधा बंद नहीं किया तो उनके सारे ठिकाने उजागर कर इनके खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद अधिकांश जगहों पर अवैध शराब की बिक्री भी बंद हो गई।
    - महिलाओं ने जब शराब के खिलाफ मुहिम शुरू की तो सबसे बड़ा पहलू यह सामने आया कि बिना प्रशासनिक दबाव के शराब पर लगाम नहीं लग सकती। जिसके लिए महिलाओं ने उटीला के सरपंच से संपर्क किया और उन्हें अपनी समस्या बताकर उनके साथ अफसरों के पास चलने को कहा।
    - महिलाओं का यह ग्रुप कलेक्टर, एसपी और थाना प्रभारी तक से मिला। जिससे ग्रामीण क्षेत्र के पुलिस अफसरों पर दबाव बना और अवैध शराब बिक्री पर लगाम कसी गई।
    - उटीला, हस्तिनापुर में शराब का ठेका नहीं है, लेकिन यहां से नजदीक टिहौली गांव में देशी शराब का ठेका चल रहा था, और इन दोनों गांव के कुछ लोग यहां से शराब लाकर महंगे दामों में बेचते थे।
    - टिहौली के सरपंच महिलाओं के ग्रुप के आग्रह पर इस ठेके को बंद करने का प्रपोजल पंचायत पारित कर जनपद, जिला पंचायत और कलेक्टर के पास पहुंचा दिया। हालांकि अब इस प्रपोजल पर अब तक प्रशासनिक कार्रवाई की इंतजार है।
    स्लाइड्स में हैं आदिवासी महिलाएं, 4 महीने संघर्ष कर छुड़ाई गांव के पुरुषों की शराब....
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    4 महीन संघर्ष कर छुड़ाई पुरुिषों की शराब
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Web Title: Tribal Women Collectively Struggles And Succeed To Ban Drinking
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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