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15 दिन पंचायत भवन में 20 गायों को बंद रखा, भूख-प्यास से सभी की मौत

6 महीने पहले
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छितीपुर पंचायत भवन मृत गाय का शव वहीं सड़ गया।
  • अमानवीयता छितीपुर गांव में अब सरपंच -सहायक सचिव और ग्रामीण एक-दूसरे को ठहरा रहे जिम्मेदार
  • थनरा पंचायत में पांच माह में गोशाला का काम पूरा हो जाता तो इतनी गायों की जान नहीं जाती

दिनारा/शिवपुरी। करैरा जनपद की ग्राम पंचायत छितीपुर में आवारा गायों को पंचायत भवन की बाउंड्रीवाल के अंदर बंद कर ताला जड़ दिया। भूख और प्यास से गायों ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। गायों की मौत होने के बाद पंचायत सरपंच-सहायक सचिव और गांव वाले एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह आवारा गोवंश किसानों की फसल नष्ट कर रहे थे इसलिए इन्हें बंद किया गया।

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दिनारा थाना क्षेत्र के ग्राम छितीपुर में कुशाभाऊ ठाकरे पंचायत भवन में करीब 20 गायों को बंद कर दिया। गायों को चारे-पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई। करीब 15 दिनों में गायों की भूख-प्यास से एक-एक करके मौत होती चली गई। ग्रामीणों गायों की मौत के लिए सरपंच और सचिव को जिम्मेदार ठहराया है। गांव के लोगों ने बताया कि पंचायत भवन की चाबी गांव के सरपंच-सचिव के पास रहती है, फिर पंचायत भवन के अंदर बिना सरपंच सचिव की इजाजत के कौन गोवंश को अंदर कैद कर सकता है। 8 किमी दूर थनरा ग्राम पंचायत में गोशाला मंजूर हुई है। 25 सितंबर को कांग्रेस विधायक जसमंत जाटव ने गोशाला का भूमिपूजन किया था। लेकिन 5 माह में भी गोशाला का काम पूरा नहीं किया जा सका। 

सरपंच और सचिव ने झाड़ा पल्ला

  • छितीपुर पंचायत के सरपंच शिमला रामनिवास लोधी का कहना है कि उन्होंने ग्रामीणों से मैंने मना किया था कि पंचायत भवन में गायों को बंद मत करना। कहा था कि आप रस्सों से आवारा गोवंश को अपने-अपने घर बांध लेना और चारा पानी देते रहना। लेकिन उन्होंने रात में पंचायत भवन का ताला तोड़कर कर गोवंश को बाउंड्रीवाल के भीतर बंद कर दिया। इसमें हमारा कोई कसूर नहीं है।
  • सहायक ग्राम पंचायत सचिव वेदव्यास का कहना है कि छितीपुर ग्रामपंचायत भवन में हमारी कोई गलती नहीं है। ग्रामीणों ने गेट का ताला तोड़कर गोवंश को अंदर बंद कर दिया। इसके बाद उन्हें खाना-पीना भी नहीं दिया। इस कारण उनकी मौत हो गई। इसमें हमारी कुछ गलती नहीं है।

एक साल बाद भी 30 में से सिर्फ 5 गोशालाएं ही चालू
जिले में वर्ष-2019 में कमलनाथ सरकार ने 30 गोशालाएं मंजूर की थीं। जिसमें से अभी तक सिर्फ 5 निजामपुर, बामौरकला, गूडर, मायापुर और मायापुर में गोशालाओं में पशु रखे जा रहे हैं। अन्य गोशालाएं देरी से बनने की वजह से चालू नहीं हो पाईं हैं। साल 2020 में 100 नई गोशालाएं मंजूर हुईं हैं। हर विस में 20-20 गोशालाएं बनना हैं।



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