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SC-ST एक्ट का विरोध / कथावाचक देवकीनंदन आगरा से गिरफ्तार, समर्थकों की भीड़ बढ़ी तो ढाई घंटे बाद छोड़ा



Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 10:42 AM IST

ग्वालियर। एससी-एसटी एक्ट में केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधन के खिलाफ देशभर में आंदोलन शुरू करने वाले कथावाचक एवं अखंड इंडिया मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवकीनंदन ठाकुर को आगरा पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी एक होटल से प्रेस काॅन्फ्रेंस के दौरान की गई। 

 

 

पुलिस का तर्क है कि आगरा में धारा 144 लगी हुई है और देवकीनंदन ठाकुर ने इसका उल्लंघन किया था। गिरफ्तारी के बाद मुचलके पर उन्हें शाम को रिहा कर दिया गया। वहीं देवकीनंदन ठाकुर का कहना है कि मैंने किसी प्रकार से कानून का उल्लंघन नहीं किया। इस आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है, ये लोकतंत्र की हत्या है। रिहा होने के बाद देवकीनंदन ठाकुर मथुरा वापस चले गए।
 
कमरे में रखा बंद, भीड़ बढ़ने पर किया रिहा

 

देवकीनंदन ठाकुर की मंगलवार को आगरा के खंदौली में सभा होनी थी। लेकिन अनुमति न मिलने के कारण इसे निरस्त कर दिया गया। तब दोपहर 2 बजे उनकी प्रेस कांफ्रेंस रखी गई। करीब 2.30 बजे एएसपी अभिषेक सिंह पुलिसबल के साथ होटल पहुंच गए और देवकीनंदन ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार देवकीनंदन के साथ उनके समर्थक भी बस में चढ़ गए। इन सभी को पुलिस लाइन ले जाया गया। वहां एक कमरे में सभी को बंद रखा गया और देवकीनंदन ठाकुर के समर्थकों की भीड़ व तनाव बढ़ने पर पुलिस ने शाम 5 बजे के बाद धारा 151 में मुचलका भरवा कर सभी को रिहा किया। वहीं सर्व समाज संघर्ष समिति के अध्यक्ष मुरारीलाल गोयल ने कहा कि सरकार तानाशाह रवैया अपना रही है। जिसका खामियाजा भुगतना होगा। इस एक्ट की आड़ में कोई समाज अत्याचार सहन नहीं करेगा। 

 

क्या बोले जिम्मेदार

 

आगरा में धारा 144 लगी हुई है और देवकीनंदन ठाकुर की प्रस्तावित सभा को अनुमति नहीं दी गई थी। फिर भी भीड़ के साथ मौजूद रहकर कानून का उल्लंघन कर रहे थे। शांतिभंग के मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया था और बाद में रिहा कर दिया गया। 

अमित पाठक, एसएसपी/ आगरा 

 

- सरकार व प्रशासन न्याय के इस आंदोलन को दबाना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होगा। मंगलवार को आगरा में जो कुछ हुआ, वो लोकतंत्र की हत्या है। क्योंकि, लोकतंत्र में सभी लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार है और सरकार हमें इसी से रोक रही है। 
- देवकीनंदन ठाकुर

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