हादसा / तेज रफ्तार ट्रैक्टर नहर में गिरा, लिफ्ट लेकर परीक्षा देने जा रहे 10वीं के दो छात्र व ड्राइवर की मौत



Due to high speed tractor canal, two students  and driver dies
X
Due to high speed tractor canal, two students  and driver dies

  • महाराजपुरा के बेहटा गांव की पुलिया पर भैंस को बचाने के प्रयास में हादसा

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 03:26 AM IST

ग्वालियर . सामने से आ रही भैंस को देख ड्राइवर ने ब्रेक लगाया तो तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्राली बेकाबू होकर पांच फीट गहरी नहर में जा गिरी। हादसे में ड्राइवर सहित 10 वीं के दो छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है। हादसा बुधवार सुबह 11 बजे महाराजपुरा के बेहटा गांव की पुलिया पर हुआ।

 

मरने वाले दो छात्र अजीत राजपूत व आकाश राजपूत और ड्राइवर हरिशंकर शुक्ला बेहटा के पास सूरोंं गांव के रहने वाले थे। दोनों छात्र घर से करीब 5 किलोमीटर दूर बने स्कूल में प्री बोर्ड परीक्षा देने  पैदल जा रहे थे। रास्ते में गांव का ट्रैक्टर मिला तो उसे हाथ देकर रोका और सवार हो गए। जिस जगह हादसा हुआ, वह स्कूल से महज 500 मीटर की दूरी पर है।

 

ग्राम सूरों के श्रीकृष्ण पचौरी ने गांव में ही बने विष्णु मंदिर में भागवत कराई थी। मंगलवार को भंडारा था। मंदिर की देखरेख सूरों निवासी हरिशंकर पुत्र रामेश्वर शुक्ला (32) करते हैं। भंडारे का कुछ सामान बचा था, जिसे श्रीकृष्ण के मुरार स्थित घर पर पहुंचाना था। श्रीकृष्ण ने अपना ट्रैक्टर हरिशंकर को दिया और सामान घर पर रखने के लिए भेज दिया। ट्रॉली में सामान रखा हुआ था। बिजौली का रहने वाला रामसेवक पुत्र रामभरोसे कटारे भी आया था। ट्रैक्टर मुरार जा रहा था, इसलिए वह भी ट्रैक्टर में सवार हो गया।

 

हरिशंकर ट्रैक्टर लेकर रवाना हुआ। रास्ते में 10 वीं के छात्र अजीत पुत्र बालाराम राजपूत (16) और आकाश पुत्र वीरेंद्र राजपूत (16) मिले। ये दोनों रिश्ते में भाई थे।  बेहटा पुलिया के पास दोनों ने हाथ देकर ट्रैक्टर रोका तो हरिशंकर ने दोनों को बैठा लिया। पुलिया पर अचानक सामने से भैंसें आ गईं। हरिशंकर ने ब्रेक लगाया तो तेज रफ्तार ट्रैक्टर बहका और पुलिया की दांयीं ओर पलटकर नहर में  जा गिरा। इससे उस पर सवार चारों लोग उसमें फंसे हुए पानी में डूब गए। इनमें से तीन की मौत हो गई  जबकि रामसेवक का सिर पानी के बाहर निकला दिखा तो  गांव वालों ने लपक कर उसे पकड़ लिया। उसे बाहर निकालने के बाद इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। 
 

 

 

4-4 लाख की आर्थिक मदद: प्रशासन की तरफ से मौके पर पहुंचे आरआई और पटवारी ने मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की मदद देने की घोषणा की। रामसेवक कटारे का  आधा शरीर ट्रैक्टर के नीचे फंसा हुआ था। उसका मुंह पानी से बाहर निकला था। गांव में रहने वाले लक्ष्मण सिंह ने उसका सिर हाथ से पकड़ लिया। डेढ़ घंटे तक वह उसे पकड़े खड़ा रहा। जब क्रेन आई तो ट्रैक्टर उठाकर रामसेवक को निकाला गया।  

COMMENT