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ग्वालियर: मिट्‌टी की गणेश मूर्तियों को बेचने से हुई आय अनाथ बालिकाओं पर करेंगी खर्च

मूर्तिकार राव ने हर उम्र के लोगों के लिए प्रशिक्षण शिविर शनिवार से शुरू किया, जो प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक चलेगा

Danik Bhaskar | Sep 10, 2018, 03:38 AM IST

ग्वालियर. शारदा बालग्राम में रहने वाली बच्चियों को मूर्तिकार इंदु राव मिट्‌टी के गणपति बनाने का प्रशिक्षण दे रही हैं। इन बच्चियों द्वारा जो मूर्तियां बनाई गई हैं, उन्हें बेचा जाएगा और इससे होने वाली आय को इन्हीं बच्चियों पर खर्च किया जाएगा।
इसके साथ ही मूर्तिकार राव ने मेला ग्राउंड के पीछे स्थित 6. त्रिमूर्ति नगर में हर उम्र के लोगों के लिए प्रशिक्षण शिविर शनिवार से शुरू किया है, जो प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक चलेगा। प्रशिक्षण 12 सितंबर तक दिया जाएगा। इंदु का कहना है कि वे मूर्तियों के निर्माण के दौरान ही फल व फूल के बीज डाल देती हैं, जिससे मूर्ति को विसर्जित करने के बाद भगवान के प्रसाद के रूप में लोगों को पौधे मिल सकें। मूर्तिकार इंदु राव मिट्टी के गणेश जी बनाने का प्रशिक्षण दे रही हैं।

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दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर कल से : मिट्टी के गणेश जी की प्रतिमा बनाने का प्रशिक्षण सोमवार और मंगलवार को रॉक्सीपुल के पास स्थित कृष्णराव पंडित जी की गली, सैलार की गोठ में दिया जाएगा। प्रशिक्षण दोपहर 12 से 3 बजे तक दिया जाएगा। यहां पर मूर्तिकार नम्रता तोमर बच्चों को मिट्टी की गणेश प्रतिमा बनाने का प्रशिक्षण देंगी। नम्रता ने दो साल पहले मिट्टी के गणेश जी की प्रतिमा बनाने का प्रशिक्षण देना शुरू किया था। पहले उन्होंने गणेश प्रतिमा बनाने का प्रशिक्षण ऑनलाइन दिया था। इसके बाद वे हर साल घर के आस-पास रहने वाले बच्चों को मिट्टी की गणेश जी की प्रतिमा बनाने का प्रशिक्षण दे रही हैं। फिलहाल नम्रता के घर के पास रहने वाले करीब एक दर्जन बच्चे मिट्टी की गणेश प्रतिमा बनाने की प्रशिक्षण ले रहे हैं।

25 बच्चों ने लिया मूर्ति बनाने का प्रशिक्षण : महापौर विवेक नारायण शेजवलकर के निवास पर रविवार को मिट्टी की गणेश प्रतिमा बनाने की कार्यशाला में मूर्तिकार मुकुंद केतकर ने 25 बच्चों को प्रतिमा बनाने का प्रशिक्षण दिया। इस दौरान श्री केतकर ने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोगों को पीओपी की मूर्तियों का उपयोग नहीं करना चाहिए। इससे पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।