मप्र / दो बोरी खाद के लिए 12 घंटे लाइन में लग रहे हैं किसान

Farmers are taking 12 hours in line for two sacks of manure
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Farmers are taking 12 hours in line for two sacks of manure
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Farmers are taking 12 hours in line for two sacks of manure

Dainik Bhaskar

Dec 03, 2019, 07:57 AM IST

भास्कर न्यूज नेटवर्क | मौसम में आए बदलाव के बाद यूरिया की डिमांड अचानक और बढ़ गई है। प्रदेशभर में यूरिया के लिए किसानों को खेती छोड़ सुबह से शाम तक वितरण केंद्रों पर घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। कई स्थानों पर बंदूक के साए में यूरिया बंट रहा है। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त यूरिया नहीं मिल पा रहा है। इसे लेकर किसानों में रोष भी व्याप्त है। यूरिया संकट को लेकर प्रदेश के कुछ शहरों की स्थिति बयां करती तस्वीरें। प्रदेश में ऐसी स्थिति काफी दिनों से बनी हुई है।

गुना | कई किसान रविवार देर रात 2 बजे से मंडी के केंद्र पर नंबर लगा चुके थे, सुबह उन्हें बताया गया कि पुरानी मंडी में निजी दुकान से भी यूरिया मिलेगी। वे 3 किमी दूर उक्त दुकान के सामने लाइन लगाकर खड़े हो गए। सुबह 10 बजे दुकान खुली तो दुकानदार ने कहा यूरिया नहीं आई। इस पर किसान फिर नानाखेड़ी मंडी पहुंचे। इस दौरान वहां करीब 500 से अधिक लोगों की लाइन फिर लग चुकी थी, जिनके पीछे उन्हें दोबारा खड़ा होना पड़ा।

सिरोंज |  मार्कफेड गोदाम के बाहर सुबह 6 बजे से ही किसानों की कतार लगने लगी थी। 10 बजे हालात ऐसे हो गए कि किसान समझ नहीं पा रहे थे कि कतार में लगने के बाद भी उन्हें यूरिया मिलेगा या नहीं। शाम 5 बजे बाद कई किसानों को बिना यूरिया लिए ही लौटना पड़ा।

10 दिनों में दो लाख मीट्रिक टन यूरिया किसानों तक पहुंचाया जाएगा : यादव

भोपाल |  कृषि मंत्री सचिन यादव ने कहा कि राज्य में यूरिया की पर्याप्त व्यवस्था है और आने वाले दस दिनों में एक से दस दिसंबर तक दो लाख मीट्रिक टन यूरिया प्रदेश के विभिन्न जिलों में पहुंचाया जाएगा। इसको लेकर किसानों को चिंतित होने की ज़रुरत नहीं है। यादव यहां सोमवार को मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अक्टूबर नवंबर में पिछले वर्ष की तुलना में एक लाख 20 हजार मीट्रिक टन यूरिया अधिक विक्रय करने का काम किया गया है और एक से दस दिसंबर तक विभिन्न जिलों में दो लाख मीट्रिक टन यूरिया पहुंचाने का काम किया जाएगा। राज्य में यूरिया की पर्याप्त व्यवस्था है। किसानों को चिंतित होने की ज़रुरत नहीं है, उन्हें मांग के अनुसार यूरिया मिलेगा। कृषि मंत्री ने केंद्र पर मध्यप्रदेश के साथ सौतेला व्यवहार किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि चाहे यूरिया का मामला हो, अतिवृष्टि से नुकसान, या फिर अन्य योजनाओं को लेकर मिलने वाली राशि का मामला हो, सभी मामलों में केन्द्र द्वारा सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा इस वर्ष अत्यधिक वर्षा के मद्देनजर रबी की फसल की बोनी के बढ़े रकबे की अाकांक्षा के तहत केंद्र से 18 लाख मीट्रिक टन यूरिया की मांग की गई थी, लेकिन केंद्र ने 15 लाख 40 हजार मीट्रिक टन यूरिया प्रदाय करने को मंजूरी दी, जिससे प्रदेश में 2 लाख 60 हजार मीट्रिक टन यूरिया की कमी है। यूरिया के वितरण काे लेकर सिस्टम में बदलाव किया गया है। इसके तहत 80 फीसदी यूरिया सोसायटी के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया जाएगा। अब सिर्फ 20 फीसदी यूरिया ही निजी दुकानों को दिया जाएगा।

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