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किसान ने कर्ज लेकर 2 महीने पहले चौथी बेटी की शादी की थी, चिंता में बिजली के तार पकड़कर दी जान

आमदनी कम होने की वजह से किसान ने बेटियों की शादी करने लोगों से 7-8 लाख रुपए का कर्ज लिया था।

Bhaskar News | Last Modified - Jun 14, 2018, 08:42 AM IST

किसान ने कर्ज लेकर 2 महीने पहले चौथी बेटी की शादी की थी, चिंता में बिजली के तार पकड़कर दी जान

दतिया(मध्यप्रदेश). पचोखरा गांव में 8 लाख रुपए के कर्ज में दबे 7 बेटियों के किसान पिता ने अपने खेत पर करंट का तार पकड़कर आत्महत्या कर ली। किसान के पास 4 बीघा जमीन है, जिसका बाजार मूल्य करीब 3 लाख है।जानकारी के अनुसार लालाराम (42) जाटव, पचोखरा बुधवार सुबह 6 बजे घर के सामने खेत पर बने कुएं पर चला गया। किसान की छोटी बेटी रागिनी घर से बाहर निकली तो उसने देखा कि उसके पिता करंट के तार से चिपककर छटपटा रहे हैं। यह देखकर उसने शोर मचाकर परिजन को बुलाया। लालाराम को भाई राधेश्याम व बेटी का नंदोई धर्मेंद्र उठाकर अस्पताल ले गए जहां उसकी मौत हो गई।

पत्नी ने कहा-रोज कहते थे, कैसे चुकाऊंगा इतना सारा कर्ज

- लालाराम की मौत के बाद बुधवार को गांव में सन्नाटा पसरा रहा। गांव के नुक्कड़ व तिराहे पर लोग इस घटना की चर्चा करते हुए सिर्फ यही कह रहे थे कि हंसमुख लालाराम ऐसा कदम उठा लेगा, सोचा न था। वहीं पोस्टमार्टम के बाद जब लालाराम का शव घर पहुंचा तो पत्नी व बेटियां उससे लिपटकर रोते हुए कह रही थीं कि अब हम लोग किसके सहारे जिएंगे।
- लालाराम के सात बेटियां हैं। सबसे बड़ी तीन बेटियों रीमा, प्रीती, आरती की वह शादी कर चुका है। आरती शादी उसने 19 अप्रेल को ही की थी। चूंकि लालाराम के पास सिर्फ चार बीघा जमीन है, जिसमें सिर्फ खाने-पीने लायक ही अनाज हो पाता है।

बेटी की शादी के लिए गांव के लोगों से लिया 7-8 लाख रुपए का कर्ज
आमदनी कम होने की वजह से लाला राम ने बेटियों की शादी करने के लिए गांव के लोगों से 7-8 लाख रुपए का कर्ज लिया था। अभी चार बेटियां संतोषी, रक्षा, ज्योति और रागिनी उसके साथ घर में रहती हैं। इनमें से संतोषी व रक्षा शादी लायक हो चली हैं। इन दोनों बेटियों की शादी वह कैसे करेगा, इसकी चिंता में वह डूबा रहता था।

अस्पताल में जिसने भी बेटियों को रोते देखा, उसकी आंखें नम हो गईं
- इधर लालाराम की पत्नी रामरती का कहना है कि तीन बेटियां तो शादी के बाद अपने ससुराल में रह रही हैं लेकिन चार बेटियां और पत्नी लालाराम पर ही आश्रित थीं। इन बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया। पिता की मौत के बाद बेटियां दहाड़े मारकर रो रही थीं।

- पत्नी रामरती के रो रोकर आंसू सूख चुके थे। वह यही कह रही थी कि आखिर मैंने ऐसा कौन सा गुनाह किया जो भगवान ने मुझे और मेरी बेटियों को इतनी बड़ी सजा दी। उनको उठाने से पहले मुझे क्यों नहीं उठा लिए। बेटियों और पत्नी के रोने की आवाज सुनकर पूरा अस्पताल प्रांगण गमगीन हो रहा था।


बेटी का ननदोई बोला-कर्ज ने ले ली लालाराम की जान
लालाराम की बेटी आरती का ननदोई धर्मेंद्र जाटव उसके पड़ौस में ही रहता है। बकौल धर्मेंद्र-लालाराम कर्ज की वजह से परेशान था। इसलिए उसने जान-बूझकर बिजली के तार पकड़ लिए। कई दिनों से वह कुछ गुमसुम सा दिखाई दे रहा था लेकिन हमें ऐसा अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा। अब उसकी बेटियों का क्या होगा।


भाई का दावा-यह आत्महत्या नहीं, दुर्घटना है
इधर इस पूरी घटना के इतर लालाराम के भाई राधेश्याम का दावा है कि लालाराम आत्महत्या नहीं कर सकता। यह महज एक हादसा है। वह तो सुबह खेत पर ट्यूबवैल चालू करने गया था, कर्ज जैसी कोई बात नहीं है। यहां बता दें कि करंट या दुर्घटना में मौत होने पर शासन द्वारा चार लाख रुपए सहायता राशि के रूप में दिए जाते हैं।

जांच के बाद स्पष्ट होगी हकीकत

एसआई प्रियंका यादव के मुताबिक, मृतक के भाई राधेश्याम ने थाने आकर बताया कि उसका भाई लालाराम सुबह ट्यूबवेल चलाने गया और करंट लग गया जिससे मौत हो गई। अभी मर्ग कायम कर लिया है। जांच के बाद भी मौत का सही कारण पता चलेगा ।

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Web Title: kisaan ne karj lekar 2 mhine pehle chauthi beti ki shaadi ki thi, chintaa mein bijli ke taar pkड़kar di jaan
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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