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पति-पत्नी हुए एक, दादी तैयार-पौत्रों के नाम कराएंगी एफडी

Gwalior News - आमतौर पर लोक अदालत में मोटर क्लेम, क्रिमिनल अपील, बिजली चोरी व अन्य मामले निराकृत होते हैं। लेकिन शनिवार को आयोजित...

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 03:37 AM IST
Gwalior News - fdi will be named after husband and wife
आमतौर पर लोक अदालत में मोटर क्लेम, क्रिमिनल अपील, बिजली चोरी व अन्य मामले निराकृत होते हैं। लेकिन शनिवार को आयोजित लोक अदालत में इन मामलों के अलावा कुछ ऐसे पारिवारिक मामले भी सुलझे जो मामूली विवाद के कारण कोर्ट में लंबित थे। एक मामले में 9 माह से अलग रह रहे पति-प|ी, बेटी की अच्छी परवरिश की खातिर साथ रहने के लिए तैयार हो गए तो दूसरे मामले में भाइयों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कराने वाले युवक ने कोर्ट में माफी मांगते हुए मामला खत्म करने की गुहार लगाई। एक अन्य मामले में आठ साल से संपत्ति को लेकर दादी और पोतों के बीच चल रहे मामले में भी समझौता हो गया। इस तरह हाईकोर्ट में कुल 349 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसमें मोटर दुर्घटना क्लेम की अपील में पक्षकारों को लगभग दो करोड़ ग्यारह लाख रुपए की अतिरिक्त राशि दी गई। जबकि जिला न्यायालय में 663 प्रकरण निपटाए गए। इसमें कुल 7,79,58,959 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। वहीं प्री-लिटिगेशन में भी 1817 प्रकरण निराकृत हुए। इसमें 2,73,69,083 रुपए अवार्ड पारित किया गया।

हाईकोर्ट में लगी लोक अदालत में बैठे जस्टिस।

भाई ने माफी मांगी, कहा- नशे में की थी रिपोर्ट

बंशीपुरा निवासी विजय ने मुरार थाने में अपने भाई अरुण और भरत के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आज हुई सुनवाई में भाई ने षष्टम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 के सामने माफी मांगते हुए कहा कि घर पर शराब पीकर आने के कारण दोनों भाइयों ने पिटाई कर दी थी। नशे की स्थिति में थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लेकिन अब गलती का एहसास हो रहा है। इस पर कोर्ट ने मामला खत्म कर दिया।

बेटी के लिए फिर साथ हुए पति-प|ी

ग्वालियर के विजय कुमार ने कुटुंब न्यायालय में दावा पेश किया, कहा कि प|ी साथ नहीं रहती। अप्रैल 2017 में शादी के बाद से ही प|ी छोटी-छोटी बात पर क्लेश करती है। कोर्ट ने प|ी को तलब किया। प|ी ने पति पर खर्चा न देने और देखभाल न करने का आरोप लगाया। आज हुई सुनवाई में प|ी 20 दिन की बेटी के साथ आई। पीठासीन अधिकारी हितेंद्र सिंह सिसौदिया ने समझाया कि छोेटी-छोटी बातों को तूल देने से बच्ची की परवरिश अच्छे से नहीं होगी। इसके बाद दोनों साथ रहने के लिए मान गए।

दादी के प्लॉट पर दावा छोड़ेंगे पौत्र

पार्वती बाई के खिलाफ उनके तीन पौत्रों (नाबालिग) ने दावा पेश किया था। पौत्रों के वकील ने तर्क दिया कि कोटेश्वर स्थित गहोई कॉलोनी में जो प्लाॅट है, उसमें उनके स्वर्गीय पिता का भी हिस्सा है। जबकि दादी का तर्क था कि उनका बेटा निधन से पहले हक त्याग का पत्र उनके पक्ष में लिखकर गया था। हाईकोर्ट में जस्टिस संजय यादव की अध्यक्षता वाली पीठ में आज मामले की सुनवाई में सहमति बनी कि दादी अपने पौत्रों के नाम से 2-2 लाख रुपए की एफडी कराएंगी और पौत्र प्लॉट पर दावा छोड़ देंगे।

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