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मध्य प्रदेश / डाक विभाग की गोल्ड बांड योजना फ्लाॅप हुई, रुचि नहीं ले रहे ग्राहक



government gold bond investment scheeme flop
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government gold bond investment scheeme flop

  • टारगेट पूरा नहीं कर पा रहे हैं पोस्ट मास्टर्स
  • नहीं जानकारी, कितना पैसा वापस मिलेगा

Dainik Bhaskar

Dec 08, 2018, 04:15 PM IST

ग्वालियर। पोस्टल डिपार्टमेंट द्वारा अप्रैल 2018 में लागू की गई गोल्ड बांड योजना में ग्राहक रुचि नहीं ले रहे हैं। सोने के बाजार भाव पर आधारित इस योजना में मैच्योरिटी के बाद मिलने वाली रकम का खुलासा न होने से लोग इसमें निवेश करने से बच रहे हैं। इसका खामियाजा पोस्ट मास्टर्स व स्टाफ को उठाना पड़ रहा है। 

महाराजा बाड़ा स्थित मुख्य डाकघर में धनतेरस के बाद से केवल 83 ग्राम के गोल्ड बांड ही बिके हैं, जबकि इस डाकघर को 500 ग्राम के गोल्ड बांड बेचने का टारगेट मिला था। जयेद्रगंज डाकघर, स्टेशन डाकघर को 100 ग्राम के गोल्ड बांड बेचने का टारगेट मिला, लेकिन दीपावली के बाद से गोल्ड बांड बिके ही नहीं हैं। अफसरों काे उम्मीद थी कि दीपावली पर गोल्ड बांड बिकेंगे लेकिन लोगों ने इस योजना में रुचि नहीं दिखाई। अफसरों के मुताबिक यदि इस योजना में सोने से बना कोई सिक्का या बिस्किट दिया जाता तो यह योजना काफी हद तक सफल हो सकती थी लेकिन गोल्ड बांड कागज का सर्टिफिकेट है। इस कारण दीपावली या धनतेरस जैसे अवसर पर लोगों ने इसे नहीं खरीदा। 

 

24 कैरेट गोल्ड का वर्तमान भाव 3133 रुपए प्रति ग्राम : गोल्ड बांड में एक ग्राम से लेकर चार किलोग्राम तक गोल्ड बेचने की योजना बनाई है। इसमें 24 कैरेट के एक ग्राम या उससे अधिक वजन के गोल्ड को बाजार भाव के हिसाब से बांड के रूप में लिया जा सकेगा। पाेस्टल डिपार्टमेंट इस योजना के लिए हितग्राही को अनुबंध लेटर, खरीदी सर्टिफिकेट देगा। न्यूनतम पांच साल में भी गोल्ड बांड सर्टिफिकेट के माध्यम से खरीदार इसे उस वक्त बाजार में चल रहे सोने के भाव में बेच सकेगा और रकम ले सकेगा। 

 

क्या है गोल्ड बांड योजना : गोल्ड योजना आठ साल के लिए है। इसमें आठ साल बाद उस समय के सोने के बाजार मूल्य के हिसाब से पैसा दिया जाएगा वहीं 2.50 प्रतिशत का ब्याज भी आपके निवेश पर मिलेगा। निवेश करने वाला व्यक्ति पांच साल बाद भी बांड काे कैश करा सकता है। इस योजना मंे बाजार रिस्क भी है। जब आपका बांड मैच्योर होगा उस समय अगर सोने का भाव कम होता है तो कम पैसा मिलेगा और ज्यादा है तो ज्यादा पैस मिलेगा। कुल मिलाकर यह योजना अन्य निजी कंपनियों की योजनाओं की तरह बाजार जोखिम के अधीन है। 

 

अप्रैल 2018 में शुरू हुई थी योजना: गोल्ड बांड योजना एक अप्रैल 2018 से देशभर में शुरू हो गई थी। इसके लिए एक निश्चित तिथि तय रहती है। इन्हीं तिथियों में कोई भी व्यक्ति इस योजना का लाभ ले सकता है। नवंबर 2018 में योजना की तिथि पांच से नौ नवंबर थी। दिसंबर 2018 में योजना की तारीख 24 से 28 दिसंबर रखी गई है। जनवरी 2019 में 14 से 18 जनवरी रखी गई है। 

 

चोरी होने का डर नहीं : पोस्टल डिपार्टमेंट द्वारा इस योजना के शुरू करने के पीछे का उद्देश्य यह था कि लोग घरों में गोल्ड रखने में डरते हैं। चोरी का डर हर समय बना रहता है। इसी कारण गोल्ड मूल्य के बांड खरीद कर घर में रखना हर व्यक्ति पसंद करेगा। 

 

हमने महाराजा बाड़ा स्थित डाकघर से 83 ग्राम गोल्ड बांड बेचे हैं। हमें 500 ग्राम गोल्ड बांड बेचने हैं। हम लोगों को इस योजना के लाभ बता रहे है, लेकिन अभी बांड लेने में कम ग्राहक ही इंट्रेस्ट दिखा रहे हैं।

बृजेश शर्मा, पोस्टमास्टर, महाराज बाड़ा डाकघर

 

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